
#रांची #गणित_ओलंपियाड : कक्षा दो की छात्रा ने वैश्विक मंच पर दिखाया गणितीय कौशल।
रांची के डिवाइन पब्लिक स्कूल की कक्षा दो की छात्रा हर्षिका कुमारी ने इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलंपियाड 2025–26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले को गौरवान्वित किया है। साइंस ओलंपियाड फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार परसेंटाइल और रैंक हासिल की। कम उम्र में वैश्विक स्तर पर मिली यह सफलता उनकी असाधारण गणितीय प्रतिभा और सतत अभ्यास को दर्शाती है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है।
- डिवाइन पब्लिक स्कूल, रांची की कक्षा 2 की छात्रा हर्षिका कुमारी ने हासिल की बड़ी उपलब्धि।
- इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलंपियाड 2025–26 में 83.91 परसेंटाइल स्कोर।
- विद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान, क्षेत्रीय स्तर पर 670वीं रैंक।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 908वीं रैंक प्राप्त कर दिखाई प्रतिभा।
- गोल्ड मेडल ऑफ एक्सीलेंस, प्रमाणपत्र और प्रोग्रेस रिपोर्ट से सम्मानित होंगी।
रांची की नन्ही छात्रा हर्षिका कुमारी ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। डिवाइन पब्लिक स्कूल, रांची में अध्ययनरत कक्षा दो की इस छात्रा ने इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलंपियाड 2025–26 में अपनी गणितीय समझ और तार्किक क्षमता का शानदार परिचय दिया। साइंस ओलंपियाड फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में हर्षिका ने न केवल अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया, बल्कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उल्लेखनीय रैंक हासिल कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन
साइंस ओलंपियाड फाउंडेशन द्वारा हर वर्ष आयोजित इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलंपियाड छात्रों की तार्किक सोच, विश्लेषण क्षमता और गणितीय दक्षता को परखने वाली विश्वस्तरीय प्रतियोगिता मानी जाती है। वर्ष 2025–26 की इस परीक्षा में हर्षिका कुमारी ने 83.91 परसेंटाइल स्कोर प्राप्त कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की। उन्होंने विद्यालय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया, जो उनके निरंतर अभ्यास और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंक ने बढ़ाया मान
हर्षिका की उपलब्धि केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रही। क्षेत्रीय स्तर पर उन्होंने 670वीं रैंक प्राप्त की, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 908वीं रैंक हासिल कर वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में रैंक हासिल करना असाधारण उपलब्धि मानी जाती है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करता है।
सम्मान और उपलब्धियां
इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए हर्षिका कुमारी को गोल्ड मेडल ऑफ एक्सीलेंस, सहभागिता प्रमाणपत्र और स्टूडेंट प्रोग्रेस रिपोर्ट से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान न केवल उनकी मेहनत का प्रतीक है, बल्कि उन्हें आगे और बेहतर करने के लिए प्रेरित भी करेगा। विद्यालय प्रबंधन ने इसे छात्रों के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया है।
विद्यालय में खुशी का माहौल
हर्षिका की सफलता से डिवाइन पब्लिक स्कूल, रांची में हर्ष का माहौल है। शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में गणित जैसे विषय में तार्किक समझ विकसित होना असाधारण बात है। शिक्षकों ने यह भी कहा कि हर्षिका की यह उपलब्धि विद्यालय के अन्य छात्रों को भी कठिन विषयों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
शिक्षकों की प्रतिक्रिया
विद्यालय के शिक्षकों ने हर्षिका की मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि वह कक्षा में हमेशा जिज्ञासु रहती हैं और नए प्रश्नों को समझने में विशेष रुचि लेती हैं।
एक शिक्षक ने कहा:
“हर्षिका में शुरू से ही गणित के प्रति गहरी रुचि रही है। उसकी तार्किक सोच और समस्या सुलझाने की क्षमता उसकी उम्र से कहीं आगे है।”
परिवार का गर्व और समर्थन
हर्षिका की इस उपलब्धि पर परिवार में भी गर्व का माहौल है। उनके पिता सुधीर मंडल, जो रांची विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं, ने बेटी की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि हर्षिका शिक्षा के साथ-साथ कला के क्षेत्र में भी निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने बताया कि परिवार ने हमेशा पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों को भी महत्व दिया है, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।
संतुलित शिक्षा का उदाहरण
हर्षिका की सफलता यह दर्शाती है कि यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन, सकारात्मक वातावरण और निरंतर प्रोत्साहन मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। गणित जैसे विषय को अक्सर कठिन माना जाता है, लेकिन हर्षिका ने इसे अपनी रुचि और अभ्यास से सरल बना दिया।
जिले के लिए प्रेरणास्रोत बनीं हर्षिका
रांची जिले के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है, क्योंकि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। यह सफलता न केवल शिक्षा के क्षेत्र में जिले की पहचान को मजबूत करती है, बल्कि अन्य अभिभावकों और छात्रों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
न्यूज़ देखो: प्रतिभा को पहचानने और निखारने की जरूरत
हर्षिका कुमारी की सफलता यह दिखाती है कि प्रारंभिक शिक्षा स्तर पर प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें सही मंच देना कितना आवश्यक है। विद्यालय और परिवार के समन्वय से बच्चों में आत्मविश्वास और कौशल विकसित किया जा सकता है। ऐसे उदाहरण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रेरक साबित होते हैं। क्या हम सभी बच्चों की प्रतिभा को समय रहते पहचानने के लिए पर्याप्त प्रयास कर रहे हैं? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नन्ही उपलब्धियां, बड़ा संदेश
हर्षिका कुमारी की यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि सपनों की उड़ान उम्र नहीं देखती। बच्चों को प्रोत्साहन, समय और सही दिशा मिले तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना सकते हैं।
आप भी बच्चों की प्रतिभा को पहचानें, उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करें और सकारात्मक माहौल बनाएं। इस प्रेरक खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट करें और शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी उपलब्धियों को आगे बढ़ाने में सहभागी बनें।







