
#बरवाडीह #सड़क_निर्माण : कुचिला से बरवागढ़ा तक बन रही सड़क में गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में पीएमजीएसवाई के तहत बन रही सड़क निर्माण में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। कुचिला पंचायत सचिवालय से बरवागढ़ा स्कूल तक बन रही इस सड़क की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। करीब दो करोड़ से अधिक लागत की इस परियोजना में घटिया सामग्री उपयोग का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और निर्माण कार्य में सुधार की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
- बरवाडीह प्रखंड में पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण पर उठे सवाल।
- कुचिला पंचायत से बरवागढ़ा स्कूल तक बन रही सड़क विवाद में।
- करीब 2 करोड़ 5 लाख 22 हजार रुपये की लागत वाली परियोजना।
- ग्रामीणों ने घटिया सामग्री उपयोग का आरोप लगाया।
- नसीम अंसारी, अनवर अंसारी समेत कई लोगों ने जताई नाराजगी।
- जांच और सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।
बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सड़क को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कुचिला पंचायत सचिवालय से बरवागढ़ा स्कूल तक बन रही इस सड़क की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे सड़क की मजबूती पर असर पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन भी किया और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण के दौरान कालीकरण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि सड़क पर कम मात्रा में सामग्री डाली जा रही है, जिससे इसकी गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह निर्माण कार्य जारी रहा, तो सड़क जल्द ही खराब हो जाएगी और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
करोड़ों की लागत पर उठे सवाल
यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत लगभग 2 करोड़ 5 लाख 22 हजार रुपये की लागत से बनाई जा रही है। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना गंभीर चिंता का विषय है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस परियोजना से क्षेत्र के कई गांवों को मुख्य मार्ग से जुड़ने की सुविधा मिलेगी, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
इस मुद्दे को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा असंतोष देखा जा रहा है। नसीम अंसारी, अनवर अंसारी, बिरेंद्र राम, सुरेश राम और अनिल सिंह सहित कई लोगों ने निर्माण कार्य पर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि:
ग्रामीणों ने कहा: “यदि निर्माण कार्य में सुधार नहीं किया गया, तो सड़क कुछ ही समय में खराब हो जाएगी और हमें भारी परेशानी उठानी पड़ेगी।”
जांच और पारदर्शिता की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है यह सड़क
यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने का काम करेगी। ऐसे में इसका मजबूत और टिकाऊ होना बेहद जरूरी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क सही तरीके से नहीं बनी, तो आने वाले समय में यह लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
न्यूज़ देखो: विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता क्यों?
बरवाडीह में सड़क निर्माण को लेकर उठे सवाल यह दिखाते हैं कि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी कितनी जरूरी है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं, तो यह व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और क्या वास्तव में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, अपने हक के लिए आवाज उठाएं
विकास कार्य तभी सफल होते हैं जब उनमें पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों बनी रहे। यदि कहीं गड़बड़ी दिखे, तो चुप रहने के बजाय आवाज उठाना जरूरी है।
बरवाडीह के ग्रामीणों ने जो पहल की है, वह समाज के लिए एक उदाहरण है। यह दिखाता है कि जागरूक नागरिक ही बदलाव ला सकते हैं।
आप भी अपने क्षेत्र में हो रहे कार्यों पर नजर रखें और किसी भी अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाएं। इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं, अपनी राय कमेंट में दें और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।


