
#रांची #अपराध_खुलासा : अंश और अंशिका अपहरण कांड के बाद पुलिस ने बड़े बच्चा चोर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
रांची में अंश और अंशिका अपहरण कांड के बाद पुलिस ने राज्यव्यापी बच्चा चोर गिरोह का खुलासा किया है। विशेष जांच टीम ने झारखंड के कई जिलों से चोरी किए गए 12 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। जांच में बच्चों से जबरन भीख मंगवाने, अपराध और देह व्यापार जैसे गंभीर खुलासे सामने आए हैं।
- रांची पुलिस ने राज्यभर में सक्रिय बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया।
- 12 चोरी किए गए बच्चे सुरक्षित रेस्क्यू किए गए।
- 13 आरोपी गिरफ्तार, महिलाओं की भी संलिप्तता सामने आई।
- बोकारो, धनबाद, चाईबासा और रांची से बच्चे चोरी किए गए थे।
- SIT टीम द्वारा बहुस्तरीय जांच जारी।
रांची पुलिस ने अंश और अंशिका अपहरण कांड के बाद बड़ी सफलता हासिल करते हुए झारखंड में सक्रिय एक संगठित बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई ने राज्य में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता के साथ-साथ पुलिस की सतर्कता को भी उजागर किया है। पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में अलग-अलग जिलों से चोरी किए गए 12 मासूम बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।
राज्यभर में फैला था बच्चा चोर नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह बच्चा चोर गिरोह बोकारो, धनबाद, चाईबासा और रांची समेत कई जिलों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य सुनियोजित तरीके से छोटे बच्चों को निशाना बनाते थे। भीड़भाड़ वाले इलाकों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और गरीब बस्तियों से बच्चों को अगवा किया जाता था।
पुलिस के अनुसार चोरी किए गए बच्चों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर उनसे भीख मंगवाने, पॉकेटमारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता था।
13 आरोपी गिरफ्तार, महिलाएं भी शामिल
रांची पुलिस ने इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में महिलाएं भी शामिल हैं, जो बच्चों को बहला-फुसलाकर चोरी करने में अहम भूमिका निभाती थीं।
इसके अलावा पुलिस ने बताया कि करीब दो दर्जन संदिग्ध बच्चा चोरों से भी पूछताछ की जा रही है। सभी को हिरासत में लेकर नेटवर्क की पूरी कड़ी को खंगाला जा रहा है।
देह व्यापार और मानव अंग तस्करी का एंगल
जांच के दौरान पुलिस को बेहद गंभीर और संवेदनशील तथ्य हाथ लगे हैं। पुलिस के अनुसार चोरी की गई बच्चियों से देह व्यापार कराए जाने के भी संकेत मिले हैं। यह खुलासा पूरे मामले को और भी भयावह बनाता है।
इतना ही नहीं, इस गिरोह का मानव अंग तस्करी से भी संबंध हो सकता है। पुलिस इस एंगल से भी गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस दिशा में ठोस सबूत मिलते हैं, तो यह राज्य के सबसे बड़े अपराध नेटवर्क में से एक साबित हो सकता है।
SIT के नेतृत्व में हुई बड़ी कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन को ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर, सिटी एसपी, ट्रैफिक एसपी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने अंजाम दिया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य, खुफिया सूचना और जमीनी नेटवर्क के आधार पर इस गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उनके परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया जारी है। साथ ही बच्चों की काउंसलिंग और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
न्यूज़ देखो: बच्चों की सुरक्षा पर कड़ा संदेश
यह कार्रवाई झारखंड में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक मजबूत संदेश देती है। बच्चा चोरी जैसे संगठित अपराध पर पुलिस की सख्ती सराहनीय है, लेकिन यह भी स्पष्ट करता है कि ऐसे गिरोह समाज की जड़ों में गहराई तक फैले हैं। अब सवाल यह है कि मानव तस्करी के इस नेटवर्क की पूरी चेन कब तक उजागर होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी
बच्चों के साथ होने वाले अपराध पूरे समाज के लिए चेतावनी हैं। जागरूक रहें, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और तुरंत प्रशासन को सूचना दें। यह खबर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, अपनी राय साझा करें और बच्चों की सुरक्षा के लिए आवाज बुलंद करें।




