#हुसैनाबाद #महायज्ञ_आयोजन : मुरली पहाड़ी शिवधाम से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य कलश जलयात्रा।
पलामू जिले के हुसैनाबाद क्षेत्र स्थित लंगरकोट मुरली पहाड़ी महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग शिवधाम परिसर में शिव शक्ति प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का शुभारंभ भव्य जलयात्रा के साथ हुआ। 18 से 26 फरवरी तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। हरिद्वार और अयोध्या से आए आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश स्थापना संपन्न हुई। आयोजन से क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना है।
- आयोजन स्थल – लंगरकोट मुरली पहाड़ी महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग शिवधाम, हुसैनाबाद।
- 18 से 26 फरवरी तक शिव शक्ति प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का आयोजन।
- सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता में भव्य कलश जलयात्रा निकाली गई।
- हरिद्वार के श्री राघव जी आर्चय महाराज और अयोध्या के श्री गोविंदाचार्य महाराज की उपस्थिति।
- वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश स्थापना और यज्ञ अनुष्ठान प्रारंभ।
हुसैनाबाद/पलामू। बुधवार को लंगरकोट स्थित मुरली पहाड़ी महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग शिवधाम परिसर में शिव शक्ति प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का शुभारंभ श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। सुबह से ही परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। यज्ञ शाला से भव्य कलश जलयात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाएं, पुरुष और युवा पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए।
यह धार्मिक अनुष्ठान 18 फरवरी से 26 फरवरी तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन वैदिक रीति-रिवाजों के साथ पूजन, हवन और अनुष्ठान संपन्न होंगे।
भव्य जलयात्रा से गूंजा पूरा क्षेत्र
यज्ञ के शुभारंभ पर मुरली पहाड़ी से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उद्घोष के साथ कलश यात्रा निकाली। गाजे-बाजे, घोड़े और रथ के साथ निकली यह यात्रा ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करती हुई नहर मोड़, दिनेश सिंह चौक और जेपी चौक से गुजरते हुए देवरी सोन नदी के तट पहुंची।
नदी तट पर यज्ञ आर्चय रामाकांत पाठक, नरेंद्र पाठक, शत्रुघ्न पाठक, रामजन्न मिश्रा, संतोष पाठक और चुनमुन मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलशों में जल भरवाया। इसके बाद श्रद्धालु पुनः शिवधाम परिसर लौटे, जहां विधिवत कलश स्थापना अनुष्ठान संपन्न किया गया।
देशभर से पहुंचे आचार्यों का सान्निध्य
इस महायज्ञ में हरिद्वार (उत्तर प्रदेश) से पधारे श्री श्री 1008 श्री राघव जी आर्चय महाराज तथा अयोध्या (उत्तर प्रदेश) के अनंत विभूषित श्री गोविंदाचार्य महाराज का विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ। उनके करकमलों द्वारा यज्ञ की विधिवत शुरुआत की गई।
आचार्य बालयोगी श्री गोविंदाचार्य महाराज ने कहा:
गोविंदाचार्य महाराज ने कहा: “भक्ति से ही शक्ति की उत्पत्ति होती है। क्षेत्र में यज्ञ अनुष्ठान से प्राकृतिक ज्ञान शक्ति का संचार होता है और वातावरण में शुद्धता का आभास होता है।”
उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे पूरे श्रद्धा भाव से यज्ञ में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करें।
धार्मिक अनुष्ठान से बढ़ी आस्था
शिव शक्ति प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ के अवसर पर परिसर में विशेष सजावट की गई थी। वैदिक मंत्रों की ध्वनि और शंखनाद से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं अन्य व्यवस्थाएं की गईं।
मौके पर आर्चाय विजय मिश्रा, महंत विनय कुमार सिंह त्यागी, मुख्य यजमान संतोष कुमार सिंह और सुमित्रा देवी उपस्थित रहे। इसके अलावा भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष सह बंगाल चुनाव सह प्रभारी अशोक सिंह, भाजपा नेता रविंद्र कुमार सिंह उर्फ बब्लू कुमार सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं यज्ञ समिति के सदस्य मौजूद थे।
26 फरवरी तक चलेगा अनुष्ठान
आयोजन समिति के अनुसार 18 फरवरी से प्रारंभ हुआ यह महायज्ञ 26 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन हवन, पूजन, कथा और धार्मिक प्रवचन का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना है, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता का भी संदेश दे रहा है।
न्यूज़ देखो: आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश
लंगरकोट शिवधाम में आयोजित यह महायज्ञ दर्शाता है कि धार्मिक आयोजन केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता के अवसर भी होते हैं। देश के विभिन्न भागों से आए आचार्यों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व दिया है। यदि ऐसे कार्यक्रमों में अनुशासन और सामूहिक सहभागिता बनी रहे तो क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
भक्ति से शक्ति की ओर बढ़ता कदम
धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का माध्यम हैं।
आस्था के साथ एकता का संदेश देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
यज्ञ में शामिल होकर सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करें।
अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत बनाएं।
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