
#कोलेबिरा #पुलिस_कार्रवाई : 1997 के मामले का आरोपी पकड़ा—लंबे समय से फरार था अभियुक्त।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा थाना पुलिस ने 22 वर्षों से फरार स्थायी वारंटी शेख पहलवान मियां को गिरफ्तार किया है। आरोपी 1997 के एक मामले में वांछित था और उसके खिलाफ 2004 में वारंट जारी हुआ था। गुप्त सूचना के आधार पर 4 अप्रैल 2026 को उसे गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
- शेख पहलवान मियां 22 साल से फरार वारंटी गिरफ्तार।
- मामला कोलेबिरा थाना कांड संख्या 11/97 से जुड़ा।
- 2004 में जारी हुआ था स्थायी वारंट।
- 4 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना पर गिरफ्तारी।
- पुलिस टीम की संयुक्त छापेमारी से सफलता।
सिमडेगा जिले की कोलेबिरा थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 22 वर्षों से फरार चल रहे स्थायी वारंटी शेख पहलवान मियां उर्फ शेख पहल को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी लंबे समय से लंबित एक पुराने आपराधिक मामले में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
1997 के मामले में था फरार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ कोलेबिरा थाना कांड संख्या 11/97 (दिनांक 03.03.1997) में मामला दर्ज था। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने के कारण न्यायालय ने 15 अक्टूबर 2004 को उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था।
एसडीपीओ बैजू उरांव ने कहा: “इतने लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता है।”
गिरफ्तारी से बचने के लिए बदलता रहा ठिकाना
पुलिस के अनुसार, शेख पहलवान मियां गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। वह लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के जशपुर क्षेत्र में छिपा हुआ था।
गुप्त सूचना बनी आधार
कोलेबिरा थाना प्रभारी को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव सोखाटोली, अघरमा में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई।
छापेमारी कर किया गिरफ्तार
थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 अप्रैल 2026 को आरोपी को उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम की भूमिका
इस छापेमारी अभियान में—
पुअनि हर्ष कुमार साह, पुअनि सकलदेव महतो, सअनि रामनाथ जोंको, सअनि प्रताप चंद्र महतो सहित थाना सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
सभी ने मिलकर इस ऑपरेशन को सफल बनाया।
आरोपी की पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शेख पहलवान मियां उर्फ शेख पहल (उम्र लगभग 48 वर्ष) के रूप में हुई है।
कानून का शिकंजा
पुलिस का कहना है कि लंबे समय से फरार रहने के बावजूद आरोपी कानून के शिकंजे से बच नहीं सका। अब उसके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।
क्षेत्र में चर्चा का विषय
इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता की चर्चा हो रही है। लोग इसे कानून व्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम मान रहे हैं।
न्यूज़ देखो: देर से सही, कानून का शिकंजा कड़ा
कोलेबिरा पुलिस की यह कार्रवाई दिखाती है कि कानून से बचना आसान नहीं है। वर्षों बाद भी आरोपी को पकड़ना पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अब सवाल यह है कि ऐसे मामलों में कार्रवाई और तेज कैसे हो। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
कानून का सम्मान करें
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जरूरी है कि हम कानून का सम्मान करें।
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