#गिरिडीह #सलैया_संघर्ष : यात्रियों के आंदोलन के बाद रेलवे ने सड़क निर्माण प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट की।
सलैया रेलवे स्टेशन पहुंच पथ की जर्जर सड़क को लेकर लगातार चल रहे आंदोलन के बाद धनबाद डीआरएम कार्यालय ने मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। रेलवे प्रशासन ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए राज्य सरकार के आरसीडी विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया जारी है और स्वीकृति मिलते ही कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिन्हा और गौतम सोनी के नेतृत्व में पिछले छह रविवार से स्टेशन परिसर में जनबैठक आयोजित की जा रही है। आंदोलनकारियों ने इसे जनहित की आंशिक जीत बताते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कही है।
- सलैया स्टेशन रोड की बदहाल स्थिति को लेकर आंदोलन का दिखा असर।
- डीआरएम धनबाद ने सड़क निर्माण को लेकर दी आधिकारिक जानकारी।
- राज्य सरकार के एनओसी मिलने के बाद सड़क निर्माण का रास्ता साफ होगा।
- पिछले छह रविवार से स्टेशन परिसर में चल रही जनबैठक।
- सलैया स्टेशन पर एक्सप्रेस और इंटरसिटी ट्रेनों के ठहराव की भी मांग।
- सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान।
सलैया रेलवे स्टेशन पहुंच पथ की जर्जर सड़क को लेकर यात्रियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का असर अब दिखने लगा है। लगातार सोशल मीडिया और जनआंदोलन के माध्यम से उठाई जा रही मांगों के बाद धनबाद मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय ने सड़क निर्माण मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क निर्माण कार्य राज्य सरकार के आरसीडी विभाग द्वारा कराया जाना है और इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की प्रक्रिया जारी है।
आंदोलन की आवाज पहुंची रेलवे प्रशासन तक
सलैया रेल पैसेंजर यूनियन के सक्रिय सदस्य गौतम सोनी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार सड़क की खराब स्थिति, यात्रियों की परेशानी और दुर्घटनाओं के मुद्दे उठाए जा रहे थे। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया।
रेलवे की ओर से बताया गया कि राज्य सरकार के आरसीडी विभाग ने रेलवे से अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है। प्रक्रिया पूरी होते ही सड़क निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।
गौतम सोनी ने कहा: “लगातार सलैया स्टेशन सड़क की बदहाल स्थिति पर यात्रियों की आवाज उठाने का असर अब दिख रहा है। सलैया संघर्ष मोर्चा का कार्य सराहनीय है।”
पिछले छह रविवार से जारी है बैठक
सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिन्हा और गौतम सोनी के नेतृत्व में पिछले छह रविवार से सलैया स्टेशन परिसर में लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में स्थानीय समस्याओं, यात्रियों की सुविधा और रेलवे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है।
राजेश सिन्हा ने कहा: “हम इसे परंपरा में शामिल करेंगे ताकि सप्ताह में एक दिन आसपास की जनसमस्याओं पर चर्चा हो सके और समाधान की दिशा में आवाज उठाई जा सके।”
उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
जनप्रतिनिधियों की सुस्ती पर उठाए सवाल
राजेश सिन्हा ने कहा कि गिरिडीह क्षेत्र कई महत्वपूर्ण सुविधाओं से वंचित रह गया क्योंकि जनप्रतिनिधियों ने समय रहते गंभीर पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि अब सलैया स्टेशन रोड और न्यू गिरिडीह स्टेशन रोड को प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाना चाहिए।
राजेश सिन्हा ने कहा: “यदि जनप्रतिनिधियों की सुस्ती जारी रही तो विकास की कई और संभावनाएं क्षेत्र से दूर चली जाएंगी।”
उन्होंने बताया कि पचंबा और आसपास के लगभग 80 प्रतिशत यात्रियों के लिए सलैया स्टेशन महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है।
शिक्षा हब के लिए जरूरी है बेहतर सड़क
तुलसी राणा ने कहा कि पचंबा क्षेत्र तेजी से शिक्षा हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहां इंजीनियरिंग कॉलेज और लॉ कॉलेज का शिलान्यास भी हो चुका है, जो सलैया स्टेशन से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों की सुविधा के लिए स्टेशन रोड का बेहतर होना बेहद जरूरी है।
ट्रेन ठहराव की भी उठी मांग
अमित छापरिया ने कहा कि गिरिडीह क्षेत्र से तीन सांसद होने के बावजूद लोगों को अब तक कोलकाता और पटना के लिए सीधी ट्रेन सुविधा नहीं मिल पाई है।
वहीं संतोष पांडे ने मांग की कि कोडरमा–मधुपुर रेलखंड पर चलने वाली इंटरसिटी और एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सलैया स्टेशन पर सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सलैया स्टेशन से पचंबा, आठ नंबर क्षेत्र और जमुआ-गांडेय विधानसभा के कई गांवों की बड़ी आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
संघर्ष मोर्चा के प्रयासों की सराहना
इस दौरान कन्हैया खेतान, छोटेलाल राणा, निशु, मिथलेश, करण कृपालु और गंगाधर समेत संघर्ष मोर्चा से जुड़े कई सदस्यों के प्रयासों की सराहना की गई।
आंदोलनकारियों ने कहा कि जनहित के मुद्दों पर जनजागरण और संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
न्यूज़ देखो: जनआंदोलन से ही प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आती है तेजी
सलैया स्टेशन रोड का मुद्दा यह दिखाता है कि जब स्थानीय लोग संगठित होकर अपनी आवाज उठाते हैं तो प्रशासन और विभागों को भी संज्ञान लेना पड़ता है। सड़क, रेल और यात्री सुविधाएं केवल विकास का प्रतीक नहीं बल्कि आम लोगों की जरूरत हैं। हालांकि रेलवे और राज्य सरकार के बीच प्रक्रिया जारी होने की बात सामने आई है, लेकिन अब लोगों की नजर इस बात पर होगी कि निर्माण कार्य कब तक शुरू होता है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसी मूलभूत समस्याओं का समाधान समय रहते किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक नागरिक ही विकास की सबसे बड़ी ताकत होते हैं
जब लोग अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर एकजुट होते हैं तभी बदलाव की शुरुआत होती है। सड़क, शिक्षा और यातायात जैसी सुविधाएं किसी भी क्षेत्र के विकास की बुनियाद होती हैं।
लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाना समाज की ताकत है। जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी ही आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं का रास्ता तैयार करती है।
आप भी अपने क्षेत्र की समस्याओं और सुझावों को कमेंट में साझा करें। खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और जनहित के मुद्दों पर जागरूकता फैलाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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