
#रायडीह #गुमला #आपूर्ति_व्यवस्था : पांच वर्षों बाद स्थायी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी की नियुक्ति से वितरण प्रणाली में सुधार की उम्मीद।
गुमला जिले के रायडीह प्रखंड में बुधवार को नवनियुक्त प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मुकेश उरांव ने विधिवत रूप से पदभार ग्रहण किया। लगभग पांच वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रायडीह को स्थायी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मिला है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को गति मिलने की उम्मीद है। पदभार ग्रहण के अवसर पर फेयर प्राइस डीलर संघ द्वारा उनका स्वागत किया गया। प्रशासन और डीलरों ने इस नियुक्ति को व्यवस्था सुधार की दिशा में अहम कदम बताया।
- रायडीह प्रखंड में नवनियुक्त प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मुकेश उरांव ने लिया पदभार।
- करीब पांच वर्षों बाद प्रखंड को मिला स्थायी आपूर्ति पदाधिकारी।
- फेयर प्राइस डीलर संघ की ओर से किया गया स्वागत।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार की जताई गई उम्मीद।
- मौके पर बसंत साहु, हेमंत कुमार, राजु साहु सहित कई डीलर उपस्थित।
गुमला जिले के रायडीह प्रखंड के लिए बुधवार का दिन प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, जब नवनियुक्त प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मुकेश उरांव ने औपचारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण किया। लंबे समय से स्थायी पदाधिकारी के अभाव में जूझ रहे रायडीह प्रखंड में इस नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक महकमे के साथ-साथ आम जनता और फेयर प्राइस डीलरों में भी संतोष और उम्मीद का माहौल देखा गया।
करीब पांच वर्षों तक रायडीह प्रखंड में स्थायी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी की पदस्थापना नहीं हो पाई थी। इस दौरान अतिरिक्त प्रभार या अस्थायी व्यवस्था के तहत काम चलाया जा रहा था, जिससे कई बार राशन वितरण, शिकायतों के निपटारे और निरीक्षण कार्य प्रभावित होते रहे। ऐसे में मुकेश उरांव की स्थायी नियुक्ति को व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पदभार ग्रहण के बाद डीलर संघ ने किया स्वागत
पदभार ग्रहण के अवसर पर फेयर प्राइस डीलर संघ की ओर से मुकेश उरांव का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। डीलरों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी और आशा जताई कि उनके नेतृत्व में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और नियमितता आएगी।
इस मौके पर बसंत साहु, हेमंत कुमार, राजु साहु, राजेंद्र, सुका उरांव सहित अन्य फेयर प्राइस डीलर उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि स्थायी पदाधिकारी की नियुक्ति से डीलरों और लाभुकों दोनों को राहत मिलेगी।
लंबे समय से चली आ रही समस्याओं पर होगी पहल
डीलरों ने पदभार ग्रहण के दौरान यह भी चर्चा की कि बीते वर्षों में स्थायी अधिकारी के अभाव में कई समस्याएं सामने आईं।
कभी राशन आवंटन में देरी, कभी ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ी दिक्कतें, तो कभी निरीक्षण और शिकायत निवारण में समय लगना आम बात हो गई थी। डीलरों का मानना है कि अब एक स्थायी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के रहते इन समस्याओं पर गंभीरता से और नियमित रूप से काम हो सकेगा।
मुकेश उरांव ने दी बेहतर व्यवस्था की प्रतिबद्धता
पदभार ग्रहण के बाद मुकेश उरांव ने उपस्थित डीलरों से संवाद करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता पारदर्शी, समयबद्ध और लाभुक-केंद्रित आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करना होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े सभी कार्यों में नियमों का पालन कराया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुकेश उरांव ने कहा: “सरकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर और सही व्यक्ति तक पहुंचे, यही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। डीलरों और प्रशासन के समन्वय से व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि डीलरों की समस्याओं को सुना जाएगा और जहां भी व्यावहारिक कठिनाइयां होंगी, उनका समाधान नियमानुसार किया जाएगा।
लाभुकों को भी मिलेगी राहत
स्थायी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी की नियुक्ति से केवल डीलरों ही नहीं, बल्कि राशन कार्डधारकों और लाभुकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। नियमित निगरानी, समय पर निरीक्षण और शिकायतों के त्वरित निपटारे से वितरण व्यवस्था मजबूत हो सकती है। इससे कालाबाजारी, अनियमितता और अनावश्यक विवादों पर भी अंकुश लगेगा।
स्थानीय लोगों का मानना है कि जब अधिकारी स्थायी रूप से पदस्थ होते हैं, तो वे क्षेत्र की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में काम कर सकते हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी स्थिरता
रायडीह प्रखंड में पिछले कई वर्षों से आपूर्ति विभाग की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से निभाई जा रही थी। इससे नीतिगत फैसलों और दीर्घकालिक योजनाओं पर असर पड़ रहा था। अब स्थायी पदाधिकारी की नियुक्ति से विभागीय कार्यों में स्थिरता और निरंतरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
जनप्रतिनिधियों और डीलरों की अपेक्षाएं
फेयर प्राइस डीलर संघ के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि नए पदाधिकारी के कार्यकाल में विभागीय संवाद मजबूत होगा। डीलरों ने कहा कि यदि समस्याओं का समय पर समाधान होता है और निरीक्षण प्रक्रिया पारदर्शी रहती है, तो वितरण व्यवस्था और बेहतर हो सकती है।
भविष्य की चुनौतियां और जिम्मेदारियां
हालांकि स्थायी पदाधिकारी की नियुक्ति एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसके साथ ही कई चुनौतियां भी जुड़ी हैं।
डिजिटल राशन प्रणाली, आधार सीडिंग, लाभुकों की सूची का अद्यतन, और दूरदराज ग्रामीण इलाकों में नियमित वितरण सुनिश्चित करना—ये सभी ऐसे मुद्दे हैं जिन पर प्रभावी कार्य की आवश्यकता होगी।
न्यूज़ देखो: आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की नई शुरुआत
रायडीह प्रखंड में मुकेश उरांव की नियुक्ति से आपूर्ति विभाग को नई दिशा मिलने की संभावना है। पांच वर्षों बाद स्थायी अधिकारी का मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। अब यह देखना अहम होगा कि यह नियुक्ति जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है और लाभुकों को कितना सीधा फायदा मिलता है।
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मजबूत व्यवस्था से ही भरोसा कायम होता है
सार्वजनिक वितरण प्रणाली आम लोगों के जीवन से सीधे जुड़ी है।
पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित निगरानी से ही भरोसा मजबूत होता है।
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