
#चतरा #प्रशासनिकबैठक : सड़क दुर्घटना नियंत्रण और अवैध खनन रोकने पर जोर।
चतरा समाहरणालय में उपायुक्त कीर्तिश्री की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति और खनन टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं और अवैध खनन पर की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। अधिकारियों को छापेमारी तेज करने और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने समन्वय के साथ कार्य कर सुरक्षा और राजस्व संरक्षण पर जोर दिया।
- उपायुक्त कीर्तिश्री की अध्यक्षता में संयुक्त समीक्षा बैठक सम्पन्न।
- वर्ष 2025-26 में 71 प्राथमिकी, 152 वाहन जब्त, ₹39 लाख से अधिक वसूली।
- अवैध खनन पर नियमित छापेमारी और कड़ी कार्रवाई के निर्देश।
- सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता, वाहन जांच अभियान तेज करने का आदेश।
- सीसीएल वाहनों के VTD पंजीकरण और गति सीमा पालन पर जोर।
चतरा जिले में सड़क सुरक्षा और अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त कीर्तिश्री की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला खनन टास्क फोर्स के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति और अवैध खनन के विरुद्ध चल रही कार्रवाई पर विशेष रूप से चर्चा हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दोनों ही मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अवैध खनन पर कार्रवाई का आंकड़ा
खनन विभाग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 71 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 152 वाहनों को जब्त किया गया है। इसके अलावा 201 वाहनों से ₹39,13,900 की दंड राशि वसूल की गई है।
वहीं, पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में फरवरी तक 89 प्राथमिकी दर्ज, 150 वाहन जब्त और ₹30,42,823 की वसूली की गई थी।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि चालू वर्ष में प्राथमिकी दर्ज करने की गति अपेक्षाकृत धीमी है, जिस पर उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने नाराजगी जताई।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित औचक छापेमारी अभियान चलाएं और अवैध खनन एवं परिवहन के मामलों में सख्ती से प्राथमिकी दर्ज करें।
उपायुक्त कीर्तिश्री ने कहा: “अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाना प्राथमिकता है, इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा।”
साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को बालूघाटों से प्राप्त राजस्व की मासिक रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
प्रदूषण नियमों के पालन पर जोर
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि बिना CTE/CTO के संचालित क्रशर यूनिट, खनन पट्टों और ईंट भट्ठों के खिलाफ प्रदूषण नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। वैध इकाइयों में भी नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा सीसीएल के परियोजना पदाधिकारियों को कोयला ढुलाई में लगे वाहनों का Web Application के माध्यम से VTD पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
सड़क सुरक्षा पर विशेष फोकस
सड़क सुरक्षा की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताई और सघन वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। लंबित हिट एंड रन मामलों को शीघ्र निष्पादित करने पर भी जोर दिया गया।
संघरी घाटी क्षेत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए वहां विशेष रणनीति बनाने और कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।
जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि भारी वाहनों, विशेषकर कोयला परिवहन में लगे वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और 40 किमी प्रति घंटा की गति सीमा का सख्ती से पालन कराया जाए।
गुड सेमेरिटन पॉलिसी पर भी जोर
बैठक में गुड सेमेरिटन पॉलिसी के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले लोगों को चिन्हित कर उन्हें लाभ देने का भी निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।
बैठक में शामिल रहे अधिकारी
इस बैठक में पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम, अनुमंडल पदाधिकारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी माहेश्वरी प्रसाद, अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया, जिला खनन पदाधिकारी सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: विकास और सुरक्षा के बीच संतुलन जरूरी
चतरा की यह बैठक स्पष्ट करती है कि विकास कार्यों के साथ कानून और पर्यावरण की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। अवैध खनन और सड़क दुर्घटनाएं दोनों ही गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर प्रशासन अब सख्ती दिखा रहा है। अब सवाल यह है कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदार नागरिक बनें, सुरक्षित समाज बनाएं
सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की भी है।
नियमों का पालन करें, अवैध गतिविधियों की सूचना दें और सुरक्षित वातावरण बनाने में सहयोग करें।
आइए, मिलकर एक ऐसा समाज बनाएं जहां विकास के साथ सुरक्षा और संतुलन भी कायम रहे।
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