
#बानो #रामनवमी_उत्सव : प्रखण्ड में शोभायात्रा और झंडा मिलान के साथ श्रद्धा उमड़ी।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखण्ड में रामनवमी पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। रामनवमी पूजा समिति बानो के तत्वावधान में शिव मंदिर परिसर में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां अतिथियों का स्वागत किया गया। विभिन्न गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने झंडा मिलान और शोभायात्रा में भाग लिया। यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक एकता और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बना।
- बानो प्रखण्ड में रामनवमी पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
- शिव मंदिर बानो परिसर में अतिथियों का अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया।
- तेतर टोली, जराकेल, पबुड़ा, समड़ेगा सहित कई गांवों से झंडा लाया गया।
- हनुमान पहाड़ी मंदिर तक शोभायात्रा बैंड बाजे और जय श्री राम के नारों के साथ निकली।
- तिलकु चौरसिया के नेतृत्व में समिति ने आयोजन को सफल बनाया।
- पंडित प्रेमानंद उपाध्याय और अशोक तिवारी ने मंदिर में विधिवत पूजा संपन्न कराई।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखण्ड में रामनवमी का पर्व इस वर्ष भी पूरे उत्साह, भक्ति और अनुशासन के साथ मनाया गया। रामनवमी पूजा समिति बानो के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शिव मंदिर परिसर में हुए इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का भी परिचय दिया।
शिव मंदिर परिसर में हुआ भव्य आयोजन
रामनवमी के अवसर पर बानो स्थित शिव मंदिर प्रांगण में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्कल इंस्पेक्टर एडुएल गेस्टन बागे, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी नैमुदिन अंसारी, जिला परिषद बिरज़ो कंडुलना, थाना प्रभारी श्याम नंदन, महाबुवाग थाना प्रभारी पंकज, भाजपा प्रखण्ड अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह, कृष्ण कन्हैया साहू, नंदलाल कश्यप सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पूजा समिति के अध्यक्ष तिलकु चौरसिया के नेतृत्व में सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
विभिन्न गांवों से पहुंचे श्रद्धालु और झंडा मिलान
इस आयोजन की खास बात यह रही कि बानो प्रखण्ड के कई गांवों जैसे तेतर टोली, जराकेल, पबुड़ा, समड़ेगा, सोय, उँनीकेल, सोडा, सिकोरदा, डूमरटोली से श्रद्धालु बजरंग बली का झंडा लेकर पहुंचे। सभी श्रद्धालुओं ने शिव मंदिर की परिक्रमा की और सामूहिक रूप से धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।
तिलकु चौरसिया ने कहा: “रामनवमी का यह पर्व हमारे लिए आस्था और एकता का प्रतीक है, जिसमें सभी गांवों की भागीदारी सराहनीय रही।”
भव्य शोभायात्रा और जय श्री राम के गूंजते नारे
शिव मंदिर परिसर से सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान पहाड़ी मंदिर के लिए झंडा और बैंड बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली। पूरे मार्ग में “जय श्री राम” के नारों से वातावरण गूंज उठा। शोभायात्रा में शामिल भक्त नाच-गाने के साथ उत्साहपूर्वक आगे बढ़ते रहे।
हनुमान पहाड़ी पहुंचकर झंडा मिलान किया गया और इसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने मंदिर में स्थापित बजरंग बली के दर्शन किए। इस दौरान भक्तों के लिए गुड़, चना और शर्बत की भी व्यवस्था की गई थी।
आयोजन को सफल बनाने में समिति की महत्वपूर्ण भूमिका
रामनवमी पूजा समिति बानो के सदस्यों ने इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। प्रमुख सहयोगियों में विश्वनाथ बड़ाईक, उदय साहू, धीरज गुप्ता, अमित सोनी, जितेंद्र ठाकुर, भूषण साहू, बिलु अग्रवाल, रूपेश सिंह, कृष्णा सोनी, लीलू चौरसिया, सनातन पण्डा, आनंद चौरसिया, बिनोद कश्यप, मंटू सिंह सहित कई लोग शामिल रहे।
हनुमान मंदिर बानो स्टेशन में भी हुआ भव्य आयोजन
इसी क्रम में बानो स्टेशन स्थित हनुमान मंदिर में भी रामनवमी के अवसर पर भव्य आयोजन किया गया। मंदिर के गर्भगृह में पंडित प्रेमानंद उपाध्याय और अशोक तिवारी द्वारा विधिवत पूजा संपन्न कराई गई।
इस आयोजन को सफल बनाने में विकास साहू, राजा साहू, अछ्य कुमार, गोबिंद साहू, बेदप्रकाश खत्री, टीपी मनोहरन सहित अन्य लोगों का विशेष सहयोग रहा।
पंडित प्रेमानंद उपाध्याय ने कहा: “रामनवमी का पर्व धर्म और मर्यादा का संदेश देता है, इसे श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाना हमारी जिम्मेदारी है।”
न्यूज़ देखो: आस्था के साथ सामाजिक एकता का उदाहरण
बानो प्रखण्ड में आयोजित रामनवमी का यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का मजबूत संदेश भी दिया। विभिन्न गांवों से श्रद्धालुओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि क्षेत्र में पारंपरिक संस्कृति और आपसी भाईचारा आज भी जीवित है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने आयोजन को और सुदृढ़ बनाया। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ऐसे आयोजन भविष्य में और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ कैसे विकसित होते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ जिम्मेदारी निभाएं और समाज को जोड़ने में भागीदारी बढ़ाएं
धार्मिक पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम होते हैं। ऐसे आयोजनों में हमारी सक्रिय भागीदारी और जिम्मेदारी ही इसे सफल बनाती है।






