#बरवाडीह #प्रशासन_विवाद : अंचल कार्यालय में अव्यवस्था और आम लोगों की अनदेखी के आरोप सामने आए।
लातेहार जिले के बरवाडीह अंचल कार्यालय की कार्यशैली एक बार फिर विवादों में आ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के बाद आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार और अव्यवस्था के आरोप सामने आए हैं। कांग्रेस युवा नेता ने मामले में हस्तक्षेप और जांच की मांग की है। यह घटना प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है।
- बरवाडीह अंचल कार्यालय की कार्यशैली पर सवाल उठे।
- संजीव श्रीवास्तव ने वीडियो साझा कर आरोप लगाए।
- बुजुर्ग व्यक्ति को घंटों इंतजार कराने का आरोप।
- वीडियो में अधिकारी द्वारा “बाहर बैठिए” कहते सुना गया।
- लोगों ने जांच और पारदर्शिता की मांग की।
- प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
लातेहार जिले के बरवाडीह अंचल कार्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है और आम नागरिकों के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
कांग्रेस युवा नेता संजीव श्रीवास्तव द्वारा साझा किए गए वीडियो के बाद यह मामला सामने आया। वीडियो में एक बुजुर्ग व्यक्ति सुबह करीब 11 बजे अपनी समस्या को लेकर अंचल कार्यालय पहुंचते हुए दिखाए गए हैं।
आरोप है कि उनसे बाहर ही नाम, पता और समस्या लिखवाई गई, लेकिन कई घंटों तक उन्हें अधिकारी से मिलने का अवसर नहीं दिया गया। वीडियो में अंचल अधिकारी द्वारा “बाहर बैठिए” कहते हुए भी सुना गया, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
संजीव श्रीवास्तव ने कहा: “आम जनता को इस तरह परेशान करना उचित नहीं है, प्रशासन को जवाब देना चाहिए।”
आम लोगों की अनदेखी के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंचल कार्यालय में दूर-दराज से आने वाले जरूरतमंद लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जबकि कुछ चुनिंदा लोगों को सीधे अंदर बुला लिया जाता है।
इस तरह के व्यवहार से आम नागरिकों में असंतोष बढ़ रहा है और वे प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में सभी के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।
जांच की उठी मांग
वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने अंचल अधिकारी के पूरे कार्यकाल की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कार्यालय में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्यप्रणाली सुनिश्चित की जानी चाहिए।
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा: “अगर समय पर काम नहीं होगा और लोगों को सम्मान नहीं मिलेगा, तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।”
उपायुक्त से हस्तक्षेप की मांग
कांग्रेस युवा नेता संजीव श्रीवास्तव ने भी इस मामले में नाराजगी जताते हुए जिले के उपायुक्त से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं प्रशासन की छवि को खराब करती हैं और जनता का भरोसा कमजोर करती हैं।
प्रशासन की चुप्पी
इस पूरे मामले में अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे लोगों के बीच असमंजस और नाराजगी बनी हुई है।
लोगों का मानना है कि जल्द से जल्द इस मामले में स्पष्टता लाई जानी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
न्यूज़ देखो: जवाबदेही और पारदर्शिता पर खड़े सवाल
बरवाडीह अंचल कार्यालय से जुड़ा यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है। यदि आम नागरिकों को ही सम्मान और समय पर सेवा नहीं मिलेगी, तो शासन व्यवस्था पर विश्वास कैसे कायम रहेगा। प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। क्या इस पर ठोस कार्रवाई होगी, यह देखने वाली बात होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक नागरिक बनें, व्यवस्था को बेहतर बनाएं
लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी ताकत होती है। अगर कहीं भी गलत हो रहा है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
आपकी जागरूकता ही व्यवस्था को सुधारने का पहला कदम है। अपने अधिकारों को समझें और जरूरत पड़ने पर सही मंच पर अपनी बात रखें।
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