#बानो #कृषियोजना : भूमि संरक्षण विभाग ने किसानों को अनुदानित पंप सेट वितरित किए।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड कार्यालय में भूमि संरक्षण विभाग की योजना के तहत किसानों के बीच अनुदानित पंप सेट का वितरण किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी नैमुदिन अंसारी और प्रमुख सुधीर डांग ने लाभुक किसानों को पंप सेट सौंपे। कुल 17 किसानों को विभिन्न मॉडल के पंप सेट और पाइप दिए गए। इस योजना से क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मजबूत होने और खेती को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- बानो प्रखंड कार्यालय में किसानों के बीच 90 प्रतिशत अनुदान पर पंप सेट वितरण।
- कुल 17 किसानों को विभिन्न कंपनियों के पंप सेट और 200 फीट पाइप उपलब्ध कराए गए।
- प्रमुख सुधीर डांग और बीडीओ नैमुदिन अंसारी ने किसानों को पंप सेट सौंपे।
- 12 किसानों को VILUS V12 मॉडल, 3 को GRAAS ROOT मॉडल, 2 को LUBI ELECTRIC पंप दिया गया।
- किसानों से अनुदान राशि का भुगतान डीडी, आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से लिया गया।
- कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी नायक दीपक, बीटीएम सुनील समद और अब्दुल्लाह एहरार भी उपस्थित रहे।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई। बानो प्रखंड कार्यालय परिसर में भूमि संरक्षण विभाग की ओर से किसानों के बीच 90 प्रतिशत अनुदान पर पंप सेट का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कई किसान शामिल हुए और सरकार की इस योजना से लाभान्वित हुए।
कार्यक्रम के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी नैमुदिन अंसारी और प्रमुख सुधीर डांग ने लाभुक किसानों को पंप सेट प्रदान किए। इस योजना के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए, जिससे कृषि कार्य को अधिक सुगम बनाने की दिशा में कदम उठाया गया।
17 किसानों को मिला अनुदानित पंप सेट
भूमि संरक्षण विभाग की इस योजना के तहत कुल 17 किसानों को अनुदानित पंप सेट वितरित किए गए। इनमें विभिन्न कंपनियों के अलग-अलग मॉडल शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान 12 किसानों को VILUS V12 मॉडल के पंप सेट और 200 फीट पाइप, 3 किसानों को GRAAS ROOT मॉडल के पंप सेट और 200 फीट लपेटा पाइप तथा 2 किसानों को LUBI ELECTRIC पंप सेट के साथ 200 फीट पाइप प्रदान किए गए।
इन पंप सेटों का उपयोग खेतों की सिंचाई के लिए किया जाएगा, जिससे किसानों को फसल उत्पादन में काफी मदद मिलेगी। विशेष रूप से उन किसानों के लिए यह योजना लाभदायक साबित होगी, जिन्हें अब तक सिंचाई की सुविधा पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं थी।
डिजिटल माध्यम से लिया गया भुगतान
पंप सेट वितरण कार्यक्रम में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसानों से अनुदानित दर की राशि डिमांड ड्राफ्ट, आरटीजीएस और एनईएफटी जैसे बैंकिंग माध्यमों से ली गई। इससे प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाया गया।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह की डिजिटल भुगतान व्यवस्था से योजना का लाभ सही लाभुकों तक पहुंचाने में आसानी होती है और वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता बनी रहती है।
किसानों को खेती बढ़ाने के लिए किया गया प्रेरित
कार्यक्रम के दौरान प्रमुख सुधीर डांग ने किसानों को संबोधित करते हुए कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रमुख सुधीर डांग ने कहा: “किसान भाई आगे आएं। सरकार कृषि को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। कई किसान सिंचाई के अभाव में खेती नहीं कर पाते हैं, लेकिन सरकार द्वारा पंप उपलब्ध कराने से खेती को बढ़ावा मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
कृषि विकास के लिए सरकार चला रही कई योजनाएं
कार्यक्रम में उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी नैमुदिन अंसारी ने भी किसानों को सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
प्रखंड विकास पदाधिकारी नैमुदिन अंसारी ने कहा: “सरकार कृषि को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर कई योजनाएं संचालित करती रहती है। कृषि विभाग की ओर से उन्नत किस्म के बीजों का वितरण भी किया जाता है।”
उन्होंने आगे कहा कि बानो प्रखंड में सिंचाई यानी पटावन की समस्या लंबे समय से देखी जाती रही है। ऐसे में पंप सेट वितरण योजना किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी और इससे खेती का दायरा बढ़ेगा।
कृषि विभाग के अधिकारी भी रहे मौजूद
इस अवसर पर कृषि विभाग के कई अधिकारी और कर्मी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी नायक दीपक, बीटीएम सुनील समद और अब्दुल्लाह एहरार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
इन अधिकारियों ने किसानों को पंप सेट के उपयोग और रखरखाव से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी। साथ ही यह भी बताया गया कि भविष्य में कृषि को आधुनिक बनाने के लिए और भी योजनाएं लागू की जाएंगी।
सिंचाई सुविधा से खेती को मिलेगा बढ़ावा
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर किसानों को सिंचाई के अभाव में फसल उत्पादन में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। बारिश पर निर्भर खेती कई बार किसानों के लिए जोखिम भरी साबित होती है।
ऐसे में पंप सेट जैसी सुविधाएं किसानों के लिए बेहद उपयोगी होती हैं। इससे वे समय पर सिंचाई कर सकते हैं और बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को इस प्रकार की तकनीकी और वित्तीय सहायता लगातार मिलती रही, तो कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
न्यूज़ देखो: सिंचाई सुविधा से मजबूत होगी ग्रामीण कृषि व्यवस्था
बानो प्रखंड में पंप सेट वितरण योजना यह दर्शाती है कि सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सिंचाई जैसी बुनियादी जरूरत पूरी होने से किसानों की उत्पादकता में सुधार संभव है। हालांकि यह भी जरूरी है कि ऐसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे और उनका सही उपयोग हो। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खेती को मजबूत बनाना ही गांव की समृद्धि की असली राह
ग्रामीण भारत की असली ताकत उसके किसान हैं। जब किसानों को तकनीक, संसाधन और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिलता है, तभी खेती मजबूत होती है और गांव समृद्ध बनते हैं।
जरूरत है कि किसान जागरूक होकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाएं।
अगर आपके क्षेत्र में भी ऐसी कोई योजना चल रही है तो उसकी जानकारी अपने आसपास के किसानों तक जरूर पहुंचाएं।
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अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं और खेती से जुड़ी सकारात्मक खबरों को आगे बढ़ाएं।