
#हुसैनाबाद #पलामू #रामनवमी_तैयारी : शांतिपूर्ण व भव्य आयोजन को लेकर बैठक में बनी रणनीति।
पलामू जिले के हुसैनाबाद में रामनवमी पूजा को लेकर महावीर जी भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न अखाड़ा समितियों और पूजा समितियों के सदस्यों ने भाग लेकर जुलूस को शांतिपूर्ण और भव्य बनाने पर चर्चा की। मंगलवारी जुलूस और दसवीं की शोभायात्रा के सफल आयोजन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से सहयोग और अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
- महावीर जी भवन, हुसैनाबाद में रामनवमी को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित।
- दिनेश प्रसाद कश्यप की अध्यक्षता और संतोष कश्यप के संचालन में हुई बैठक।
- 37 अखाड़ा समितियों के शामिल होने की संभावना, गांधी चौक पर होगा जुटान।
- मंगलवारी जुलूस मंगलवार को और दसवीं शोभायात्रा 28 मार्च को निकलेगी।
- सभी समितियों को शांतिपूर्ण व अनुशासित आयोजन के लिए दिशा-निर्देश दिए गए।
हुसैनाबाद नगर में रामनवमी पर्व को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। इसी क्रम में स्थानीय महावीर जी भवन में रामनवमी पूजा महासमिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न अखाड़ा समितियों, दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजा समितियों समेत नगर के कई सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी जुलूसों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भव्य तरीके से संपन्न कराना था।
बैठक में बनी रणनीति और अहम निर्णय
बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जिला संघचालक दिनेश प्रसाद कश्यप ने की, जबकि संचालन संतोष कश्यप द्वारा किया गया। बैठक में नगर क्षेत्र के सभी प्रमुख पूजा समितियों और अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर आयोजन से जुड़ी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान यह तय किया गया कि मंगलवार को निकलने वाली मंगलवारी जुलूस तथा 28 मार्च को होने वाली दसवीं की शोभायात्रा को पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाएगा। इसके लिए सभी समितियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
जुलूस की रूपरेखा और आयोजन स्थल
विश्व हिंदू परिषद के हुसैनाबाद प्रखंड अध्यक्ष लोकनाथ केशरी ने जुलूस की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया:
लोकनाथ केशरी ने कहा: “श्रीरामनवमी जुलूस को भव्य और उत्साहपूर्ण बनाने के लिए सभी अखाड़ा समितियों को मार्गदर्शन दिया गया है।”
उन्होंने बताया कि मंगलवारी जुलूस में कुल 37 अखाड़ा समितियों के शामिल होने की संभावना है। सभी अखाड़ा समितियों का जुटान स्थानीय गांधी चौक पर किया जाएगा। इसके बाद जुलूस महाबीर जी भवन पहुंचेगा, जहां आरती के पश्चात मंगलवारी जुलूस का समापन होगा।
वहीं, दसवीं की शोभायात्रा 28 मार्च (शनिवार) को निकाली जाएगी। इसकी शुरुआत भी महाबीर जी भवन से होगी और सभी अखाड़ा समितियों का जुटान गांधी चौक पर ही किया जाएगा। इस पूरे आयोजन का नेतृत्व श्रीरामनवमी पूजा महासमिति द्वारा किया जाएगा।
अखाड़ा समितियों को दिए गए दिशा-निर्देश
बैठक में मौजूद सभी अखाड़ा समितियों को जुलूस के दौरान अनुशासन बनाए रखने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया गया। आयोजकों ने यह भी कहा कि सभी प्रतिभागी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कार्यक्रम में भाग लें और धार्मिक सौहार्द बनाए रखें।
साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि जुलूस के दौरान मार्ग, समय और कार्यक्रम के क्रम का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि किसी प्रकार की असुविधा या बाधा उत्पन्न न हो।
बैठक में मौजूद प्रमुख लोग
इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर उपाध्यक्ष सुनील कुमार चौधरी, विक्कू कश्यप, पंकज गुप्ता, पूर्व नगर अध्यक्ष रामेश्वर राम, गौतम पटेल, मिंटू अग्रवाल, राजेंद्र पाल, प्रदीप कश्यप, देवेंद्र नाथ गुप्ता, दिना सोनी, राजकुमार कश्यप, उदय विश्वकर्मा, सोनू चंद्रवंशी, अक्षय सिंह, राजकुमार गुप्ता, आशू कुमार, प्रमोद प्रजापति, अजित कुमार, प्रदीप पटेल, शंभु कुमार, रजनीश कुमार, शुवपूजन गुप्ता समेत सैकड़ों की संख्या में नगर के अखाड़ा और पूजा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
सभी उपस्थित लोगों ने एकमत होकर रामनवमी के आयोजन को सफल और ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
न्यूज़ देखो: आयोजन में अनुशासन और एकता की बड़ी परीक्षा
हुसैनाबाद में रामनवमी को लेकर जिस तरह से पहले से तैयारी और रणनीति बनाई जा रही है, वह एक सकारात्मक संकेत है। इतने बड़े स्तर पर अखाड़ा समितियों की भागीदारी के बीच शांति और अनुशासन बनाए रखना प्रशासन और आयोजकों के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी। यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग की भी परीक्षा है। अब देखना होगा कि तय दिशा-निर्देशों का पालन जमीन पर किस हद तक हो पाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ जिम्मेदारी निभाएं, बनाएं सुरक्षित और प्रेरणादायक रामनवमी
रामनवमी केवल उत्सव नहीं, बल्कि अनुशासन, श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
जब हजारों लोग एक साथ किसी आयोजन में शामिल होते हैं, तो हर व्यक्ति की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
आपकी सजगता ही इस पर्व को सफल और सुरक्षित बना सकती है।
आइए, इस बार रामनवमी को सिर्फ भव्य नहीं बल्कि अनुशासित और आदर्श बनाएं।
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