#सिमडेगा #उत्तरलेखनकार्यशाला : वाणिज्य विभाग की पहल पर विद्यार्थियों को प्रभावी उत्तर लेखन और समय प्रबंधन की रणनीतियों का प्रशिक्षण।
सिमडेगा स्थित संत जेवियर महाविद्यालय में बी.कॉम एवं बी.ए. (सत्र 2025–29) के विद्यार्थियों के लिए उत्तर लेखन कार्यशाला का आयोजन किया गया। वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त करने के लिए संरचित उत्तर लेखन, प्रस्तुति और समय प्रबंधन की तकनीकों से अवगत कराया। कुल 43 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
- संत जेवियर महाविद्यालय, सिमडेगा में उत्तर लेखन कार्यशाला आयोजित।
- बी.कॉम एवं बी.ए. (सत्र 2025–29) के 43 विद्यार्थियों की सहभागिता।
- विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने दिया मार्गदर्शन।
- 5, 7.5, 10 और 15 अंकों के प्रश्नों के प्रारूप का व्यावहारिक प्रदर्शन।
- कार्यशाला का वीडियो YouTube चैनल “akgeclass” पर उपलब्ध।
सिमडेगा के संत जेवियर महाविद्यालय में विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा बी.कॉम एवं बी.ए. (सत्र 2025–29) के विद्यार्थियों के लिए सेमिनार हॉल में उत्तर लेखन कार्यशाला आयोजित की गई। इस सत्र में कुल 43 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। सत्र को प्रोजेक्टर के माध्यम से संचालित किया गया, जिससे आईसीटी-आधारित और संवादात्मक शिक्षण को बढ़ावा मिला। विद्यार्थियों ने प्रस्तुति के माध्यम से उत्तर लेखन की बारीकियों को समझा।
परीक्षा में कम अंक आने के कारणों पर चर्चा
डॉ. गुप्ता ने सबसे पहले विद्यार्थियों को यह समझाया कि लिखित परीक्षाओं में कम अंक आने के सामान्य कारण क्या होते हैं। उन्होंने बताया कि अक्सर विद्यार्थी विषयवस्तु जानते हुए भी उत्तर को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं कर पाते, जिससे अपेक्षित अंक नहीं मिल पाते।
उन्होंने 5 अंकों के लघु उत्तरीय प्रश्नों तथा 7.5, 10 और 15 अंकों के दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के सही प्रारूप का प्रदर्शन किया। उत्तर की शुरुआत, मुख्य भाग और निष्कर्ष को सुव्यवस्थित ढंग से लिखने पर विशेष बल दिया गया।
वास्तविक उदाहरणों से समझाया उत्तर लेखन
कार्यशाला के दौरान वाणिज्य एवं अर्थशास्त्र विषयों से जुड़े वास्तविक उदाहरणों का उपयोग किया गया। SWOT विश्लेषण, लेखांकन प्रारूप, मात्रात्मक तकनीक जैसे विषयों के माध्यम से यह बताया गया कि संरचित और व्यवस्थित उत्तर किस प्रकार अधिक अंक दिलाने में सहायक होते हैं।
विद्यार्थियों को बताया गया कि उत्तर लिखते समय मुख्य शब्दों को रेखांकित करना, आरेख एवं तालिकाओं का उचित उपयोग करना और बिंदुवार प्रस्तुति देना परीक्षक पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। समय प्रबंधन की रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई, ताकि विद्यार्थी निर्धारित समय में सभी प्रश्नों का संतुलित उत्तर दे सकें।
नियमित अभ्यास और स्मार्ट तैयारी पर जोर
डॉ. गुप्ता ने विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास करने और स्मार्ट तैयारी की आदत विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि परीक्षा केवल रटने से नहीं, बल्कि समझ और प्रस्तुति कौशल से जीती जाती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया कि वे केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि एक जिम्मेदार और ईमानदार नागरिक बनने का प्रयास करें। शिक्षा का उद्देश्य समग्र विकास होना चाहिए।
कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने सत्र को अत्यंत व्यावहारिक और प्रेरणादायक बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें उत्तर लेखन के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला, जो आगामी परीक्षाओं में सहायक सिद्ध होगा।
न्यूज़ देखो: कौशल आधारित शिक्षण की ओर बढ़ते कदम
संत जेवियर महाविद्यालय की यह पहल दर्शाती है कि केवल पाठ्यक्रम पूरा करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को परीक्षा कौशल और प्रस्तुति क्षमता से भी सशक्त करना आवश्यक है। उत्तर लेखन जैसी कार्यशालाएं उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करती हैं और विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण के लिए तैयार करती हैं।
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मेहनत के साथ सही रणनीति भी जरूरी
अच्छे अंक केवल पढ़ाई से नहीं, सही तरीके से लिखने से भी मिलते हैं।
समय प्रबंधन और संरचित उत्तर आपकी सफलता की कुंजी है।
नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास ही असली ताकत है।
अगर आप भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो इन सुझावों को अपनाएं।
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