
#गुमला #सड़क_सुरक्षा : डीटीओ ने डीलरों को बिना निबंधन वाहन बिक्री और सुरक्षा नियमों पर चेताया।
गुमला जिला परिवहन कार्यालय में शुक्रवार को जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल की अध्यक्षता में वाहन डीलरों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राजस्व संग्रहण, वाहन निबंधन और सड़क सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन पर जोर दिया गया। डीटीओ ने स्पष्ट किया कि बिना निबंधन कोई भी वाहन शोरूम से बाहर नहीं निकलेगा। साथ ही दोपहिया वाहन की हर बिक्री के साथ दो हेलमेट देना अनिवार्य किया गया है।
- डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल की अध्यक्षता में जिला परिवहन कार्यालय गुमला में आयोजित हुई समीक्षा बैठक।
- नो रजिस्ट्रेशन, नो मूवमेंट नीति लागू — बिना निबंधन कोई वाहन सड़क पर नहीं उतरेगा।
- दोपहिया वाहन बिक्री के साथ आईएसआई मार्क वाले दो हेलमेट देना अनिवार्य किया गया।
- राजस्व वसूली के लक्ष्य समय पर पूरा करने के लिए डीलरों को सख्त निर्देश।
- ट्रेड सर्टिफिकेट की वैधता जांच — समय पर नवीनीकरण नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी।
- बैठक में हीरो, होंडा, टीवीएस, मारुति सुजुकी, महिंद्रा सहित कई ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
गुमला में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और सरकारी राजस्व संग्रहण को समय पर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला परिवहन कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने की। इसमें जिले के सभी दोपहिया और चार पहिया वाहन शोरूम के डीलरों और उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में परिवहन विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और नियमों के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान डीटीओ ने स्पष्ट कर दिया कि वित्तीय वर्ष के समाप्त होने से पहले राजस्व वसूली के निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करना होगा। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा नियमों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजस्व वसूली को लेकर जारी हुए सख्त निर्देश
बैठक के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने वाहन डीलरों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वाहनों के निबंधन से जुड़े सभी लंबित बकाये और सरकारी शुल्क जल्द से जल्द जमा किए जाएं।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में राजस्व संग्रहण की गति तेज करना बेहद जरूरी है। यदि किसी डीलर द्वारा शुल्क जमा करने या निबंधन प्रक्रिया में लापरवाही की जाती है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने कहा:
“राजस्व वसूली सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी डीलर यह सुनिश्चित करें कि निबंधन और सरकारी शुल्क से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हों।”
बिना निबंधन वाहन सड़क पर नहीं उतरेगा
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय नो रजिस्ट्रेशन, नो मूवमेंट नीति को सख्ती से लागू करना रहा।
डीटीओ ने सभी शोरूम संचालकों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी नया वाहन बिना स्थायी या अस्थायी निबंधन के शोरूम से बाहर नहीं निकलना चाहिए। यदि सड़क पर बिना नंबर प्लेट का नया वाहन पाया जाता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित डीलर जिम्मेदार होगा।
इस मामले में कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
हर दोपहिया वाहन के साथ दो हेलमेट अनिवार्य
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने का निर्णय लिया है।
बैठक में डीटीओ ने कहा कि अब दोपहिया वाहन की प्रत्येक बिक्री के साथ ग्राहक को आईएसआई मार्क वाले दो हेलमेट देना अनिवार्य होगा। यह नियम केवल औपचारिकता नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए जरूरी कदम है।
उन्होंने कहा कि हेलमेट का उपयोग न केवल चालक बल्कि पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी उतना ही जरूरी है। इसलिए दो हेलमेट देना अनिवार्य किया गया है।
चार पहिया वाहन खरीदारों को भी जागरूक करने का निर्देश
बैठक में चार पहिया वाहन डीलरों को भी सुरक्षा नियमों को लेकर जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया गया।
डीटीओ ने कहा कि वाहन डिलीवरी के समय ग्राहकों को सीट बेल्ट के उपयोग, एयरबैग और अन्य सेफ्टी फीचर्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी जानी चाहिए।
सड़क सुरक्षा केवल नियमों से नहीं बल्कि जागरूकता से भी मजबूत होती है। इसलिए डीलरों की जिम्मेदारी है कि वे ग्राहकों को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति प्रेरित करें।
ट्रेड सर्टिफिकेट की वैधता की हुई जांच
बैठक के दौरान मौजूद सभी डीलरों के ट्रेड सर्टिफिकेट की वैधता की भी समीक्षा की गई।
डीटीओ ने निर्देश दिया कि जिन शोरूम या संस्थानों के ट्रेड लाइसेंस की अवधि समाप्त होने वाली है, वे तुरंत अपने लाइसेंस का नवीनीकरण करा लें। ऐसा नहीं करने पर उनके व्यवसायिक कार्यों में कानूनी बाधाएं आ सकती हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि परिवहन विभाग के सभी नियमों का पालन करना प्रत्येक डीलर के लिए अनिवार्य है।
नियम तोड़ने वालों का लाइसेंस होगा रद्द
बैठक के समापन के दौरान डीटीओ ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले डीलरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि कोई डीलर बिना निबंधन वाहन बेचता है या सरकारी राजस्व में बाधा डालता है, तो उसका ट्रेड लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
बैठक में हीरो, होंडा, टीवीएस, मारुति सुजुकी, महिंद्रा, सोनालिका ट्रैक्टर, भारत ट्रैक्टर, अंकित इंटरप्राइजेज, खतरी बाइक्स, संतोष इंटरप्राइजेज, प्रेमसंस मोटर, ज्योति एंटरप्राइसेज, माही ट्रेड्स और फ्रेंड्स मोटर जैसे प्रमुख ब्रांडों के अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद थे। इसके अलावा परिवहन विभाग के कई कर्मचारी भी बैठक में शामिल रहे।
न्यूज़ देखो: सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार व्यापार की दिशा में जरूरी कदम
गुमला में परिवहन विभाग द्वारा लिया गया यह निर्णय सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपकरण कई बार दुर्घटनाओं में लोगों की जान बचाते हैं, लेकिन अक्सर इन्हें नजरअंदाज किया जाता है। यदि डीलर स्तर पर ही इन नियमों को सख्ती से लागू किया जाए, तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अब यह देखना होगा कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी पालन होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित सड़कें, जिम्मेदार नागरिक और जागरूक समाज की जरूरत
सड़क सुरक्षा केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की भी समान जिम्मेदारी है।
हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और ट्रैफिक नियमों का पालन करना छोटी आदतें हैं, लेकिन ये कई परिवारों को बड़ी त्रासदी से बचा सकती हैं।
यदि हर वाहन चालक अपनी जिम्मेदारी समझे तो सड़क दुर्घटनाओं की संख्या काफी कम हो सकती है।
आइए हम सब मिलकर सुरक्षित यातायात का संकल्प लें।
यदि आप भी सड़क सुरक्षा को लेकर अपनी राय रखना चाहते हैं तो कमेंट में जरूर लिखें। इस खबर को अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक बन सकें और सुरक्षित समाज की दिशा में कदम बढ़ा सकें।






