#सिमडेगा #खेल_प्रतियोगिता : ऑल इंडिया महिला हॉकी टूर्नामेंट में भाग लेने टीम बिलासपुर रवाना।
सिमडेगा जिले की 20 सदस्यीय महिला हॉकी टीम 8वीं नव भारत ऑल इंडिया महिला हॉकी प्रतियोगिता 2026 में भाग लेने के लिए शनिवार को बिलासपुर के लिए रवाना हुई। यह प्रतियोगिता 26 अप्रैल से 2 मई तक आयोजित होगी, जिसमें देशभर की 8 टीमें हिस्सा लेंगी। रवाना होने से पहले पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। यह अवसर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करेगा।
- सिमडेगा महिला हॉकी टीम बिलासपुर के लिए रवाना हुई।
- 26 अप्रैल से 2 मई 2026 तक प्रतियोगिता आयोजित होगी।
- देशभर की 8 टीमें प्रतियोगिता में लेंगी भाग।
- मनोज कोनबेगी सहित पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं।
- सिमडेगा में 75+ महिला खिलाड़ी रोजाना अभ्यास करती हैं।
- विभिन्न प्रखंडों में 400 से अधिक खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
सिमडेगा, जिसे देशभर में हॉकी की नर्सरी के रूप में पहचान मिली है, एक बार फिर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। जिले की 20 सदस्यीय महिला हॉकी टीम शनिवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के लिए रवाना हुई, जहां वे 8वीं नव भारत ऑल इंडिया महिला हॉकी प्रतियोगिता 2026 में हिस्सा लेंगी। यह प्रतियोगिता 26 अप्रैल से 2 मई तक आयोजित होगी, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से कुल 8 टीमें भाग लेंगी। टीम के रवाना होने से पहले खिलाड़ियों में उत्साह और आत्मविश्वास साफ देखा गया।
पदाधिकारियों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला
टीम के प्रस्थान से पूर्व हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी, पैंक्रासियुस टोप्पो, कोच तारिणी कुमारी एवं फ्लैबियस तिर्की ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं और उनका मनोबल बढ़ाया।
मनोज कोनबेगी ने कहा: “सिमडेगा की पहचान हॉकी से है और हमें विश्वास है कि हमारी टीम इस प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करेगी।”
इसके अलावा जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार, हॉकी सिमडेगा के कोषाध्यक्ष कमलेश्वर मांझी, सुनील तिर्की, बसंत बा, वेद प्रकाश, एक्शन कीड़ों, करिश्मा परववार सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी खिलाड़ियों को जीत के लिए प्रेरित किया।
सिमडेगा बना हॉकी प्रतिभाओं का केंद्र
पदाधिकारियों ने बताया कि सिमडेगा को हॉकी की नर्सरी के रूप में जाना जाता है, जहां बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। जिला मुख्यालय स्थित एस्ट्रोटर्फ मैदान में प्रतिदिन 75 से अधिक महिला खिलाड़ी अभ्यास करती हैं।
वहीं, जिले के विभिन्न प्रखंडों में 400 से अधिक खिलाड़ी नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि सिमडेगा में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
पैंक्रासियुस टोप्पो ने कहा: “हमारा प्रयास है कि हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को आगे बढ़ने का मौका मिले और वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाए।”
राष्ट्रीय स्तर पर अवसर देने की पहल
हालांकि सभी खिलाड़ियों को राज्य टीम के माध्यम से राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलने का अवसर नहीं मिल पाता, लेकिन हॉकी सिमडेगा द्वारा जिला टीम को ऑल इंडिया प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर प्रदान किया जाता है।
इस पहल का उद्देश्य खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने का अनुभव देना है, जिससे वे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन कर सकें। यह कदम ग्रामीण और छोटे क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
टीम के खिलाड़ी और प्रबंधन
इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीम में शामिल खिलाड़ी हैं:
मनीषा एक्का, सोनाली तिर्की, शुशिला कुजूर, एस्थर होरो, सीता कुमारी, अनीशा कुल्लू, रीना कुल्लू, अनुप्रिया सोरेंग, शिवानी कुमारी, अमृता मिंज, बेरतीला केरकेट्टा, जमुना कुमारी, राजमुनि कुमारी, मनीषा मिंज, अनिमा कांडुलना, पुनीता मांझी, सानिया तिर्की, आरती कुमारी।
टीम के मैनेजर के रूप में कुनूल भेंगरा और कोच के रूप में रोहित बेसरा टीम का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
खिलाड़ियों में उत्साह और उम्मीद
टीम के खिलाड़ियों में इस प्रतियोगिता को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। सभी खिलाड़ी इस अवसर को अपने करियर के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं और बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
इस तरह के आयोजनों से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को निखारने और बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका मिलता है। सिमडेगा की टीम भी इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रही है।
न्यूज़ देखो: छोटे शहरों से निकल रही बड़ी खेल प्रतिभाएं
सिमडेगा की यह पहल दिखाती है कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो छोटे शहरों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। हॉकी सिमडेगा द्वारा खिलाड़ियों को मंच देना सराहनीय कदम है, लेकिन क्या इन प्रतिभाओं को आगे और बेहतर सुविधाएं मिल पाएंगी, यह एक महत्वपूर्ण सवाल है। सरकार और खेल संगठनों को मिलकर इस दिशा में और काम करने की जरूरत है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खेल के मैदान से सपनों की उड़ान
हर खिलाड़ी के अंदर एक सपना होता है देश के लिए खेलने का, और ऐसे अवसर उन सपनों को पंख देते हैं। सिमडेगा की बेटियां आज उसी सपने को लेकर मैदान में उतरने जा रही हैं।
आप भी अपने क्षेत्र की प्रतिभाओं को पहचानें और उनका उत्साह बढ़ाएं। खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन की पहचान है।
अगर आपको लगता है कि ऐसे प्रयासों को और बढ़ावा मिलना चाहिए, तो अपनी राय जरूर साझा करें। इस खबर को आगे बढ़ाएं और इन खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने में अपनी भागीदारी निभाएं।
