
#रामगढ़ #कड़बिंधा #विकास : जामा विधायक की मौजूदगी में सामाजिक ढांचे को मजबूत करने की बड़ी पहल।
रामगढ़ प्रखंड के कड़बिंधा गांव में आज एक महत्वपूर्ण विकास कार्य की शुरुआत हुई, जब करीब 83 लाख 93 हजार 837 रुपये की लागत से बनने वाले भव्य विवाह भवन का शिलान्यास किया गया। इस कार्यक्रम में जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा और उपाध्यक्ष सुधीर कुमार मंडल ने भी सहभागिता निभाई। यह विवाह भवन ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक गतिविधियों के लिए एक स्थायी सुविधा के रूप में विकसित होगा।
- कड़बिंधा गांव में ₹83,93,837 की लागत से विवाह भवन का शिलान्यास।
- जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी रहीं मुख्य अतिथि।
- जिप अध्यक्ष जॉयस बेसरा और उपाध्यक्ष सुधीर कुमार मंडल रहे मौजूद।
- ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों को मिलेगा स्थायी मंच।
- बैठक, प्रशिक्षण और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए आधुनिक हॉल की सुविधा।
रामगढ़ प्रखंड के कड़बिंधा गांव के लिए आज का दिन विकास की दिशा में एक नई शुरुआत के रूप में दर्ज हो गया। वर्षों से ग्रामीणों की मांग रही कि गांव में ऐसा स्थायी भवन हो, जहां विवाह, सामाजिक अनुष्ठान, पंचायत बैठकें और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से विवाह भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई, जिसका आज विधिवत शिलान्यास संपन्न हुआ।
शिलान्यास कार्यक्रम में जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी, जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा और जिला परिषद उपाध्यक्ष सुधीर कुमार मंडल की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। इनके साथ शिवलाल मरांडी, अशोक जी, रिंकू मंडल सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
ग्रामीण विकास की दिशा में अहम कदम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ होना ही वास्तविक विकास की पहचान है। उन्होंने कहा कि विवाह भवन जैसे सामुदायिक ढांचे न केवल सामाजिक आयोजनों के लिए उपयोगी होते हैं, बल्कि इससे गांव में एकता, सहभागिता और सामूहिक निर्णय की संस्कृति को भी मजबूती मिलती है।
डॉ. लुईस मरांडी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा से यह रही है कि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। कड़बिंधा में विवाह भवन का निर्माण इसी सोच का परिणाम है, जिससे ग्रामीणों को शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगा स्थायी मंच
विवाह भवन बनने के बाद कड़बिंधा और आसपास के गांवों के लोगों को विवाह, उपनयन, सामाजिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक सुव्यवस्थित स्थान मिलेगा। अब ग्रामीणों को खुले मैदान या निजी भवनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे खर्च और असुविधा दोनों में कमी आएगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह भवन गांव की सामाजिक पहचान को भी मजबूत करेगा। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और सामूहिक आयोजन नियमित रूप से हो सकेंगे, जिससे ग्रामीण जीवन में नई ऊर्जा आएगी।
बैठक और प्रशिक्षण के लिए आधुनिक सुविधा
इस विवाह भवन को केवल विवाह तक सीमित नहीं रखा गया है। इसे बहुउद्देश्यीय भवन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां पंचायत की बैठकें, सरकारी योजनाओं से जुड़ी ट्रेनिंग, स्वयं सहायता समूहों की बैठकें और युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा ने कहा कि इस तरह के भवन ग्रामीण प्रशासन और समाज के बीच सेतु का काम करते हैं। इससे योजनाओं की जानकारी गांव तक पहुंचाने और लोगों को संगठित करने में आसानी होती है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
कार्यक्रम में जिला परिषद उपाध्यक्ष सुधीर कुमार मंडल ने भी ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विकास कार्य तभी सफल होते हैं, जब उसमें जनभागीदारी हो। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि भवन निर्माण के बाद इसकी देखरेख और संरक्षण में सभी लोग सहयोग करें।
इस अवसर पर उपस्थित शिवलाल मरांडी, अशोक जी और रिंकू मंडल ने भी इस पहल को कड़बिंधा के लिए मील का पत्थर बताया। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों का आभार जताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह के विकास कार्य होते रहेंगे।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान कड़बिंधा गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन न केवल सुविधा देगा, बल्कि गांव की सामाजिक प्रतिष्ठा को भी बढ़ाएगा। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह जैसे आयोजनों में अब बड़ी राहत मिलेगी।
ग्रामीण महिलाओं ने भी खुशी जताते हुए कहा कि अब सामूहिक कार्यक्रमों के लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित स्थान मिलेगा, जहां वे भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।
न्यूज़ देखो: विकास का मतलब सिर्फ सड़क नहीं
कड़बिंधा में विवाह भवन का शिलान्यास यह दर्शाता है कि विकास केवल सड़क, बिजली और पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक ढांचे का मजबूत होना भी उतना ही जरूरी है। ऐसे सामुदायिक भवन ग्रामीण जीवन को संगठित और सशक्त बनाते हैं। अब यह देखना अहम होगा कि निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा होता है या नहीं।
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मजबूत गांव ही मजबूत समाज की नींव
जब गांव को अपनी जरूरतों के लिए शहर की ओर नहीं देखना पड़ता, तभी आत्मनिर्भरता की शुरुआत होती है।
कड़बिंधा का यह विवाह भवन सामाजिक एकता और विकास का नया केंद्र बनेगा।
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