पांडू में कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती पर सामाजिक न्याय का संदेश, राष्ट्रीय नाई महासभा ने किया भव्य आयोजन

पांडू में कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती पर सामाजिक न्याय का संदेश, राष्ट्रीय नाई महासभा ने किया भव्य आयोजन

author Tirthraj Dubey
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#पांडू #कर्पूरी ठाकुर जयंती : राष्ट्रीय नाई महासभा ने सामाजिक न्याय और समानता के विचारों को किया स्मरण।

पलामू जिले के पांडू प्रखंड में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 102वीं जयंती पर राष्ट्रीय नाई महासभा द्वारा भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक नेताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही। वक्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय, शिक्षा और पिछड़े वर्गों के उत्थान में दिए योगदान को याद किया। यह आयोजन सामाजिक एकता और संगठन की मजबूती का संदेश देने वाला रहा।

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  • राष्ट्रीय नाई महासभा, पांडू द्वारा आयोजित हुआ 102वां जयंती समारोह।
  • भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन।
  • कार्यक्रम में पूर्व सांसद कामेश्वर बैठा और सुधीर चंद्रवंशी रहे प्रमुख वक्ता।
  • सामाजिक न्याय, शिक्षा और समानता के विचारों पर हुआ विस्तार से विमर्श।
  • युवाओं से संगठन और संघर्ष के रास्ते पर चलने का आह्वान।
  • सैकड़ों ग्रामीणों और समाज के लोगों की रही सक्रिय भागीदारी।

पलामू जिले के पांडू प्रखंड में सोमवार को सामाजिक न्याय और समानता के महान प्रतीक भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 102वीं जयंती पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय नाई महासभा, प्रखंड–पांडू की ओर से एक भव्य एवं प्रेरणादायी समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, जनप्रतिनिधि और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

श्रद्धांजलि के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

समारोह की शुरुआत जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि अर्पित करने और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। कार्यक्रम स्थल पर उनके संघर्षपूर्ण जीवन और विचारों से जुड़े पोस्टर और संदेश भी लगाए गए थे, जिससे वातावरण पूरी तरह सामाजिक चेतना और प्रेरणा से भर गया।

सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम था कर्पूरी ठाकुर का जीवन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिश्रामपुर विधानसभा प्रत्याशी सुधीर चंद्रवंशी ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी ने सत्ता को कभी व्यक्तिगत लाभ का साधन नहीं बनाया, बल्कि इसे सेवा का माध्यम बनाकर समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक अधिकार पहुंचाया।

सुधीर चंद्रवंशी ने कहा: “जननायक कर्पूरी ठाकुर जी ने साबित किया कि सच्चा नेता वही होता है जो बिना भय और लोभ के वंचित समाज की आवाज बन सके। उनका जीवन आज भी जनप्रतिनिधियों के लिए मार्गदर्शक है।”

उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, आरक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में लिए गए उनके फैसले आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।

शिक्षा और समानता के प्रबल समर्थक थे कर्पूरी ठाकुर

कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व सांसद कामेश्वर बैठा ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी का पूरा जीवन शिक्षा, सामाजिक समानता और पिछड़े-वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा।

कामेश्वर बैठा ने कहा: “जननायक कर्पूरी ठाकुर ने अपने निर्णयों से यह संदेश दिया कि समाज तभी आगे बढ़ेगा, जब अंतिम व्यक्ति को भी सम्मान और अवसर मिलेगा। उनके विचार आज के दौर में और भी जरूरी हो गए हैं।”

उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर द्वारा लिए गए कई साहसिक निर्णयों ने सामाजिक ढांचे को मजबूत किया और वंचित तबकों को नई पहचान दिलाई।

युवाओं से विचारों को अपनाने की अपील

समारोह के दौरान वक्ताओं ने विशेष रूप से युवाओं से कर्पूरी ठाकुर जी के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संगठन और संघर्ष के रास्ते पर चलकर ही समाज को मजबूत और सशक्त बनाया जा सकता है।

वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सामाजिक एकता और संगठन

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Written by

पांडु, पलामू

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