
#गिरिडीह #शिक्षा_व्यवस्था : उपायुक्त ने विद्यालय और छात्रावास का निरीक्षण कर निर्माण गुणवत्ता व पढ़ाई व्यवस्था पर दिए कड़े निर्देश।
गिरिडीह जिले में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने एच.ई. हाई स्कूल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में चल रहे संरचनात्मक विकास कार्यों, शैक्षणिक व्यवस्था और छात्रावास की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों और शिक्षा की गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
- उपायुक्त रामनिवास यादव ने एच.ई. हाई स्कूल का किया औचक निरीक्षण।
- भवन निर्माण, बाउंड्री वॉल और कक्षा कक्षों की गुणवत्ता की जांच।
- समयबद्ध और पारदर्शी कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश।
- लापरवाही पर संवेदकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।
- छात्रावास, शिक्षकों की उपस्थिति और पठन-पाठन की समीक्षा।
गिरिडीह जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी संसाधनों के सही उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त रामनिवास यादव लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने आज एच.ई. हाई स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों के साथ-साथ शैक्षणिक वातावरण और छात्र सुविधाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में चल रहे भवन निर्माण कार्य, बाउंड्री वॉल निर्माण, कक्षा कक्षों की स्थिति और अन्य आधारभूत संरचनाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
उपायुक्त ने कहा कि सरकारी भवनों का निर्माण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। ऐसे में निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, तकनीकी मानक और कार्य की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
समयबद्ध और पारदर्शी कार्य के निर्देश
उपायुक्त श्री रामनिवास यादव ने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित संवेदक एवं एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप हों और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की संरचनात्मक समस्या उत्पन्न न हो।
छात्रावास और शैक्षणिक व्यवस्था की जांच
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय के छात्रावास का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की साफ-सफाई, रहने की व्यवस्था, भोजन, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय में पठन-पाठन की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति और कक्षा संचालन की स्थिति का भी आकलन किया।
उपायुक्त ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, समझ स्तर और समस्याओं की जानकारी ली। बच्चों से बातचीत के दौरान उन्होंने शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने और नियमित अध्ययन की महत्ता पर भी जोर दिया।
शिक्षकों को सख्त निर्देश
उपायुक्त रामनिवास यादव ने शिक्षकों को शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे बच्चों के भविष्य को प्रभावित करती है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल, अनुशासन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ पढ़ाई कर सकें।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य और कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सक्रियता को जिले में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी निर्माण कार्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
न्यूज़ देखो: गुणवत्ता और जवाबदेही का स्पष्ट संदेश
उपायुक्त का यह औचक निरीक्षण साफ संदेश देता है कि शिक्षा और निर्माण गुणवत्ता में लापरवाही अब नहीं चलेगी। सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे और पढ़ाई दोनों पर समान ध्यान देना समय की मांग है। सवाल यह है कि क्या दिए गए निर्देशों का जमीनी स्तर पर प्रभावी पालन होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मजबूत शिक्षा, सुरक्षित भविष्य
विद्यालयों की गुणवत्ता ही बच्चों का भविष्य तय करती है।
जब प्रशासन सजग होता है, तब व्यवस्था भी मजबूत बनती है।
आप भी अपने क्षेत्र के स्कूलों की स्थिति पर नजर रखें।
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