चैनपुर में अंतिम मंगलवारी शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, आस्था और शौर्य के संगम ने रचा भव्य दृश्य

चैनपुर में अंतिम मंगलवारी शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, आस्था और शौर्य के संगम ने रचा भव्य दृश्य

author Aditya Kumar
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#चैनपुर #रामनवमी_मंगलवारी : हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति और परंपरा के साथ निकाली भव्य शोभायात्रा।

चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में अंतिम मंगलवारी के अवसर पर केंद्रीय रामनवमी पूजा समिति द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस आयोजन में लगभग 85 गांवों से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। दुर्गा मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः मंदिर परिसर पहुंची। कार्यक्रम में भक्ति, परंपरा और शौर्य का अनूठा संगम देखने को मिला।

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  • चैनपुर प्रखंड में अंतिम मंगलवारी पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन।
  • लगभग 85 गांवों से हजारों श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी।
  • दुर्गा मंदिर से निकली शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी।
  • अखाड़ा समितियों द्वारा तलवारबाजी और लाठी खेल का प्रदर्शन।
  • कासीर एवं मनोरमा सरस्वती शिशु मंदिर के छात्रों ने झांकियां प्रस्तुत कीं।
  • पुलिस प्रशासन द्वारा चना, गुड़ और शरबत का वितरण किया गया।

चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में अंतिम मंगलवारी के अवसर पर इस वर्ष भी भक्ति और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। केंद्रीय रामनवमी पूजा समिति के नेतृत्व में आयोजित इस शोभायात्रा में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह से ही दुर्गा मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी, जहां विशेष पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद दोपहर में निकली शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्ति और उत्सव के रंग में रंग दिया।

दुर्गा मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा

दिन की शुरुआत दुर्गा मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना से हुई, जहां श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। दोपहर बाद शोभायात्रा दुर्गा मंदिर से प्रारंभ होकर पीपल चौक, बैंक रोड, थाना चौक, ब्लॉक चौक, चर्च रोड, अल्बर्ट एक्का चौक और बस स्टैंड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।

पूरे मार्ग में जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। डीजे और ताशे की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे।

अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन ने बांधा समां

शोभायात्रा के दौरान युवाओं और अखाड़ा समितियों ने अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। तलवारबाजी और लाठी खेल के अद्भुत प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

इन प्रस्तुतियों ने न केवल पारंपरिक युद्ध कला को जीवंत किया, बल्कि युवाओं के उत्साह और अनुशासन को भी दर्शाया।

छात्रों की झांकियों ने मोहा मन

कार्यक्रम के दौरान कासीर एवं मनोरमा सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं द्वारा आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। इन झांकियों में धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को दर्शाया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।

झांकियों ने शोभायात्रा को और भी आकर्षक बना दिया और बच्चों की प्रतिभा की झलक दिखाई।

पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद, सेवा कार्य भी किया

शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चैनपुर पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। थाना प्रभारी अरविंद कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल पूरे मार्ग पर तैनात रहा।

थाना परिसर के पास श्रद्धालुओं के लिए चना, गुड़ और शरबत का वितरण किया गया, जिससे लोगों को काफी राहत मिली।

अतिथियों ने दिया एकता और सद्भाव का संदेश

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:

मेरी लकड़ा ने कहा: “हमें भगवान श्रीराम के पदचिह्नों पर चलना चाहिए और समाज में एकता बनाए रखनी चाहिए।”

मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी ने कहा:

यमुना प्रसाद केशरी ने कहा: “यह परंपरा हमारे पूर्वजों के समय से चली आ रही है, जो आज और अधिक भव्य रूप ले चुकी है।”

कार्यक्रम के दौरान समिति द्वारा अतिथियों और अखाड़ा संचालकों को अंग वस्त्र और तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में रहे ये प्रमुख लोग उपस्थित

इस अवसर पर इंस्पेक्टर जितेंद्र राम, बीडीओ यादव बैठा, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, मुखिया शोभा देवी, दरोगा राजेंद्र मंडल, मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी, संरक्षक राम गुलाम सिंह, रघुनंदन प्रसाद, केंद्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, ग्राम पुरोहित विश्वनाथ पाठक, पुजारी संजय पाठक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और पुलिस बल के जवान उपस्थित थे।

न्यूज़ देखो: आस्था के साथ अनुशासन और परंपरा की मजबूत झलक

चैनपुर की इस भव्य मंगलवारी शोभायात्रा ने यह दिखाया कि धार्मिक आयोजन केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान का मजबूत माध्यम भी हैं। जिस तरह हजारों लोग अनुशासन के साथ शामिल हुए, वह सराहनीय है। प्रशासन और समिति के बेहतर समन्वय ने आयोजन को सफल बनाया। आने वाले समय में ऐसे आयोजनों में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की जरूरत भी बनी रहेगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आस्था के साथ जिम्मेदारी भी निभाएं

धार्मिक पर्व हमें एकजुट होने और अपनी संस्कृति को संजोने का अवसर देते हैं। ऐसे आयोजनों में हमारी भागीदारी समाज को मजबूत बनाती है।

जरूरत है कि हम न केवल उत्सव मनाएं, बल्कि अनुशासन और जिम्मेदारी का भी पालन करें।

अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, दूसरों की मदद करें और सामाजिक सद्भाव को आगे बढ़ाएं।

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Written by

डुमरी, गुमला

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