
#पलामू #शोक_समाचार : 10 फरवरी को निधन, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि।
पलामू जिले के पांकी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. शशि भूषण मेहता के पिता श्री शिवलोचन महतो का 10 फरवरी 2026 की दोपहर निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। जिला परिषद सदस्य जय शंकर कुमार सिंह संग्राम सिंह लेस्लीगंज स्थित आवास पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को संबल देने की प्रार्थना की।
- 10 फरवरी 2026 की दोपहर हुआ निधन।
- शिवलोचन महतो, पिता — डॉ. शशि भूषण मेहता।
- जय शंकर कुमार सिंह संग्राम सिंह, जिला परिषद सदस्य पहुंचे।
- लेस्लीगंज स्थित आवास पर दी गई श्रद्धांजलि।
- परिजनों से मिलकर जताई गई गहरी संवेदना।
पलामू जिले के पांकी विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. शशि भूषण मेहता के पिता श्री शिवलोचन महतो के निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक का माहौल है। 10 फरवरी 2026 की दोपहर उनके निधन की सूचना जैसे ही लोगों को मिली, क्षेत्र में संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। स्थानीय जनप्रतिनिधि और समर्थक परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करने पहुंचने लगे। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया है।
10 फरवरी की दोपहर हुआ निधन
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, श्री शिवलोचन महतो का निधन 10 फरवरी 2026 की दोपहर हुआ। वे लंबे समय से सामाजिक और पारिवारिक जीवन में सक्रिय रहे थे। उनके निधन की खबर जैसे ही फैली, पांकी विधानसभा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वे सरल, मिलनसार और सामाजिक मूल्यों को मानने वाले व्यक्ति थे। उनके जाने से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र ने एक वरिष्ठ अभिभावक तुल्य व्यक्तित्व को खो दिया है।
लेस्लीगंज आवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
निधन की सूचना मिलते ही जिला परिषद सदस्य जय शंकर कुमार सिंह संग्राम सिंह लेस्लीगंज स्थित आवास पहुंचे। वहां उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदना प्रकट की।
जय शंकर कुमार सिंह संग्राम सिंह ने कहा: “ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और इस कठिन समय में परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।”
उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा क्षेत्र उनके साथ खड़ा है। उनके आगमन से परिवारजनों को भावनात्मक संबल मिला।
क्षेत्र में शोक की लहर
श्री शिवलोचन महतो के निधन की खबर से पांकी विधानसभा क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। स्थानीय कार्यकर्ताओं, समर्थकों और सामाजिक संगठनों ने भी अपनी संवेदना व्यक्त की है। कई लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहने वाले परिवार से जुड़े होने के कारण, उनके सामाजिक संपर्क व्यापक थे। यही कारण है कि उनके निधन की खबर से आम नागरिकों में भी शोक की भावना देखी गई।
पारिवारिक और सामाजिक विरासत
शिवलोचन महतो ने अपने जीवन में परिवार और समाज दोनों को प्राथमिकता दी। उनके संस्कारों और मूल्यों का प्रभाव उनके पुत्र डॉ. शशि भूषण मेहता, जो वर्तमान में पांकी के विधायक हैं, के सार्वजनिक जीवन में भी देखा जाता है।
परिवार के प्रति उनका समर्पण और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना उन्हें क्षेत्र में एक सम्मानित व्यक्तित्व बनाती थी। उनके निधन से उत्पन्न शून्य को भर पाना आसान नहीं होगा।
न्यूज़ देखो: जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता का संदेश
किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए निजी दुख की घड़ी अत्यंत कठिन होती है। ऐसे समय में सामाजिक और राजनीतिक सहयोग का मिलना एक मजबूत संदेश देता है कि जनसेवा केवल मंचों तक सीमित नहीं है। शिवलोचन महतो के निधन पर क्षेत्रीय प्रतिनिधियों का पहुंचना सामाजिक एकजुटता को दर्शाता है। अब देखना होगा कि इस दुख की घड़ी में पूरा क्षेत्र किस तरह परिवार के साथ खड़ा रहता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
दुःख की घड़ी में साथ खड़े रहने का संकल्प
जीवन और मृत्यु का चक्र अनवरत चलता रहता है, लेकिन अपने प्रियजनों का जाना हमेशा एक गहरी रिक्तता छोड़ जाता है। ऐसे समय में समाज का साथ और संवेदना ही सबसे बड़ी शक्ति बनती है।
हम सभी का दायित्व है कि दुख की घड़ी में एक-दूसरे का संबल बनें और मानवीय मूल्यों को जीवित रखें।
आप भी अपनी श्रद्धांजलि और संवेदना कमेंट के माध्यम से व्यक्त करें। खबर को साझा कर परिवार के प्रति अपनी सहभागिता दिखाएं और समाज में संवेदनशीलता की भावना को मजबूत बनाएं।



