#बरवाडीह #मैट्रिकपरिणाम : यशराज और तान्या ने उत्कृष्ट अंक हासिल कर बढ़ाया क्षेत्र का सम्मान।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में मैट्रिक परीक्षा 2026 में दो विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कुटमु निवासी यशराज कुमार और बरवाडीह की तान्या ने 82 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा साबित की। दोनों की सफलता से परिवार, विद्यालय और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बन गई है।
- यशराज कुमार ने 82% अंक प्राप्त कर किया उत्कृष्ट प्रदर्शन।
- तान्या ने 82.60% अंक हासिल कर बढ़ाया मान।
- यशराज अपग्रेडेड हाई स्कूल सरईडीह के छात्र।
- तान्या पत्रकार प्रमोद ठाकुर की पुत्री हैं।
- दोनों विद्यार्थियों को क्षेत्र में मिल रही बधाई और सराहना।
बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र में इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा के परिणामों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं भी मेहनत और लगन के दम पर बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। कुटमु निवासी यशराज कुमार और बरवाडीह की तान्या ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
इन दोनों छात्रों की सफलता ने यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि मेहनत और अनुशासन के साथ पढ़ाई की जाए, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
यशराज कुमार की मेहनत लाई रंग
कुटमु, जो बेतला नेशनल पार्क के समीप स्थित एक छोटा कस्बा है, वहां के निवासी यशराज कुमार ने 82 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वे अपग्रेडेड हाई स्कूल सरईडीह के छात्र हैं।
यशराज के पिता संतोष प्रसाद एक वरिष्ठ पत्रकार होने के साथ-साथ शिक्षक भी हैं। यशराज ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और नियमित अध्ययन को दिया।
यशराज कुमार ने कहा: “मैं रोज तय समय पर पढ़ाई करता था और कठिन विषयों पर ज्यादा ध्यान देता था।”
शिक्षकों ने भी यशराज की मेहनत, अनुशासन और लगन की जमकर सराहना की है।
तान्या ने भी दिखाया शानदार प्रदर्शन
बरवाडीह की तान्या ने भी मैट्रिक परीक्षा में 82.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। तान्या न्यूज 11 के पत्रकार प्रमोद ठाकुर की पुत्री हैं।
तान्या की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। उनके दादा हेमंत ठाकुर और पूर्व पंचायत समिति सदस्य सीता देवी ने भी इस सफलता पर गर्व जताया है।
तान्या ने कहा: “मेरे माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन से ही मैं यह सफलता हासिल कर पाई हूं।”
क्षेत्र में खुशी और प्रेरणा का माहौल
दोनों विद्यार्थियों की सफलता पर क्षेत्र के पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बधाई दी है। लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे परिणाम यह दर्शाते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है और छात्र अपनी मेहनत से नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।
शिक्षा और अनुशासन का मिला परिणाम
इस सफलता के पीछे सबसे बड़ी भूमिका नियमित पढ़ाई, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन की रही है। दोनों विद्यार्थियों ने यह साबित किया है कि सही दिशा में किया गया प्रयास हमेशा सफलता दिलाता है।
न्यूज़ देखो: छोटे कस्बों से निकल रही बड़ी प्रतिभाएं
यशराज और तान्या की सफलता यह दिखाती है कि प्रतिभा किसी शहर या संसाधन की मोहताज नहीं होती। यदि सही मार्गदर्शन और मेहनत हो, तो छोटे गांव और कस्बों से भी बड़े परिणाम निकल सकते हैं। अब जरूरत है कि ऐसे छात्रों को आगे और बेहतर अवसर मिलें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मेहनत और लगन से हर सपना हो सकता है साकार
हर छात्र के भीतर एक बड़ी क्षमता छिपी होती है।
जरूरत है उसे पहचानने और सही दिशा देने की।
यशराज और तान्या की सफलता हम सभी के लिए प्रेरणा है।
हमें भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए।
अपने बच्चों को प्रोत्साहित करें, शिक्षा को प्राथमिकता दें।
इस खबर को शेयर कर औरों को भी प्रेरित करें।
अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं और सफलता की कहानियां आगे बढ़ाएं।

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