
#सिमडेगा #पुलवामाशहीददिवस : शहीद विजय सोरेंग के गांव में प्रतिमा अनावरण और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन।
सिमडेगा जिले के कोचेडेगा गांव में पुलवामा शहीद दिवस पर हवलदार विजय सोरेंग की प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में सीआरपीएफ अधिकारी, भूतपूर्व सैनिक संघ, जिला पुलिस और ग्रामीणों ने भाग लिया। दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। आयोजन में राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना प्रमुख रूप से उभरकर सामने आई।
- कोचेडेगा, सिमडेगा में शहीद हवलदार विजय सोरेंग की प्रतिमा का अनावरण।
- सीआरपीएफ इंस्पेक्टर सतन राव बरवा और मुखिया शिशिर टोप्पो की उपस्थिति।
- भूतपूर्व सैनिक संघ व जिला पुलिस द्वारा दी गई सलामी।
- पुलवामा हमले में शहीद 40 जवानों की स्मृति में दो मिनट का मौन।
- ग्रामीणों ने शहादत को न भूलने और राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया।
सिमडेगा जिले के कोचेडेगा गांव में पुलवामा शहीद दिवस के अवसर पर शहीद हवलदार विजय सोरेंग की प्रतिमा का अनावरण सह श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। वर्ष 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले में देश के 40 जवान शहीद हुए थे, जिनमें सिमडेगा से संबंध रखने वाले हवलदार विजय सोरेंग भी शामिल थे। उनके गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, प्रशासनिक अधिकारी और भूतपूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
पूरे सम्मान के साथ प्रतिमा का अनावरण
कार्यक्रम के दौरान रांची से पहुंचे सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर सतन राव बरवा तथा कोचेडेगा के मुखिया शिशिर टोप्पो ने संयुक्त रूप से शहीद विजय सोरेंग की प्रतिमा का अनावरण किया। कोचेडेगा चौक पर स्थापित प्रतिमा के अनावरण के समय भूतपूर्व सैनिक संघ और जिला पुलिस के जवानों ने सलामी दी।
प्रतिमा अनावरण के साथ ही पूरे क्षेत्र में भावनात्मक माहौल देखा गया। उपस्थित लोगों ने शहीद की वीरता और बलिदान को याद करते हुए गर्व और संवेदना व्यक्त की।
माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित
अनावरण के पश्चात सभी उपस्थित लोगों ने शहीद विजय सोरेंग की तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि सभा के दौरान पुलवामा हमले में शहीद हुए सभी जवानों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि 14 फरवरी 2019 का दिन देश के इतिहास में एक काला अध्याय के रूप में दर्ज है, जब एक आतंकी हमले में देश ने एक साथ अपने 40 वीर सपूतों को खो दिया था। उस घटना ने पूरे राष्ट्र को झकझोर कर रख दिया था।
सभा में उपस्थित लोगों ने कहा: “हम उनके बलिदान को कभी नहीं भुला सकते। देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों की शहादत हमें सदैव राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।”
बलिदान की स्मृति को सहेजने का प्रयास
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शहीदों की प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह प्रतिमा हर दिन लोगों को यह याद दिलाएगी कि देश की सुरक्षा के लिए कितने वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है।
भूतपूर्व सैनिक संघ के सदस्यों ने कहा कि शहीदों के सम्मान और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना समाज का कर्तव्य है। जिला पुलिस की ओर से भी शहीद को औपचारिक सलामी दी गई।
राष्ट्र सेवा का संकल्प
श्रद्धांजलि सभा के दौरान ग्रामीणों और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि दुश्मन देश द्वारा कायरतापूर्वक किए गए हमले ने देश को भारी क्षति पहुंचाई, लेकिन इस घटना ने देशवासियों को और अधिक एकजुट कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने यह प्रण लिया कि वे शहीदों के आदर्शों और विचारों को अपने जीवन में उतारेंगे तथा भारत माता की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
न्यूज़ देखो: शहादत की स्मृति से जागृत होता राष्ट्र गर्व
कोचेडेगा में आयोजित यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं था, बल्कि यह राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बनकर उभरा। शहीद विजय सोरेंग की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को यह याद दिलाएगी कि देश की आजादी और सुरक्षा के पीछे कितने बलिदान छिपे हैं। ऐसे आयोजन समाज में एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शहीदों का सम्मान हमारी जिम्मेदारी
देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर सपूतों का ऋण हम कभी नहीं चुका सकते।
उनकी शहादत हमें हर दिन राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाती है।
आइए, हम अपने आचरण और कार्यों से देश की एकता को मजबूत करें।
यही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
क्या आपके क्षेत्र में भी शहीदों की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित होते हैं?
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