एनकाउंटर मामले में झामुमो नेताओं के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया: सूर्या हांसदा को न्याय दिलाने के लिए संथाल परगना समन्वय समिति का गठन

एनकाउंटर मामले में झामुमो नेताओं के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया: सूर्या हांसदा को न्याय दिलाने के लिए संथाल परगना समन्वय समिति का गठन

author Saroj Verma
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#दुमका #न्याय : छात्र संगठनों और झारखंड क्रांति सेना ने मिलकर आंदोलन को नई दिशा दी
  • झारखंड क्रांति सेना और छात्र समन्वय समिति की संयुक्त बैठक आयोजित।
  • दिवंगत सूर्या हांसदा को न्याय दिलाने के लिए संथाल परगना समन्वय समिति का गठन।
  • झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य और विधायक हेमलाल मुर्मू के बयान की कड़ी निंदा।
  • सीबीआई जांच की मांग को लेकर सभी जनसंगठनों और आमजनों से जुड़ने की अपील।
  • न्याय की लड़ाई को अब और तेज़ व व्यापक करने की घोषणा।

दुमका। बुधवार को परिसदन में आयोजित बैठक में झारखंड क्रांति सेना और छात्र समन्वय समिति ने मिलकर संथाल परगना समन्वय समिति का गठन किया। समिति का उद्देश्य है दिवंगत सूर्या हांसदा को न्याय दिलाने की लड़ाई को संगठित और व्यापक रूप देना।

नेताओं के बयान पर तीखी निंदा

बैठक में झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य और विधायक हेमलाल मुर्मू द्वारा दिए गए बयानों को असंवेदनशील और अनुचित बताते हुए उनकी कड़ी निंदा की गई। उपस्थित प्रतिनिधियों का कहना था कि ऐसे बयान न्याय की लड़ाई को कमजोर करते हैं और मृतक परिवार की पीड़ा को और गहरा करते हैं।

समिति की रणनीति और अपील

नवगठित संथाल परगना समन्वय समिति ने स्पष्ट किया कि अब यह आंदोलन और तेज़ होगा। समिति ने सभी जनसंगठनों, संस्थाओं, सामाजिक मंचों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस न्याय की लड़ाई से जुड़ें।

समिति ने कहा कि सीबीआई जांच ही इस मामले में सच्चाई सामने लाने का एकमात्र रास्ता है और इसके लिए हर स्तर पर दबाव बनाया जाएगा।

न्याय की आवाज और जन समर्थन

सूर्या हांसदा को इंसाफ दिलाने की मांग धीरे-धीरे जनआंदोलन का रूप ले रही है। युवाओं से लेकर सामाजिक संगठनों तक, सभी इस अभियान से जुड़ने लगे हैं। बैठक में यह भी तय हुआ कि आने वाले दिनों में विभिन्न जिलों में जागरूकता अभियान और धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे ताकि न्याय की गूंज और बुलंद हो।

न्यूज़ देखो: न्याय के लिए संगठित आवाज

सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामला अब केवल एक घटना नहीं बल्कि न्याय और संवेदनशीलता की कसौटी बन चुका है। इस आंदोलन से यह संदेश भी जाता है कि जब जनता संगठित होकर आवाज बुलंद करती है तो किसी भी सत्ता या संगठन को जवाब देना ही पड़ता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

न्याय की राह पर जनता की शक्ति

अब समय है कि समाज मिलकर इस न्याय की लड़ाई को और मजबूत करे। आपकी आवाज इस अभियान की ताकत बनेगी। अपनी राय कॉमेंट करें और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि यह संदेश हर घर तक पहुंचे।

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Written by

दुमका/देवघर

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