रांची के पर्यटकों ने बेतला नेशनल पार्क की सराहना की, बोले झारखंड का गौरव है बेतला

रांची के पर्यटकों ने बेतला नेशनल पार्क की सराहना की, बोले झारखंड का गौरव है बेतला

author Akram Ansari
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#बरवाडीह #बेतलानेशनलपार्क : बाघ की मौजूदगी की खबर के बाद पहुंचे रांची के पर्यटक, जंगल सफारी और जैव विविधता ने जीता दिल।

लातेहार जिले के बेतला नेशनल पार्क में बाघ दिखने की खबर के बाद पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। रांची से पहुंचे पर्यटकों ने जंगल सफारी के दौरान वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव किया। भले ही बाघ का दीदार नहीं हुआ, लेकिन बेतला की जैव विविधता और शांति ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया।

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  • रांची से आए डॉ० अमारा आजमी और आसीम शकील ने किया बेतला का भ्रमण।
  • बाघ की मौजूदगी की खबर पढ़कर विशेष रूप से पहुंचे थे बेतला।
  • जंगल सफारी में हिरण, मोर, बारहसिंगा, बाइसन, हाथी सहित कई वन्यजीव देखे।
  • पर्यटकों ने वन विभाग और पार्क प्रबंधन की व्यवस्था की सराहना की।
  • बेतला को बताया झारखंड का गौरव और प्रमुख पर्यटन स्थल

लातेहार जिले का प्रसिद्ध बेतला नेशनल पार्क इन दिनों देशभर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में पार्क क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की खबर सामने आने के बाद पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इसी क्रम में रांची से आए पर्यटक आसीम शकील और डॉ० अमारा आजमी बेतला घूमने पहुंचे।

पर्यटकों ने बताया कि उन्होंने समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से बेतला क्षेत्र में बाघ देखे जाने की खबर पढ़ी थी। इसी उत्सुकता के साथ वे यहां पहुंचे, ताकि जंगल सफारी के दौरान बाघ का दीदार कर सकें। हालांकि उन्हें बाघ दिखाई नहीं दिया, लेकिन इसके बावजूद उनका अनुभव बेहद सुखद और रोमांचक रहा।

जंगल सफारी और प्राकृतिक सौंदर्य ने किया मंत्रमुग्ध

जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों ने बेतला के घने जंगल, पहाड़ियां और प्राकृतिक वातावरण को करीब से देखा। आसीम शकील ने कहा कि बेतला का जंगल बेहद समृद्ध है और यहां की जैव विविधता देखते ही बनती है। सफारी के दौरान उन्होंने हिरण, मोर, बारहसिंगा, परवासी पक्षी, बाइसन और हाथी जैसे कई वन्यजीवों को प्राकृतिक परिवेश में विचरण करते देखा।

उनका कहना था कि इस तरह खुले जंगल में वन्यजीवों को देखना अपने आप में एक यादगार अनुभव है, जो शहरों में रहने वाले लोगों को प्रकृति से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि बेतला नेशनल पार्क न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे पूर्वी भारत का एक महत्वपूर्ण वन क्षेत्र है।

शहरी जीवन से दूर मिली मानसिक शांति

पर्यटक डॉ० अमारा आजमी ने बताया कि बेतला का वातावरण बेहद शांत और सुकून देने वाला है।

डॉ० अमारा आजमी ने कहा: “शहरी जीवन की भागदौड़ और तनाव से दूर यहां आकर मानसिक शांति मिलती है। जंगल, पहाड़ और खुला वातावरण मन को सुकून देता है।”

उन्होंने कहा कि आज के समय में जब लोग मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं, ऐसे पर्यटन स्थल लोगों के लिए प्राकृतिक चिकित्सा की तरह काम करते हैं। बेतला जैसे पार्क लोगों को प्रकृति के करीब लाते हैं और पर्यावरण के महत्व को समझने का अवसर देते हैं।

पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण

पर्यटकों ने इस बात पर भी जोर दिया कि बेतला नेशनल पार्क केवल पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी बेहद अहम है। यहां मौजूद वन्यजीव और वन संपदा झारखंड की प्राकृतिक धरोहर हैं। आसीम शकील ने कहा कि बेतला का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है, ताकि वे भी इस प्राकृतिक विरासत को देख सकें।

उन्होंने वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अगर इसी तरह निगरानी और संरक्षण जारी रहा, तो बेतला में वन्यजीवों की संख्या और भी बढ़ सकती है।

प्रचार-प्रसार बढ़ाने की मांग

दोनों पर्यटकों ने झारखंड सरकार और वन विभाग से बेतला नेशनल पार्क के प्रचार-प्रसार को और अधिक बढ़ाने की मांग की। उनका कहना था कि देश के कई हिस्सों में अभी भी लोग बेतला के बारे में पूरी जानकारी नहीं रखते। यदि सही तरीके से प्रचार किया जाए, तो यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आ सकते हैं।

पर्यटकों ने यह भी कहा कि बेतला में पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र का समग्र विकास होगा।

स्थानीय लोगों और प्रबंधन की सराहना

रांची से आए पर्यटकों ने बेतला क्षेत्र के स्थानीय लोगों की मेहमाननवाजी की भी तारीफ की। साथ ही उन्होंने पार्क प्रबंधन द्वारा की गई व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। सफारी व्यवस्था, गाइड की जानकारी और पार्क की साफ-सफाई ने उन्हें प्रभावित किया।

पर्यटकों का कहना था कि जो भी व्यक्ति प्रकृति, जंगल और वन्यजीवों से प्रेम करता है, उसे जीवन में कम से कम एक बार बेतला नेशनल पार्क जरूर आना चाहिए।

न्यूज़ देखो: बेतला बनता जा रहा झारखंड का पर्यटन ब्रांड

बेतला नेशनल पार्क में बढ़ती पर्यटक संख्या यह दर्शाती है कि यह स्थल राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। बाघ की मौजूदगी की खबर ने इसे नई चर्चा में ला दिया है। यदि प्रचार और सुविधाओं पर और ध्यान दिया जाए, तो बेतला झारखंड का प्रमुख पर्यटन ब्रांड बन सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

प्रकृति से जुड़िए, बेतला को जानिए

प्राकृतिक धरोहरों को सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी है।
बेतला जैसे वन क्षेत्र हमें पर्यावरण के महत्व का एहसास कराते हैं।
आप भी मौका मिले तो बेतला नेशनल पार्क जरूर घूमने जाएं।
इस खबर को साझा करें और लोगों को झारखंड के इस गौरवशाली पर्यटन स्थल से परिचित कराएं।

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Written by

बरवाडीह, लातेहार

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