#महुआडांड़ #आंदोलन_घोषणा : अम्बवाटोली बैठक—पेंशन और मानदेय की मांग पर घेराव का निर्णय।
लातेहार के महुआडांड़ में आंदोलनकारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर 5 मई को डीसी कार्यालय घेराव का निर्णय लिया है। बैठक में पेंशन, मानदेय और स्वास्थ्य सुविधाओं पर चर्चा हुई। लंबे समय से मांग पूरी नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। बड़ी संख्या में भागीदारी की अपील की गई।
- 5 मई को डीसी कार्यालय घेराव का निर्णय।
- रंजीत टोप्पो की अध्यक्षता में बैठक।
- पेंशन, मानदेय और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग।
- पुष्कर महतो, रोजलिन मिंज, अनयन लकड़ा करेंगे नेतृत्व।
- सभी सदस्यों से भागीदारी की अपील।
लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत अम्बवाटोली पंचायत भवन में आंदोलनकारी संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष रंजीत टोप्पो ने की, जिसमें संघ के सदस्य और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक में लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर चर्चा की गई और आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि पेंशन, मानदेय और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी मांगें अब तक पूरी नहीं होने से आंदोलनकारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
लंबित मांगों को लेकर बढ़ा आक्रोश
संघ के अध्यक्ष रंजीत टोप्पो ने कहा—
“हमने अपनी मांगों को लेकर कई बार आंदोलन और राजभवन घेराव किया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला।”
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा आंदोलनकारियों के मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
पेंशन और मानदेय मुख्य मुद्दा
बैठक में यह बात प्रमुखता से उठाई गई कि आंदोलनकारी सदस्यों को अब तक पेंशन, मानदेय और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
एक सदस्य ने कहा: “हमारी बुनियादी मांगें वर्षों से लंबित हैं, जिससे जीवन यापन कठिन हो गया है।”
5 मई को डीसी कार्यालय घेराव
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 5 मई को लातेहार उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
रंजीत टोप्पो ने कहा: “यह आंदोलन हमारी मांगों को मजबूती से रखने के लिए किया जाएगा।”
केंद्रीय समिति के नेतृत्व में आंदोलन
इस घेराव कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्रीय समिति के अध्यक्ष पुष्कर महतो, सदस्य रोजलिन मिंज और अनयन लकड़ा करेंगे।
एक पदाधिकारी ने कहा: “यह आंदोलन पूरे जिले के लिए महत्वपूर्ण होगा।”
अधिक से अधिक भागीदारी की अपील
बैठक में उपस्थित सभी महिला और पुरुष सदस्यों से कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई।
एक सदस्य ने कहा: “एकजुट होकर ही हम अपनी मांगें पूरी करा सकते हैं।”
आंदोलन को मिलेगा व्यापक रूप
संघ ने संकेत दिया है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
इस निर्णय के बाद जिला प्रशासन पर भी समस्या के समाधान को लेकर दबाव बढ़ने की संभावना है।
संगठन में दिखी एकजुटता
बैठक में संगठन के सदस्यों की एकजुटता और संकल्प साफ दिखाई दिया।
न्यूज़ देखो: मांगें कब होंगी पूरी
महुआडांड़ का यह मामला दिखाता है कि लंबे समय से लंबित मांगें अब आंदोलन का रूप ले रही हैं। प्रशासन के लिए यह चुनौती है कि समय रहते समाधान निकाले। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपने हक के लिए एकजुट रहें
अधिकारों के लिए आवाज उठाना जरूरी है।
एकजुटता से ही बदलाव संभव है।
सकारात्मक संघर्ष ही समाधान का रास्ता है।
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