
#गारू #सड़क_निर्माण : बारेसाढ़ और मायापुर पंचायत में बनी सड़क एक महीने में टूटने लगी, ग्रामीणों ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल
लातेहार जिले के गारू प्रखंड में हाल ही में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क के एक महीने के भीतर ही टूटने की खबर से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है। बारेसाढ़ और मायापुर पंचायत के कई हिस्सों में सड़क की ऊपरी परत उखड़ने लगी है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
- बारेसाढ़ और मायापुर पंचायत में बनी नई सड़क एक महीने में ही टूटने लगी।
- मायापुर रोड और परेवाटांड़ क्षेत्र में सड़क की ऊपरी परत उखड़ने की शिकायत।
- ग्रामीणों ने लगाया घटिया सामग्री से निर्माण कराने का आरोप।
- मुखिया संघ जिला अध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह ने मामले की जांच की मांग की।
- ग्राम प्रधान अनुज तिर्की ने कहा—कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण देंगे लिखित शिकायत।
लातेहार जिले के गारू प्रखंड में हाल ही में करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई सड़क को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। निर्माण के महज एक महीने के भीतर ही सड़क कई जगहों से टूटने लगी है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब है और निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है।
एक महीने में ही उखड़ने लगी सड़क
ग्रामीणों के अनुसार बारेसाढ़ और मायापुर पंचायत क्षेत्र में बनाई गई सड़क का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ था। लेकिन एक महीने के अंदर ही सड़क की ऊपरी परत कई जगहों से उखड़ने लगी है।
विशेष रूप से मायापुर रोड और परेवाटांड़ इलाके में सड़क की हालत सबसे खराब बताई जा रही है। यहां सड़क की परत जगह-जगह से टूट रही है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होने लगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि नई सड़क से बेहतर आवागमन की उम्मीद थी, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता खराब होने के कारण यह उम्मीद टूटती नजर आ रही है।
घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया गया, जिसके कारण सड़क इतनी जल्दी खराब हो गई।
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क के खराब हिस्सों को अब पैबंद लगाकर ठीक करने की कोशिश की जा रही है, ताकि मामले को दबाया जा सके। लेकिन स्थानीय लोग इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं और पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों ने उठाई जांच की मांग
मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी आवाज उठानी शुरू कर दी है। मुखिया संघ के जिला अध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह ने सड़क निर्माण में हुई अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यदि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क एक महीने भी नहीं टिक पा रही है, तो यह गंभीर मामला है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई भी जरूरी है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
वहीं ग्राम प्रधान अनुज तिर्की ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण प्रशासन को लिखित शिकायत देंगे।
उन्होंने कहा कि गांव के लोगों को बेहतर सड़क की जरूरत थी, लेकिन घटिया निर्माण के कारण लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। ऐसे में ग्रामीण अब चुप नहीं बैठेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी करेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इस मुद्दे को जिला स्तर पर उठाया जाएगा।
न्यूज़ देखो: विकास कार्यों में गुणवत्ता सबसे जरूरी
सरकारी योजनाओं का उद्देश्य लोगों को बेहतर सुविधाएं देना होता है, लेकिन जब निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता होता है तो जनता का भरोसा कमजोर पड़ता है। गारू की यह घटना विकास कार्यों की निगरानी और जवाबदेही की आवश्यकता को फिर से सामने लाती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जनता की आवाज ही लोकतंत्र की ताकत
विकास योजनाएं तभी सफल होती हैं जब उनमें पारदर्शिता और गुणवत्ता हो।
यदि कहीं भी अनियमितता दिखे तो आवाज उठाना जरूरी है।
जागरूक नागरिक ही बेहतर व्यवस्था की नींव रखते हैं।
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