रामरेखा धाम को मिलेगा राष्ट्रीय पहचान का दर्जा, उपायुक्त कंचन सिंह ने विकास कार्यों को दी रफ्तार

रामरेखा धाम को मिलेगा राष्ट्रीय पहचान का दर्जा, उपायुक्त कंचन सिंह ने विकास कार्यों को दी रफ्तार

author Satyam Kumar Keshri
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#सिमडेगा #रामरेखा_धाम : धार्मिक स्थल को पर्यटन हब बनाने की दिशा में प्रशासन सक्रिय — महोत्सव से पहले बुनियादी सुविधाओं पर जोर।

सिमडेगा जिले के रामरेखा धाम को प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में धाम परिसर में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विकास योजनाओं पर चर्चा हुई। आगामी रामरेखा महोत्सव को ध्यान में रखते हुए सड़क, पेयजल और बिजली जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। प्रशासन का लक्ष्य इस स्थल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।

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  • उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में रामरेखा धाम में बैठक।
  • पर्यटन विकास के लिए सोसाइटी गठन का निर्देश दिया गया।
  • सड़क, पेयजल और बिजली व्यवस्था को प्राथमिकता।
  • मंदिर, गुफा और प्रवेश द्वार को भव्य बनाने की योजना
  • रामरेखा महोत्सव से पहले सभी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य

सिमडेगा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रामरेखा धाम को विकसित कर एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में धाम परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और रामरेखा धाम समिति के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में धाम के समग्र विकास, योजनाओं के क्रियान्वयन और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

पर्यटन विकास को लेकर प्रशासन की स्पष्ट रणनीति

बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि रामरेखा धाम को एक आकर्षक, सुव्यवस्थित और राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए एक विशेष सोसाइटी के गठन का निर्देश दिया गया, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी को भी शामिल किया जाएगा।

उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा: “रामरेखा धाम का विकास चरणबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाएगा, ताकि यह स्थल राज्य ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सके।”

मंदिर और गुफा को मिलेगा भव्य स्वरूप

धाम परिसर के सौंदर्यीकरण के तहत मुख्य मंदिर और गुफा के प्रवेश द्वार को सैंड स्टोन ग्रेनाइट से आकर्षक बनाने का निर्णय लिया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश और निकासी मार्ग अलग-अलग विकसित किए जाएंगे, जिससे भीड़ प्रबंधन में आसानी होगी।

इसके अलावा यज्ञशाला और प्रसाद भवन को पीछे स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया, ताकि मुख्य गुफा का स्पष्ट दर्शन हो सके।

नई सुविधाओं का होगा विस्तार

बैठक में संत निवास और संस्कार भवन के निर्माण के लिए परिसर के पूर्वी भाग को चिन्हित किया गया। वहीं बन रहे म्यूजियम के बेसमेंट में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी और ऊपर संग्रहालय का निर्माण होगा।

परिसर के दक्षिणी हिस्से में बन रहे कैफेटेरिया का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही शौचालयों में महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सड़क और कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस

पर्यटकों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए सड़क अवसंरचना को मजबूत करने पर जोर दिया गया। कुल 8 सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • कैंरबेड़ा से कोण्ड़रा तक सड़क चौड़ीकरण
  • पालेडीह से केशलपुर तक नई सड़क
  • कार्यक्रम स्थल से कादोपानी होते हुए लिंक रोड

इसके अलावा रामरेखा से लालपुर तक निकासी मार्ग विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। सभी कार्यों को आगामी रामरेखा महोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

पेयजल और बिजली व्यवस्था होगी मजबूत

उपायुक्त ने धाम क्षेत्र में पेयजल और बिजली की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डाक बंगला में जलापूर्ति बहाल करने और विद्युत पोलों की स्थापना को प्राथमिकता दी गई।

इसके साथ ही रामरेखा जलाशय (डोबाया डैम) का निरीक्षण कर जल आपूर्ति को और बेहतर बनाने की दिशा में निर्देश दिए गए।

शिक्षा और सामाजिक पहल पर भी ध्यान

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने रामरेखा विद्यालय के छात्रों से बातचीत की और उनकी शैक्षणिक जानकारी का आकलन किया। बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में भी जानकारी दी गई।

तालाब सौंदर्यीकरण और स्वच्छता पर जोर

राजाबासा तालाब के सौंदर्यीकरण और गहरीकरण कार्य को जल्द पूरा करने का निर्णय लिया गया। साथ ही तालाब के पास स्थित कुएं की सफाई के लिए मुखिया को निर्देशित किया गया।

बैठक में ये रहे प्रमुख उपस्थित

इस बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी शशांक शेखर सिंह, उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, गोपनीय प्रभारी समीर रनियर, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात रंजन ज्ञानी, कार्यपालक अभियंता (पेयजल एवं स्वच्छता), पथ निर्माण, विद्युत एवं भवन प्रमंडल, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी पाकरटांड़, मुखिया कैरबेडा पंचायत, रामरेखा धाम समिति के पदाधिकारी दुर्गविजय सिंहदेव, कौशल किशोर सिंहदेव, महंत अशोक प्रपन्नाचार्य सहित कई अन्य सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे।

न्यूज़ देखो: धार्मिक आस्था के साथ विकास की नई दिशा

रामरेखा धाम का यह विकास केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई गति देगा। प्रशासन की यह पहल सराहनीय है, लेकिन समय पर योजनाओं का क्रियान्वयन भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा। क्या सभी कार्य तय समय पर पूरे होंगे? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

विकास में भागीदारी ही असली ताकत है

हम सभी की जिम्मेदारी है कि ऐसे विकास कार्यों में सहयोग करें।
धार्मिक स्थलों की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय लोग भी आगे आएं और सकारात्मक भूमिका निभाएं।

आपकी भागीदारी से ही क्षेत्र का विकास संभव है।
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Written by

सिमडेगा नगर क्षेत्र

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