
#सिमडेगा #शंखनदीछठ_घाट : अवैध बालू उठाव से नव निर्मित पीसीसी पहुंच पथ की हालत बेहद खराब हुई।
सिमडेगा के प्रमुख पर्यटन स्थल और शंख नदी छठ घाट तक जाने वाले पहुंच पथ की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। कुछ महीने पहले ही लगभग एक किलोमीटर लंबी पीसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन अवैध बालू उठाव और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क की हालत खराब हो गई है। स्थानीय सामाजिक संगठन शंख नदी छठ सेवा संस्थान ने इस मामले में प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
- सिमडेगा के शंख नदी छठ घाट तक जाने वाले लगभग 1 किलोमीटर पीसीसी पथ की हालत खराब।
- सड़क पर अब सीमेंट कंक्रीट की जगह बालू ही बालू दिखाई दे रही है।
- बाइक और छोटी वाहनों का आवागमन भी मुश्किल हो गया है।
- घाट क्षेत्र से बालू उठाव पर प्रतिबंध होने के बावजूद ट्रैक्टरों से अवैध उठाव जारी।
- स्थानीय संगठन शंख नदी छठ सेवा संस्थान ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सिमडेगा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल शंख नदी छठ घाट तक जाने वाले पहुंच पथ की स्थिति इन दिनों चर्चा का विषय बन गई है। कुछ महीने पहले ही इस मार्ग पर लगभग एक किलोमीटर लंबी पीसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आने-जाने में सुविधा हो सके। लेकिन सड़क बनने के कुछ ही समय बाद इसकी हालत खराब हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों और आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ ही महीनों में जर्जर हो गया पीसीसी पथ
स्थानीय लोगों के अनुसार, शंख नदी छठ घाट तक पहुंचने के लिए बनाए गए पीसीसी पथ का निर्माण कुछ महीने पहले ही कराया गया था। सड़क बनने से लोगों को उम्मीद थी कि अब घाट तक सुरक्षित और सुगम आवागमन संभव हो सकेगा।
लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि सड़क पर कंक्रीट की परत लगभग गायब हो चुकी है और पूरे रास्ते में बालू ही बालू दिखाई देता है। कई स्थानों पर सड़क की सतह इतनी खराब हो गई है कि बाइक और छोटी गाड़ियों का चलना भी मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि इस सड़क का उपयोग न केवल छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा किया जाता है, बल्कि साल भर पर्यटक और ग्रामीण भी इसी रास्ते से घाट तक पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क की खराब हालत लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
अवैध बालू उठाव को बताया गया मुख्य कारण
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की बदहाली का सबसे बड़ा कारण घाट क्षेत्र से हो रहा अवैध बालू उठाव है। प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र से बालू उठाव पर पहले से ही प्रतिबंध लगाया गया है।
इसी उद्देश्य से घाट के पास एक गार्ड भी बनाया गया था, ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। इसके बावजूद कुछ लोगों ने गार्ड के बगल में वैकल्पिक रास्ता बना लिया और उसी रास्ते से ट्रैक्टरों के जरिए बालू उठाव शुरू कर दिया।
बताया जाता है कि छठ पर्व के बाद से ही सैकड़ों ट्रैक्टरों के माध्यम से लगातार बालू उठाया गया, जिससे सड़क की सतह पर भारी दबाव पड़ा और पीसीसी पथ तेजी से खराब हो गया।
विभाग को दी गई थी सूचना
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध बालू उठाव की सूचना कई बार संबंधित विभाग को दी गई थी। इसके बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते अवैध बालू उठाव पर रोक लगा दी जाती, तो शायद सड़क की यह स्थिति नहीं होती। भारी ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही से सड़क की कंक्रीट परत टूटती चली गई और धीरे-धीरे पूरी सड़क बालू से ढक गई।
शंख नदी छठ सेवा संस्थान ने की कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय सामाजिक संगठन शंख नदी छठ सेवा संस्थान ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। संगठन का कहना है कि शंख नदी छठ घाट सिमडेगा का महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थल है, इसलिए यहां की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाए रखना आवश्यक है।
संस्थान के संस्थापक सदस्य प्रदीप केसरी ने इस संबंध में प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
प्रदीप केसरी ने कहा: “शंख नदी छठ घाट तक जाने वाले पीसीसी पथ की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बालू जमा हो गया है और वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि सड़क से बालू हटाया जाए और घाट क्षेत्र से अवैध बालू उठाव पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए।”
संस्थान ने यह भी कहा कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह सड़क पूरी तरह खराब हो सकती है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को और अधिक परेशानी होगी।
पर्यटन स्थल होने के कारण बढ़ी चिंता
शंख नदी छठ घाट केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। छठ पर्व के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इसके अलावा वर्ष भर लोग यहां प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने और पिकनिक के लिए भी आते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति से न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी होती है, बल्कि जिले की पर्यटन छवि पर भी असर पड़ सकता है।
न्यूज़ देखो: विकास कार्यों की निगरानी भी उतनी ही जरूरी
सड़क निर्माण जैसे विकास कार्यों पर सरकारी धन खर्च किया जाता है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। लेकिन यदि निर्माण के बाद उसकी निगरानी नहीं की जाती और अवैध गतिविधियों को रोकने में लापरवाही बरती जाती है, तो ऐसे प्रोजेक्ट जल्द ही बेकार साबित हो सकते हैं।
शंख नदी छठ घाट पहुंच पथ का मामला भी यही संकेत देता है कि निर्माण के साथ-साथ निगरानी और सख्त कार्रवाई भी उतनी ही जरूरी है। सवाल यह भी है कि जब अवैध बालू उठाव की जानकारी विभाग को दी गई थी, तो समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक नागरिक बनें, अपने क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी भी निभाएं
किसी भी इलाके का विकास केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं होता, बल्कि उसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होती है। जब लोग अपने क्षेत्र की समस्याओं को सामने लाते हैं और जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाते हैं, तभी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाते हैं।






