
#मैकलुस्कीगंज #हॉस्टल_सुरक्षा : थाना परिसर में बैठक, 65 हॉस्टलों को सीसीटीवी और अनिवार्य पंजीकरण का निर्देश
मैकलुस्कीगंज थाना परिसर में 10 फरवरी को निजी विद्यालयों के प्राचार्यों एवं हॉस्टल संचालकों की बैठक आयोजित हुई। हाल ही में एक हॉस्टल से दो बच्चों के भागने की घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। डीएसपी और थाना प्रभारी ने सख्त निर्देश जारी किए।
- खलारी डीएसपी रामनारायण चौधरी व थाना प्रभारी धनंजय बैठा की अध्यक्षता में बैठक।
- हाल ही में एक हॉस्टल से दो बच्चों के भागने की घटना पर चर्चा।
- मैकलुस्कीगंज में संचालित लगभग 65 हॉस्टलों में कड़े सुरक्षा मानकों का निर्देश।
- सभी हॉस्टलों में सीसीटीवी कैमरे और अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था लागू करने का आदेश।
- बाउंड्री कमजोर होने पर कांटेदार तार लगाने और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर नियंत्रण की बात।
रांची जिले के मैकलुस्कीगंज में निजी विद्यालयों द्वारा संचालित हॉस्टलों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। 10 फरवरी को मैकलुस्कीगंज थाना परिसर में आयोजित बैठक में निजी विद्यालयों के प्राचार्य एवं हॉस्टल संचालक शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता खलारी डीएसपी रामनारायण चौधरी एवं थाना प्रभारी धनंजय बैठा ने की। हाल ही में एक हॉस्टल से दो बच्चों के भागने की घटना के बाद सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई।
बच्चों के भागने की घटना पर गंभीर चर्चा
बैठक में दो दिन पूर्व एक हॉस्टल से दो बच्चों के भागने की घटना का उल्लेख किया गया। पुलिस द्वारा दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने हॉस्टल संचालकों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया।
डीएसपी ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
65 हॉस्टलों में सख्त सुरक्षा मानक लागू करने का निर्देश
बैठक के दौरान बताया गया कि मैकलुस्कीगंज क्षेत्र में लगभग 65 हॉस्टल संचालित हैं। डीएसपी रामनारायण चौधरी ने निर्देश दिया कि सभी हॉस्टलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाएं।
“सभी हॉस्टलों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएँ।”
उन्होंने कहा कि जिन हॉस्टलों की बाउंड्री छोटी या कमजोर है, वहाँ कांटेदार तार लगाकर सुरक्षा को मजबूत किया जाए।
इसके अलावा सभी हॉस्टलों का पंजीकरण अनिवार्य बताया गया और उसकी छायाप्रति शीघ्र थाना में जमा करने का निर्देश दिया गया।
पारदर्शिता और अनुशासन पर जोर
बैठक में यह भी कहा गया कि शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए तथा बच्चों के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए। हॉस्टल परिसर में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग पर नियंत्रण रखने की बात कही गई।
कमरों में पंखों की ऊँचाई सहित अन्य सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने का भी निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।
बड़ी संख्या में संचालक रहे मौजूद
बैठक में जोशी टीडी, चमन सिंह ठाकुर, संदीप राजदान, शैलेन्द्र गिरि, मनोज गिरि, जोबी देवाशी, तपेश राठौर, ब्रेंडा गोम्स, नागदीप यादव, नेल्सन पॉल गोडेन, एशले गोम्स, आइवन बैरेड सहित बड़ी संख्या में हॉस्टल संचालक और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया।

न्यूज़ देखो: सुरक्षा से ही विश्वास कायम
मैकलुस्कीगंज जैसे शिक्षा केंद्र में हॉस्टलों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य और अभिभावकों के विश्वास से जुड़ा विषय है। प्रशासन की सख्ती व्यवस्था सुधार की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
विद्यालय और हॉस्टल केवल पढ़ाई के स्थान नहीं, बल्कि बच्चों का दूसरा घर होते हैं।
सुरक्षा, अनुशासन और पारदर्शिता ही विश्वास की नींव है।
अभिभावक भी समय-समय पर व्यवस्थाओं की जानकारी लें।
प्रशासन और संस्थान मिलकर ही सुरक्षित वातावरण बना सकते हैं।
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