कोलेबिरा में सड़क हादसे के बाद फूटा जनाक्रोश एनएच 143 जाम कर ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा और मुआवजे की मांग

कोलेबिरा में सड़क हादसे के बाद फूटा जनाक्रोश एनएच 143 जाम कर ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा और मुआवजे की मांग

author Birendra Tiwari
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#सिमडेगा #सड़क_हादसा : निर्माणाधीन पुल पर लापरवाही से युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने एनएच जाम कर विरोध जताया।

सिमडेगा जिले के कोलेबिरा में निर्माणाधीन पुल पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रनबहादुर सिंह चौक पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एनएच 143 जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन और निर्माण एजेंसी के आश्वासन के बाद जाम हटाया गया, लेकिन घटना ने निर्माण कार्य की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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  • कोलेबिरा (सिमडेगा) में युवक की मौत के बाद NH-143 जाम किया गया।
  • मृतक बिपिन लुगुन (टूटीकेल पंचायत) की हादसे में डूबकर मौत।
  • निर्माणाधीन पुल पर बैरिकेडिंग नहीं होने से हुआ हादसा।
  • प्रदर्शन में रोस प्रतिमा सोरेन, दुतामी हेमरोम सहित जनप्रतिनिधि शामिल।
  • अनूप कछप, हर्ष कुमार साह ने मौके पर पहुंचकर वार्ता की।
  • एजेंसी के आश्वासन के बाद जाम हटाया गया

सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। निर्माणाधीन पुल पर सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण एक युवक की जान चली गई, जिसके बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखा गया। इस घटना के विरोध में लोगों ने रनबहादुर सिंह चौक पर राष्ट्रीय राजमार्ग 143 को जाम कर दिया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

हादसे में युवक की दर्दनाक मौत

मिली जानकारी के अनुसार, टूटीकेल पंचायत निवासी बिपिन लुगुन बीती रात कोलेबिरा से मनोहरपुर मार्ग होते हुए अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बोंग्राम के पास निर्माणाधीन पुल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण वह अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में गिर गए।

गड्ढे में पानी भरा हुआ था, जिससे वे बाहर नहीं निकल सके और मौके पर ही उनकी डूबकर मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया।

लापरवाही पर भड़के ग्रामीण

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण कार्य में भारी लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि कई जगहों पर गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं और सुरक्षा के लिए कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए हैं।

इसी के विरोध में जिला परिषद अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेन और प्रखंड प्रमुख दुतामी हेमरोम की अगुआई में ग्रामीणों ने रनबहादुर सिंह चौक पर सड़क जाम कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा: “जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच वार्ता

घटना की सूचना मिलते ही प्रखंड सह अंचल अधिकारी अनूप कछप और थाना प्रभारी हर्ष कुमार साह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

प्रशासन ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी और मामले को संबंधित विभाग एवं एजेंसी तक पहुंचाया जाएगा। लेकिन ग्रामीण और जनप्रतिनिधि इस बात पर अड़े रहे कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर उनकी बात नहीं सुनते, जाम नहीं हटेगा।

उपायुक्त ने भी लिया घटनास्थल का जायजा

इसी दौरान किसी आवश्यक कार्य से रांची जा रहे उपायुक्त सिमडेगा भी जाम स्थल पर रुके और घटना की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिवार को जल्द से जल्द आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

एजेंसी के आश्वासन के बाद हटा जाम

काफी प्रयासों के बाद निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसी के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आगे से सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा और निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी।

एजेंसी प्रतिनिधियों ने कहा: “सड़क निर्माण में सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और पीड़ित परिवार को हर संभव सहयोग दिया जाएगा।”

इसके बाद प्रशासन के अनुरोध और एजेंसी के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम हटाने का निर्णय लिया और आवागमन फिर से सामान्य हो सका।

मुआवजा और कार्रवाई की मांग

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और निर्माण कार्य में सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत किया जाए।

न्यूज़ देखो: विकास कार्य में लापरवाही बन रही जानलेवा खतरा

कोलेबिरा की यह घटना बताती है कि विकास कार्यों में लापरवाही किस तरह आम लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। सड़क निर्माण जैसी परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सीधे हादसों को जन्म देती है। प्रशासन और एजेंसी के आश्वासन के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वास्तव में सुधार होगा या फिर ऐसी घटनाएं दोहराई जाएंगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जिम्मेदारी तय करें और सुरक्षित विकास की मांग करें

विकास तभी सार्थक है जब वह सुरक्षित हो और लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाए।
यदि निर्माण कार्य में लापरवाही हो रही है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है।

सड़क, पुल और अन्य परियोजनाओं में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

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Written by

सिमडेगा

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