
#खलारी #रांची #वार्षिक_उत्सव : 13वां समारोह सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ।
खलारी स्थित सरना एकेडमी में 10 फरवरी 2026 को 13वां वार्षिक उत्सव भव्य रूप से आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि दिनेश कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी और मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम शिक्षा, संस्कृति और प्रतिभा के संगम का प्रतीक बना।
- 10 फरवरी 2026 को सरना एकेडमी, खलारी में 13वां वार्षिक उत्सव आयोजित।
- मुख्य अतिथि दिनेश कुमार (महाप्रबंधक, एन.के. एरिया) की गरिमामयी उपस्थिति।
- विद्यार्थियों द्वारा नृत्य, नाटक, लोकसंस्कृति व कराटे प्रदर्शन की आकर्षक प्रस्तुति।
- कक्षा 10वीं उत्तीर्ण छात्रों व नर्सरी से 10वीं तक के टॉपर्स को सम्मानित किया गया।
- विद्यालय निदेशक महेंद्र उरांव एवं प्रधानाचार्य गोपाल कुमार सिंह ने स्वागत किया।
खलारी, रांची स्थित सरना एकेडमी में मंगलवार 10 फरवरी 2026 को विद्यालय का 13वां वार्षिक उत्सव अत्यंत भव्य और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विद्यार्थियों की प्रतिभा, सांस्कृतिक विविधता और अनुशासित प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। पूरे आयोजन में शिक्षा और संस्कार का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
पारंपरिक स्वागत और गरिमामयी शुभारंभ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिनेश कुमार (महाप्रबंधक, एन.के. एरिया) रहे। विशिष्ट अतिथियों में श्रीमती सरिता देवी (मुखिया, बेंती पंचायत) तथा बहुरा मुंडा (विस्थापित नेता, बिरसा नगर धमधामिया) उपस्थित रहे।
अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ हाथ धुलवाकर, बैज प्रदान कर एवं तिलक लगाकर किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन, स्वागत गीत और प्रार्थना नृत्य के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस दौरान विद्यालय परिसर उत्सव के रंग में सराबोर दिखाई दिया।
विद्यालय के निदेशक महेंद्र उरांव एवं प्रधानाचार्य गोपाल कुमार सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए अतिथियों का अभिनंदन किया और विद्यालय की उपलब्धियों तथा शैक्षणिक प्रगति पर प्रकाश डाला।
विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
वार्षिक उत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। इनमें कराटे प्रदर्शन, बिरसा मुंडा पर आधारित नाट्य मंचन, सड़क सुरक्षा पर नाटक, रामायण नाटिका, स्नो व्हाइट ड्रामा और शिक्षा के महत्व पर आधारित कार्यक्रम शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त मोबाइल थीम डांस, संथाली, नागपुरी, नेपाली लोकनृत्य, गरबा, दक्षिण भारतीय नृत्य तथा बॉलीवुड समूह नृत्य ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रत्येक प्रस्तुति में विद्यार्थियों की मेहनत, आत्मविश्वास और अनुशासन स्पष्ट रूप से झलक रहा था।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता, परंपराओं के संरक्षण और नैतिक मूल्यों के महत्व का संदेश भी दिया गया। दर्शकों ने तालियों की गूंज के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
मेधावी छात्रों का सम्मान समारोह
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण कक्षा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों का सम्मान समारोह रहा। साथ ही नर्सरी से कक्षा 10 तक के टॉपर्स को मंच पर सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर उनका मनोबल बढ़ाया गया।
विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि को विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की संयुक्त मेहनत का परिणाम बताया। सम्मान समारोह के दौरान अभिभावकों के चेहरों पर गर्व और संतोष की झलक साफ दिखाई दे रही थी।
अतिथियों का प्रेरक संबोधन
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरना एकेडमी ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा दी गई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में भावना सिंह और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। समारोह के अंत में उप-प्रधानाचार्य ओम प्रकाश गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सैन्य मातृशक्ति से जुड़ी सदस्य पूनम, महामंत्री विनीता सिंह, अध्यक्ष रूबी सिंह, नीता शर्मा, संगीता, भावना सिंह, अंजू, शालीमा, पूनम सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
पूरा वातावरण उत्साह, उमंग और गर्व से भरा रहा। सरना एकेडमी का 13वां वार्षिक उत्सव विद्यालय के इतिहास में एक प्रेरणादायक अध्याय के रूप में दर्ज हो गया।
न्यूज़ देखो: शिक्षा और संस्कृति का सशक्त संगम
सरना एकेडमी का यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। ऐसे मंच विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को नई उड़ान देते हैं और समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। विद्यालय द्वारा प्रतिभा सम्मान और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना शिक्षा के समग्र विकास मॉडल को दर्शाता है। भविष्य में ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहें, यही अपेक्षा है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा से सशक्त समाज की ओर बढ़ते कदम
विद्यालयों के ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव मजबूत करते हैं।
संस्कार, अनुशासन और संस्कृति का मेल ही भविष्य का आधार बनता है।
अभिभावकों और समाज की सक्रिय भागीदारी से ही शिक्षा का उद्देश्य पूर्ण होता है।
आइए, हम सभी मिलकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को समर्थन दें और बच्चों का उत्साह बढ़ाएं।
अपने विचार कमेंट में साझा करें, खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और शिक्षा के इस सकारात्मक प्रयास को आगे बढ़ाने में सहभागी बनें।







