मैकलुस्कीगंज में आंधी और ओलावृष्टि से तबाही, किसानों की फसल बर्बाद, घरों को भी नुकसान

मैकलुस्कीगंज में आंधी और ओलावृष्टि से तबाही, किसानों की फसल बर्बाद, घरों को भी नुकसान

author Jitendra Giri
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#खलारी #प्राकृतिक_आपदा : तेज तूफान और ओलावृष्टि—फसलें चौपट, ग्रामीणों को भारी नुकसान।

रांची के खलारी क्षेत्र के मैकलुस्कीगंज में आंधी और ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। गेहूं, आम और महुआ की फसल बर्बाद हो गई। कई घरों के छप्पर उड़ गए और पेड़ गिरने से नुकसान हुआ। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।

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  • मैकलुस्कीगंज क्षेत्र में आंधी और ओलावृष्टि का कहर।
  • गेहूं, आम और महुआ की फसल को भारी नुकसान
  • कई घरों के छप्पर उड़ गए, पेड़ गिरे
  • किसानों ने मुआवजे की मांग की
  • लगातार तीन दिनों से खराब मौसम का असर

रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत मैकलुस्कीगंज क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन भी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं, वहीं कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है।

विशेष रूप से मायापुर पंचायत के हरहु और बसरिया क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब 2 बजे आई तेज आंधी-बारिश ने हालात गंभीर कर दिए।

गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद

ओलावृष्टि के कारण खेतों में तैयार गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ।

किसान मित्र माइकल धान ने कहा: “ओलावृष्टि ने पूरी फसल चौपट कर दी, अब हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा।”

आम और महुआ पर भी असर

आम और महुआ की फसल भी इस आपदा से अछूती नहीं रही। पेड़ों से कच्चे आम झड़ गए और महुआ की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हुई।

लगातार खराब मौसम

पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में लगातार आंधी और बारिश हो रही है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

घरों को भी हुआ नुकसान

नावाडीह गांव में आंधी तूफान के कारण कई घरों के छप्पर उड़ गए। वहीं कई स्थानों पर पेड़ गिरने से नुकसान हुआ।

करकट्टा बस्ती में किसुन मुंडा के गाय शेड पर पेड़ गिर गया, जिससे शेड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

ग्रामीणों में मायूसी

इस आपदा के बाद किसानों और ग्रामीणों में मायूसी का माहौल है। उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है।

एक ग्रामीण ने कहा: “पूरे साल की मेहनत कुछ ही घंटों में खत्म हो गई।”

मुआवजे की मांग

किसानों ने सरकार से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।

प्रशासन से उम्मीद

ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर राहत प्रदान करेगा।

प्राकृतिक आपदा का बढ़ता असर

यह घटना दर्शाती है कि मौसम में बदलाव के कारण प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति बढ़ती जा रही है।

न्यूज़ देखो: मौसम की मार से किसान परेशान

मैकलुस्कीगंज की यह घटना दिखाती है कि प्राकृतिक आपदाएं किसानों के लिए कितनी बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। अब जरूरी है कि सरकार समय पर राहत और मुआवजा सुनिश्चित करे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

किसानों के साथ खड़े रहें

किसान देश की रीढ़ हैं।
प्राकृतिक आपदा में उनकी मदद करना जरूरी है।
सरकार और समाज दोनों को आगे आना चाहिए।
आइए, हम किसानों के समर्थन में आवाज उठाएं।

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Written by

खलारी, रांची

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