
#बरवाडीह #रामोत्सव : मंदिर परिसर में पूजा, भजन और सामूहिक आयोजन—श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।
लातेहार के बरवाडीह स्थित पंचमुखी शिव मंदिर में श्री रामोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भक्ति गीतों से माहौल गूंज उठा। आयोजन में विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी रही। इस अवसर पर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
- पंचमुखी शिव मंदिर, बरवाडीह में रामोत्सव आयोजित।
- श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भक्ति का माहौल।
- दीपक राज की अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न।
- संजय तिवारी, मनोहर चंद्रवंशी सहित कई लोग मौजूद।
- विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की सक्रिय भागीदारी।
बरवाडीह प्रखंड के पंचमुखी शिव मंदिर परिसर में बुधवार को श्री रामोत्सव का आयोजन पूरे भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।
यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी प्रतीक बनकर उभरा, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने मिलकर भाग लिया।
भक्ति गीतों और पूजा से गूंजा मंदिर परिसर
रामोत्सव के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति गीतों की मधुर धुनों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
श्रद्धालुओं ने कहा: “रामोत्सव के इस आयोजन ने मन को शांति और भक्ति का अनुभव कराया।”
आयोजन में प्रमुख लोगों की उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष दीपक राज ने की। इस अवसर पर मुख्य रूप से विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के जिला मंत्री संजय तिवारी एवं मनोहर चंद्रवंशी की उपस्थिति रही।
इनकी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
आयोजन समिति की अहम भूमिका
रामोत्सव को सफल बनाने में संयोजक गौतम पाण्डेय (बाबा) एवं सह संयोजक सचिन कुमार, मनोज प्रसाद, कन्हाई सिंह, प्रवीण कुमार, सुशीला देवी, श्यामली शर्मा, विवेक सिंह, कृष्णा कुमार कसेरा और अतुल कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संगठनों की सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
सामाजिक एकता का संदेश
स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा को मजबूत करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में भाईचारे और सामूहिकता की भावना को बढ़ाते हैं।
संगठनात्मक चर्चा भी हुई
कार्यक्रम के दौरान विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पुनर्गठन को लेकर भी चर्चा की गई। इस विषय पर आगामी बैठक में निर्णय लेने की बात कही गई।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस अवसर पर कतरु प्रजापति, पवन चौधरी, दिलीप पासवान, राकेश पाल, पंकज कुमार, मन्नू कुमार, सूर्यकांत चौरसिया, ललिता देवी, पूनम कुमारी, सरिता कुमारी, जनार्दन सिंह, गंगेश्वर सिंह, विनोद कुमार, संतोष सिंह, राणा सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे।
परंपरा और आस्था का संगम
यह आयोजन धार्मिक परंपरा और आधुनिक समाज के बीच एक सुंदर समन्वय का उदाहरण बना, जिसमें लोगों ने एक साथ मिलकर भक्ति और संस्कृति का उत्सव मनाया।

न्यूज़ देखो: आस्था से मजबूत होता समाज
बरवाडीह का यह रामोत्सव यह दर्शाता है कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का माध्यम भी बनते हैं। अब जरूरत है कि ऐसे आयोजन नियमित रूप से होते रहें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ एकता का संदेश अपनाएं
धार्मिक आयोजन हमें जोड़ने और सकारात्मक सोच देने का काम करते हैं।
जरूरी है कि हम इन अवसरों का सही उपयोग करें और समाज को मजबूत बनाएं।
एकजुट होकर ही हम अपनी संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ा सकते हैं।
आइए, हम भी इस भावना को अपनाकर समाज में सद्भाव बनाए रखें।
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