बानो में टीबी उन्मूलन के लिए 100 दिवसीय अभियान के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर, 107 संदिग्धों की जांच

बानो में टीबी उन्मूलन के लिए 100 दिवसीय अभियान के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर, 107 संदिग्धों की जांच

author Shivnandan Baraik
18 Views Download E-Paper (1)
#बानो #टीबी_अभियान : उच्च जोखिम समूह की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग का विशेष शिविर।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में टीबी उन्मूलन के 100 दिवसीय अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान 150 लोगों की जांच की गई, जिनमें 107 उच्च जोखिम वाले संदिग्धों का एक्स-रे हुआ। साथ ही 96 लोगों के बलगम नमूने NAAT जांच के लिए लिए गए। यह अभियान टीबी की समय पर पहचान और रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Join WhatsApp
  • बानो के हाटिंगहोड़े में आयोजित हुआ विशेष स्वास्थ्य शिविर।
  • कुल 150 लोगों की जांच, 107 संदिग्धों का एक्स-रे।
  • 96 लोगों का बलगम संग्रह NAAT जांच हेतु।
  • डॉ. मनोरंजन कुमार की देखरेख में शिविर संचालन।
  • महिलाओं की भागीदारी अधिक, 101 महिलाएं और 49 पुरुष शामिल।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में टीबी उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर हाटिंगहोड़े में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और स्वास्थ्य जांच कराई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य टीबी के उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित करना है।

उच्च जोखिम समूह की पहचान पर जोर

राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रूप से उन लोगों की पहचान पर ध्यान दिया जा रहा है, जो टीबी के उच्च जोखिम समूह में आते हैं। इनमें डायबिटीज के मरीज, पूर्व टीबी रोगी, टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले लोग, धूम्रपान और शराब सेवन करने वाले व्यक्ति, 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिक तथा कम बीएमआई वाले लोग शामिल हैं।

इस अभियान के माध्यम से इन वर्गों की नियमित जांच कर बीमारी का समय रहते पता लगाने की कोशिश की जा रही है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

आधुनिक तकनीक से ऑन-द-स्पॉट जांच

शिविर में कुल 150 लोग पहुंचे, जिनमें से 107 उच्च जोखिम वाले संदिग्ध मरीजों की एआई आधारित पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से मौके पर ही जांच की गई। इसके अलावा 96 लोगों के बलगम नमूने लेकर NAAT जांच के लिए भेजे गए।

डॉ. मनोरंजन कुमार ने कहा: “इस अभियान का उद्देश्य टीबी के मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सके।”

उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से जांच प्रक्रिया तेज और सटीक हो गई है, जिससे मरीजों को तुरंत लाभ मिल रहा है।

महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

इस शिविर में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। कुल 150 प्रतिभागियों में 101 महिलाएं और 49 पुरुष शामिल हुए। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर महिलाओं में रुचि बढ़ रही है।

स्वास्थ्य विभाग के लिए यह सकारात्मक संकेत है, क्योंकि जागरूक नागरिक ही किसी भी बीमारी के खिलाफ सबसे मजबूत रक्षा बनते हैं।

टीमवर्क से सफल हुआ आयोजन

इस स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में कई स्वास्थ्य कर्मियों और अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रमुख रूप से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनोरंजन कुमार, बीपीएम सस बैम जेवियर लुगुन, एसटीएस विवेक कुमार, एसटीएलएस संजय कुमार, एक्स-रे टेक्नीशियन आलोक कुमार बागे एवं अमित बारला, सीएचओ स्टेला बाड़ा, मंजूषा केरकेट्टा, प्रियंका मार्गरेट होरे, नीलिमा टोपनो, पॉलिना कुल्लू, एएनएम अंजना उरांव, प्रियंका सोरेंग और आशा मार्की सहित सभी सहिया दीदियों का सराहनीय योगदान रहा।

इन सभी के समन्वित प्रयास से यह शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकीं।

टीबी उन्मूलन की दिशा में अहम कदम

यह 100 दिवसीय अभियान टीबी उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। समय पर जांच और उपचार के माध्यम से इस बीमारी को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।

स्वास्थ्य विभाग लगातार ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने और उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है।

न्यूज़ देखो: जागरूकता और जांच से ही खत्म होगी टीबी

बानो में आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर दर्शाता है कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए जागरूकता और समय पर जांच कितनी जरूरी है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की यह पहल सराहनीय है, लेकिन इसके साथ ही आम लोगों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। क्या इस अभियान को और व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

स्वस्थ समाज के लिए जागरूक बनना जरूरी

टीबी जैसी बीमारियों से बचाव केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि जागरूकता और सतर्कता से संभव है। हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना होगा और समय-समय पर जांच करानी चाहिए। छोटी सी लापरवाही बड़ी समस्या बन सकती है।

आइए, हम सभी मिलकर स्वस्थ समाज बनाने का संकल्प लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
अपनी राय कमेंट में जरूर दें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में अपना योगदान दें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

बानो, सिमडेगा

🗣️ Join the Conversation!

What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

🔔

Notification Preferences

error: