
#बानो #शिक्षा_संवाद : छात्राओं की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और अनुशासन पर विशेष अभिभावक बैठक में जोर दिया गया।
बानो प्रखंड मुख्यालय स्थित पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में विशेष अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला भू अर्जन पदाधिकारी रवि किशन राम मुख्य अतिथि तथा प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी अरुण कुमार पांडेय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने में अभिभावकों की भूमिका पर चर्चा करना रहा। बैठक में मेधावी छात्राओं और कर्तव्यनिष्ठ अभिभावकों को सम्मानित भी किया गया।
- पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, बानो में विशेष बैठक।
- जिला भू अर्जन पदाधिकारी रवि किशन राम रहे मुख्य अतिथि।
- बीईईओ अरुण कुमार पांडेय ने आत्मनिर्भर शिक्षा पर दिया संदेश।
- मेधावी छात्राओं और शत प्रतिशत उपस्थिति पर सम्मान।
- जागरूक अभिभावकों को कर्तव्यनिष्ठा के लिए किया गया सम्मानित।
बानो प्रखंड मुख्यालय स्थित पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय परिसर में विशेष अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, अभिभावक और छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला भू अर्जन पदाधिकारी रवि किशन राम तथा विशिष्ट अतिथि प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी अरुण कुमार पांडेय ने शिक्षा की गुणवत्ता और अनुशासन को लेकर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का माहौल प्रेरणादायी और अनुशासित रहा।
गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और अनुशासन पर जोर
मुख्य अतिथि जिला भू अर्जन पदाधिकारी रवि किशन राम ने विद्यालय प्रबंधन समिति को निर्देश देते हुए कहा कि छात्राओं की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की ढील नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में अनुशासन अत्यंत आवश्यक है और इसके बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं है।
रवि किशन राम ने कहा:
“विद्यालय प्रबंधन समिति को चाहिए कि छात्राओं की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दे। गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन अनिवार्य है। छात्राओं की शत प्रतिशत उपस्थिति बनाए रखने में अभिभावकों की अहम भूमिका होती है।”
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपनी बेटियों की नियमित उपस्थिति और अध्ययन के प्रति सजग रहें।
आत्मनिर्भर और लक्ष्य आधारित शिक्षा का संदेश
विशिष्ट अतिथि प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी अरुण कुमार पांडेय ने अपने संबोधन में छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और अभावों के बीच भी अनुशासन में रहकर शिक्षा प्राप्त की जा सकती है।
अरुण कुमार पांडेय ने कहा:
“अनुशासित रहकर विद्यार्थी अपने जीवन को तपस्वी जीवन मानते हुए शिक्षा ग्रहण करें। लक्ष्य निर्धारण कर मेहनत और लगन से अपनी मंजिल हासिल की जा सकती है, तभी जीवन सार्थक होता है।”
उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और अपने लक्ष्य के अनुरूप निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
मेधावी छात्राओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान रेल प्रोजेक्ट रिजल्ट टॉपर छात्राओं अलका कुमारी, अंजलेन मड़की, दिब्या कुमारी, सोनम लुगुन को सम्मानित किया गया। वहीं शत प्रतिशत उपस्थिति के लिए रोशनी कुमारी, बिंदेश्वरी कुमारी, सुशिमता कुमारी, दिब्या कुमारी और स्वाति सिंदुरिया को विशेष रूप से सम्मान प्रदान किया गया। इस सम्मान से छात्राओं में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ।
कर्तव्यनिष्ठ अभिभावकों का भी सम्मान
बैठक में केवल छात्राओं ही नहीं, बल्कि जागरूक और कर्तव्यनिष्ठ अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया। सरिता सिंदुरिया, लीलावती देवी, बिनय साहू, रेशमा देवी, भीष्म सिंह सहित अन्य अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा में सक्रिय सहयोग के लिए सम्मान प्रदान किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों के इस सहयोग को छात्राओं की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे ये लोग
कार्यक्रम के पूर्व सभी अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर वार्डन कमला बड़ाईक, महिमा लुगुन, प्रदीप कुमार सिंह, अनास्टसिया मिंज, विपिन कुमार सहित अन्य शिक्षक, कर्मचारी और अभिभावक उपस्थित थे। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण और प्रेरक वातावरण में संपन्न हुआ।
न्यूज़ देखो: बेटियों की शिक्षा में साझा जिम्मेदारी का उदाहरण
बानो के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में आयोजित यह बैठक दर्शाती है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल विद्यालय की नहीं, बल्कि अभिभावकों और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है। अनुशासन, नियमित उपस्थिति और लक्ष्य आधारित शिक्षा पर दिया गया संदेश छात्राओं के भविष्य को मजबूत करता है। मेधावी छात्राओं और जागरूक अभिभावकों का सम्मान सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है। ऐसे आयोजनों की निरंतरता से बालिका शिक्षा को नई दिशा मिल सकती है।
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शिक्षित बेटियां, सशक्त समाज की नींव
जब बेटियों को सही मार्गदर्शन और सम्मान मिलता है, तब समाज आगे बढ़ता है।
अनुशासन, मेहनत और सहयोग से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
विद्यालय और अभिभावकों की साझेदारी ही शिक्षा की असली ताकत है।




