
#डुमरी #गुमला #धान_अधिप्राप्ति : लैंप्स के औचक निरीक्षण में अनियमितता पर एसडीओ ने सख्त रुख अपनाया।
गुमला जिले के डुमरी प्रखंड में धान अधिप्राप्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एसडीओ पूर्णिमा कुमारी ने लैंप्स केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डुमरी और जैरागी लैंप्स बंद पाए गए, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया। एसडीओ ने तत्काल जांच के आदेश देते हुए अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को समय पर पारदर्शी लाभ सुनिश्चित करना है।
- एसडीओ पूर्णिमा कुमारी ने किया लैंप्स का औचक निरीक्षण।
- डुमरी और जैरागी लैंप्स कार्य अवधि में बंद मिले।
- विस्तृत जांच के आदेश, अनियमितता पर कार्रवाई की चेतावनी।
- मझगांव लैंप्स में स्टॉक और पंजियों की जांच।
- किसानों के शीघ्र पंजीकरण और समय पर भुगतान का निर्देश।
गुमला जिले के डुमरी प्रखंड में धान अधिप्राप्ति व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में एसडीओ पूर्णिमा कुमारी ने लैंप्स केंद्रों की कार्यप्रणाली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के सीधे किसानों तक पहुंचे।
कार्य अवधि में बंद मिले लैंप्स, एसडीओ नाराज़
औचक निरीक्षण के दौरान डुमरी लैंप्स और जैरागी लैंप्स कार्य अवधि में बंद पाए गए। केंद्रों का इस तरह बंद होना प्रशासनिक दृष्टि से गंभीर लापरवाही मानी गई। इस पर एसडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया।
एसडीओ पूर्णिमा कुमारी ने स्पष्ट किया:
“कार्य समय में लैंप्स का बंद रहना गंभीर मामला है। यदि जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने कहा कि किसानों के हित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मझगांव लैंप्स में स्टॉक और पंजियों की जांच
इसके बाद एसडीओ मझगांव लैंप्स पहुंचीं, जहां उन्होंने धान के स्टॉक, पंजी और अभिलेखों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद लैंप्स अध्यक्ष और सचिव को कई अहम निर्देश दिए।
एसडीओ ने कहा कि अधिक से अधिक किसानों का अविलंब पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसानों से खरीदे गए धान का समय पर भुगतान अनिवार्य रूप से किया जाए।
धान के शीघ्र उठाव पर जोर
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने यह भी निर्देश दिया कि लैंप्स में जमा किए गए धान को जल्द से जल्द जिला मुख्यालय भेजा जाए। इससे भंडारण की समस्या नहीं होगी और अन्य किसानों से भी धान की खरीदारी सुचारू रूप से की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी सीधे किसानों को नुकसान पहुंचाती है, इसलिए सभी स्तरों पर कार्य में तेजी और समन्वय जरूरी है।
पारदर्शिता और बिचौलियों से मुक्ति पर फोकस
एसडीओ पूर्णिमा कुमारी ने लैंप्स प्रभारियों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि किसानों को बिचौलियों से बचाकर सीधे लैंप्स के माध्यम से लाभान्वित किया जाए।
उन्होंने कहा:
“सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचना चाहिए। लैंप्स को इसी उद्देश्य से सशक्त बनाया गया है और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जाएगी।”
किसानों के हित में प्रशासन की सख्ती
एसडीओ के इस औचक निरीक्षण के बाद लैंप्स कर्मियों में हलचल देखी गई। प्रशासनिक सख्ती से यह संदेश साफ है कि धान अधिप्राप्ति और किसानों से जुड़े मामलों में लापरवाही पर अब सीधे कार्रवाई होगी।
किसानों ने भी उम्मीद जताई है कि इस तरह की नियमित निगरानी से उन्हें समय पर भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा।



न्यूज़ देखो: किसानों के हक में प्रशासन का स्पष्ट संदेश
डुमरी में लैंप्स का औचक निरीक्षण यह दर्शाता है कि प्रशासन धान अधिप्राप्ति व्यवस्था को लेकर गंभीर है। बंद केंद्रों पर जांच और कार्रवाई की चेतावनी से जवाबदेही तय होने की उम्मीद बढ़ी है। यह कदम किसानों को बिचौलियों से बचाने और सरकारी योजनाओं को प्रभावी बनाने की दिशा में अहम है। अब निगरानी की निरंतरता ही इसकी सफलता तय करेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पारदर्शी व्यवस्था से ही मजबूत होगा किसान का भरोसा
धान अधिप्राप्ति किसानों की आजीविका से जुड़ा विषय है और इसमें पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
प्रशासन की सख्ती तभी सार्थक होगी जब हर किसान को समय पर भुगतान और सम्मान मिले।
आपके क्षेत्र में लैंप्स की व्यवस्था कैसी है, अपनी राय जरूर साझा करें।
इस खबर को आगे बढ़ाएं ताकि किसान हित से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता और जवाबदेही दोनों मजबूत हो सकें।




