
#देवघर #कानून_व्यवस्था : शांति और सौहार्द बिगाड़ने वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।
देवघर में शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पुलिस ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। पुलिस ने कहा है कि अफवाह, भ्रामक सूचना या किसी समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री का प्रसार कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ आईटी एक्ट सहित अन्य सुसंगत धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर बढ़ती भ्रामक गतिविधियों को देखते हुए जारी की गई है।
- देवघर पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को दी सख्त चेतावनी।
- सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट को बताया अपराध।
- फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, ट्विटर पर निगरानी।
- आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में होगी कड़ी कार्रवाई।
- आम नागरिकों से संयम और सतर्कता बरतने की अपील।
देवघर जिले में शांति व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया को लेकर सख्त रुख अपनाया है। देवघर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचना में आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अपुष्ट, भ्रामक या भड़काऊ सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें।
अफवाह और भ्रामक सूचना पर रोक जरूरी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली अफवाहें न केवल भ्रम पैदा करती हैं, बल्कि कई बार कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी बिगाड़ देती हैं। किसी भी समुदाय, धर्म या व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी, वीडियो, फोटो या पोस्ट साझा करना सामाजिक तनाव को जन्म दे सकता है।
देवघर पुलिस का कहना है कि हाल के समय में सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के सूचनाएं साझा करने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
किन प्लेटफॉर्म पर रहेगी सख्त निगरानी
पुलिस ने बताया कि फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और ट्विटर जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार की तथ्यहीन अफवाह, उकसाने वाली पोस्ट या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री सामने आने पर तत्काल संज्ञान लिया जाएगा।
देवघर पुलिस ने यह भी कहा कि केवल पोस्ट करने वाले ही नहीं, बल्कि ऐसी सामग्री को फॉरवर्ड या शेयर करने वाले भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
कानूनन कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस की ओर से जारी सूचना में साफ कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट समेत अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें गिरफ्तारी से लेकर कानूनी दंड तक की प्रक्रिया शामिल हो सकती है।
पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग कर समाज में नफरत या भय का माहौल पैदा करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
आम नागरिकों से अपील
देवघर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। यदि कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक पोस्ट दिखाई दे, तो उसे साझा करने के बजाय पुलिस या संबंधित प्रशासनिक इकाई को इसकी सूचना दें।
पुलिस का कहना है कि नागरिकों की सजगता से ही अफवाहों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
न्यूज़ देखो: डिजिटल जिम्मेदारी का समय
देवघर पुलिस की यह चेतावनी बताती है कि सोशल मीडिया पर लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। अफवाहें केवल भ्रम नहीं, बल्कि सामाजिक शांति के लिए खतरा होती हैं। सवाल यह है कि क्या सोशल मीडिया उपयोगकर्ता अपनी जिम्मेदारी समझेंगे और संयम बरतेंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदार नागरिक, सुरक्षित समाज
सोशल मीडिया आपकी आवाज है, लेकिन जिम्मेदारी भी आपकी ही है।
एक गलत पोस्ट पूरे समाज को नुकसान पहुंचा सकती है।
सजग रहें, सत्य पर भरोसा करें और अफवाहों से दूरी बनाएं।
इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट करें और डिजिटल जिम्मेदारी का संदेश फैलाएं।

