
#सिमडेगा #शैक्षणिक_गतिविधि : सेंट जेवियर्स कॉलेज के इतिहास विभाग ने नदी तट पर स्वच्छता अभियान चलाया।
सिमडेगा के सेंट जेवियर्स कॉलेज के इतिहास विभाग के छात्र-छात्राओं ने खूंटी जिले के बक्शपुर नदी तट पर स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान का उद्देश्य नदी क्षेत्र की सफाई के साथ समाज में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। शिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्रों ने सामूहिक श्रम के माध्यम से स्वच्छ वातावरण का संदेश दिया। यह पहल युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- सेंट जेवियर्स कॉलेज, सिमडेगा के इतिहास विभाग के छात्रों की सक्रिय भागीदारी।
- खूंटी जिले के बक्शपुर नदी तट पर आयोजित हुआ स्वच्छता अभियान।
- असिस्टेंट प्रो. सनी संतोष टोप्पो सहित चार शिक्षकों की उपस्थिति।
- वनभोज स्थल और आसपास के क्षेत्र की व्यापक सफाई।
- छात्रों के लिए खेल और मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन।
- पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का दिया गया संदेश।
सिमडेगा जिले में शैक्षणिक संस्थानों द्वारा सामाजिक सरोकार से जुड़ी गतिविधियों की कड़ी में सेंट जेवियर्स कॉलेज, सिमडेगा के इतिहास विभाग ने एक सराहनीय पहल की। कॉलेज के इतिहास विभाग के छात्र-छात्राओं ने खूंटी जिला स्थित बक्शपुर नदी के तट पर स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। यह अभियान न केवल नदी तट की सफाई तक सीमित रहा, बल्कि इसके माध्यम से छात्रों ने समाज को स्वच्छ और स्वस्थ जीवन का महत्व भी समझाया।
नदी तट की सफाई से दिया स्वच्छता का संदेश
स्वच्छता अभियान के दौरान छात्रों ने बक्शपुर नदी के किनारे स्थित वनभोज स्थल और आसपास फैले कचरे को एकत्र कर सफाई की। प्लास्टिक, कागज और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को अलग-अलग कर एकत्र किया गया, ताकि क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। छात्रों ने श्रमदान करते हुए यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
शिक्षकों का मार्गदर्शन और सहभागिता
इस अवसर पर इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष असिस्टेंट प्रो. सनी संतोष टोप्पो, असिस्टेंट प्रो. शशि ज्योति बखला, असिस्टेंट प्रो. अर्चना शेफाली तथा असिस्टेंट प्रो. पुष्पलता कुजुर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सभी शिक्षकों ने स्वयं मौके पर रहकर छात्रों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में मार्गदर्शन दिया।
असिस्टेंट प्रो. सनी संतोष टोप्पो ने कहा:
“इस तरह के अभियान छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं और उन्हें किताबों से बाहर निकलकर समाज से जुड़ने का अवसर देते हैं।”
छात्रों में दिखा उत्साह और सामाजिक चेतना
स्वच्छता अभियान के दौरान छात्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने समूहों में बंटकर नदी तट के विभिन्न हिस्सों की सफाई की और पूरे क्षेत्र को स्वच्छ बनाने में योगदान दिया। छात्रों का कहना था कि ऐसे अभियानों से उन्हें पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास होता है और वे आगे भी इस तरह की गतिविधियों में भाग लेना चाहेंगे।
खेल और मनोरंजन से जुड़ा सामाजिक संदेश
स्वच्छता अभियान के बाद छात्रों के लिए विभिन्न प्रकार के खेल और मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इससे न केवल आपसी सहयोग और टीम भावना को बढ़ावा मिला, बल्कि कार्यक्रम को एक सकारात्मक और आनंददायक स्वरूप भी मिला। कार्यक्रम के सफल संचालन में इतिहास विभाग के वरिष्ठ छात्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिक्षा के साथ सामाजिक दायित्व पर जोर
कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने छात्रों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभियानों से विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, अनुशासन और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। शिक्षकों ने यह भी बताया कि कॉलेज का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है।
असिस्टेंट प्रो. अर्चना शेफाली ने कहा:
“स्वच्छ वातावरण और स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, और इस अभियान में छात्रों ने इसे साबित किया है।”
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल
बक्शपुर नदी तट पर चलाया गया यह स्वच्छता अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी छात्रों की इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इससे नदियों और प्राकृतिक स्थलों को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
न्यूज़ देखो: युवाओं की भागीदारी से मजबूत होता सामाजिक सरोकार
सेंट जेवियर्स कॉलेज के इतिहास विभाग का यह स्वच्छता अभियान दर्शाता है कि शैक्षणिक संस्थान समाज में सकारात्मक बदलाव के केंद्र बन सकते हैं। छात्रों की सक्रिय भागीदारी और शिक्षकों का मार्गदर्शन इस पहल को प्रभावी बनाता है। ऐसे प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ नागरिक जिम्मेदारी को भी मजबूत करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वच्छता से ही स्वस्थ समाज की नींव
स्वच्छता अभियान केवल एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सोच होनी चाहिए। युवा यदि आगे आकर पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाएं, तो समाज में बड़ा बदलाव संभव है। अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें और दूसरों को भी प्रेरित करें। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे आगे बढ़ाएं और स्वच्छ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।







