
#सिमडेगा #शिक्षा_संवाद : विधायक और उपायुक्त की उपस्थिति में अभिभावक–शिक्षक गोष्ठी में शिक्षा सुधार पर व्यापक चर्चा हुई।
सिमडेगा जिले के सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बालक में विशेष अभिभावक एवं शिक्षक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधायक भूषण बाड़ा मुख्य अतिथि तथा उपायुक्त कंचन सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। बैठक का उद्देश्य बच्चों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यालय व्यवस्था को सुदृढ़ करना रहा। इस दौरान अभिभावकों, शिक्षकों और प्रशासन के बीच शिक्षा सुधार को लेकर गहन संवाद हुआ।
- सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बालक, सिमडेगा में विशेष गोष्ठी आयोजित।
- विधायक भूषण बाड़ा और उपायुक्त कंचन सिंह की रही प्रमुख उपस्थिति।
- बच्चों की नियमित उपस्थिति और पठन-पाठन की गुणवत्ता पर जोर।
- अभिभावक–शिक्षक संवाद को बताया गया शिक्षा की मजबूत कड़ी।
- बेहतर उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं को सम्मान प्रदान किया गया।
सिमडेगा जिले के सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बालक, जिसे एसएस विद्यालय के नाम से भी जाना जाता है, में विशेष अभिभावक एवं शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने पूरे सभागार में सकारात्मक और प्रेरणादायी वातावरण बना दिया।
शिक्षा सुधार को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
इस विशेष अभिभावक–शिक्षक गोष्ठी में विद्यालय के शैक्षणिक विकास, बच्चों की नियमित उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता, शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, विद्यालय के सौंदरीकरण, शिक्षकों की उपलब्धता एवं आवश्यक संसाधनों जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि अभिभावक–शिक्षक बैठक बच्चों के घर और विद्यालय जीवन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती है, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
विधायक भूषण बाड़ा का स्पष्ट संदेश
माननीय विधायक भूषण बाड़ा ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि यह बैठक कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर और उद्देश्यपूर्ण संवाद है।
विधायक भूषण बाड़ा ने कहा:
“आज हम सभी यहाँ यह तय करने के लिए एकत्रित हुए हैं कि बच्चों की नियमित उपस्थिति कैसे सुनिश्चित होगी, शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों को और प्रभावी ढंग से कैसे निभाएंगे और हम सभी मिलकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे प्रदान करेंगे।”
उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट मानना है कि राज्य का भविष्य बच्चों में निहित है और सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है।
मोबाइल बनाम किताब पर सवाल
विधायक ने अभिभावकों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि यदि बच्चों के हाथ में मोबाइल फोन है, तो किताब क्यों नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आज बच्चों की शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में बेरोजगारी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बच्चे की पहली पाठशाला उसका घर होता है और माता-पिता उसके प्रथम शिक्षक होते हैं, इसलिए बच्चों को केवल प्यार ही नहीं, बल्कि अनुशासन, संस्कार और जिम्मेदारी भी देना आवश्यक है।
शिक्षकों से समर्पण की अपेक्षा
विधायक भूषण बाड़ा ने शिक्षकों से अपेक्षा जताते हुए कहा कि झारखंड सरकार शिक्षकों को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल वेतन और सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। इसके पीछे सरकार की मंशा स्पष्ट है कि शिक्षक पूरे समर्पण, निष्ठा और ईमानदारी के साथ बच्चों के पठन-पाठन एवं बौद्धिक विकास पर ध्यान दें। उन्होंने नियमित गृहकार्य देने, उसकी जांच करने और बच्चों में पढ़ाई की आदत विकसित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं को शिक्षा का अभिन्न अंग बताते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।
उपायुक्त कंचन सिंह का प्रेरक संबोधन
उपायुक्त कंचन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता, सजगता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय वह स्थान है जहाँ बच्चों के व्यक्तित्व का विकास होता है और उनके जीवन को दिशा मिलती है।
उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा:
“शिक्षक और विद्यार्थी के बीच का संबंध अत्यंत पवित्र होता है, जो जीवनभर बना रहता है। शिक्षकों को चाहिए कि वे प्रत्येक बच्चे को अपना ही बच्चा समझकर बिना किसी भेदभाव के उनके सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करें।”
उन्होंने अभिभावकों से भी विद्यालय और शिक्षकों पर विश्वास बनाए रखने तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए संवाद का मार्ग अपनाने की अपील की।
शपथ और समन्वय का संकल्प
उपायुक्त ने उपस्थित सभी शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों की नियमित विद्यालय उपस्थिति और उत्कृष्ट शिक्षा सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि जब विद्यालय और परिवार एक साथ मिलकर परिवार की तरह कार्य करते हैं, तभी बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनता है।
प्रधानाध्यापक ने गिनाईं उपलब्धियां
विद्यालय के प्रधानाध्यापक अब्रहम केरकेट्टा ने कहा कि उपायुक्त का विद्यालय आगमन सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सकारात्मक पहल कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप विद्यालय को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में चयनित किया गया है।
उन्होंने बताया कि नजरा योजना एवं अन्य शैक्षणिक योजनाओं के तहत विद्यालय में पुस्तकालय, संसाधन कक्ष और बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित किया गया है। विद्यालय के सीबीएसई बोर्ड में रूपांतरण से छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा और पहचान का अवसर मिल रहा है।
उपस्थिति के लिए छात्रों का सम्मान
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय में बेहतर उपस्थिति दर्ज कराने वाले छात्र-छात्राओं को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि शिक्षक, अभिभावक और प्रशासन आपसी समन्वय और सहयोग से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य करेंगे।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक राम, विधायक प्रतिनिधि संतोष सिंह, विधायक प्रतिनिधि मो. शकील अहमद सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: शिक्षा सुधार की दिशा में मजबूत पहल
सिमडेगा स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित यह बैठक स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि शिक्षा सुधार के लिए संवाद और सहभागिता कितनी महत्वपूर्ण है। विधायक और उपायुक्त की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गंभीरता और दिशा प्रदान की। अभिभावक–शिक्षक समन्वय से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित वातावरण संभव है। अब यह आवश्यक है कि बैठक में दिए गए सुझाव व्यवहार में भी उतारे जाएं।
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शिक्षा से ही संवरता है भविष्य
जब शिक्षक, अभिभावक और प्रशासन एक साथ चलते हैं, तब शिक्षा सशक्त बनती है।
हर बच्चे की क्षमता को पहचानना और उसे सही दिशा देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
अनुशासन, संवाद और समर्पण से ही उज्ज्वल भविष्य का निर्माण होता है।




