टीबी मुक्त भारत के लिए विशुनपुर में स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

टीबी मुक्त भारत के लिए विशुनपुर में स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

author Sudhir Kumar Sahu
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#गुमला #टीबीमुक्तभारत : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन — घर-घर सर्वे और समयबद्ध रिपोर्टिंग पर विशेष जोर
  • 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक चलेगा टीबी मुक्त भारत अभियान
  • सीएचओ, एएनएम, सहिया सहित स्वास्थ्यकर्मियों ने लिया प्रशिक्षण।
  • राजेश उरांव ने बताया घर-घर सर्वे और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया।
  • डॉ. रंजना चौधरी ने स्वास्थ्यकर्मियों को दिए स्पष्ट निर्देश।
  • हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड का रहा सहयोगात्मक उपस्थिति।

अभियान की शुरुआत से पहले तैयारियों को मिला नया आयाम

गुमला जिला के बिशुनपुर प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी मुक्त भारत अभियान 2025 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला आगामी 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक चलने वाले राष्ट्रीय अभियान की तैयारी के रूप में की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में संभावित टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान और उपचार सुनिश्चित करना है।

इस कार्यशाला की अध्यक्षता मेडिकल ऑफिसर डॉ. रंजना चौधरी ने की। उनके नेतृत्व में आयोजित इस आयोजन में सीएचओ, एएनएम, सहिया, बीटीटी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मी और प्रतिनिधि उपस्थित हुए।

घर-घर सर्वे और डेटा रिपोर्टिंग पर रहा विशेष फोकस

कार्यशाला में जिला मास्टर ट्रेनर एवं एसटीएलएस श्री राजेश उरांव ने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए सहिया कर्मियों द्वारा घर-घर सर्वेक्षण कर संभावित टीबी रोगियों की पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि:

राजेश उरांव ने कहा: “सीएचओ को प्रतिदिन रिपोर्ट तैयार कर भेजनी होगी और सहिया कर्मियों को ग्राम स्तर पर सतत निगरानी रखनी होगी। कोई भी मरीज छूटे नहीं — यह अभियान की आत्मा है।”

यह जानकारी यह भी स्पष्ट करती है कि टीबी की रोकथाम और उपचार के लिए सुनियोजित सूचना प्रबंधन आवश्यक होगा।

डॉ. रंजना का आह्वान: निष्ठा और जनसहयोग से पूरा होगा लक्ष्य

अपने संबोधन में डॉ. रंजना चौधरी ने उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे इस अभियान को एक सामाजिक संकल्प के रूप में लें और पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करें।

डॉ. रंजना चौधरी ने कहा: “हमारे समर्पित प्रयासों और जनसहभागिता से ही टीबी मुक्त भारत का सपना साकार होगा। समय पर पहचान, सही इलाज और दवा वितरण — यही सफलता की कुंजी है।”

हिंडालको का समर्थन और कार्यक्रम की उपस्थिति

कार्यक्रम में हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीएसआर अधिकारी श्री मनोज चौधरी, एसटीएस श्री विकास मिन्ज, एसटीएलएस राजेश उरांव सहित अनेक स्वास्थ्यकर्मी एवं अधिकारी उपस्थित थे। हिंडालको की सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि निजी क्षेत्र की सामाजिक जिम्मेदारी भी इस राष्ट्रीय लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

न्यूज़ देखो: टीबी के खिलाफ संगठित संघर्ष की मजबूत शुरुआत

‘न्यूज़ देखो’ यह मानता है कि विशुनपुर की यह कार्यशाला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक संकल्प की शुरुआत है — हर घर को टीबी से मुक्त करने का संकल्प। जब स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्यकर्मी और जनसामान्य मिलकर साथ खड़े होते हैं, तब परिवर्तन अवश्य संभव होता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

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Written by

बिशुनपुर, गुमला

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