
#सिमडेगा #महिला_स्वास्थ्य : नारी पैड सेवा और जननी शिक्षा अभियान पर केंद्रित कार्यशाला आयोजित।
सिमडेगा जिले में विकास सेवा केंद्र फाउंडेशन के तत्वावधान में नगर भवन में नारी पैड सेवा एवं बाल-जननी शिक्षा अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में विभिन्न प्रखंडों से आए कार्यकर्ताओं और प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों में मासिक धर्म स्वच्छता तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस पहल को स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने समाजहित में महत्वपूर्ण बताया।
- नगर भवन, सिमडेगा में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
- विकास सेवा केंद्र फाउंडेशन के तत्वावधान में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
- नमन विक्सल कोनगाड़ी और ओलिवर लकड़ा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
- महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता और सुरक्षित मातृत्व पर जानकारी दी गई।
- प्रतिभागियों के बीच सैनिटरी पैड और स्वास्थ्य पुस्तिकाओं का वितरण किया गया।
सिमडेगा जिले में महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली, जब विकास सेवा केंद्र फाउंडेशन द्वारा नगर भवन में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, सेंटर इंचार्ज, पंचायत कोऑर्डिनेटर समेत बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मासिक धर्म स्वच्छता, मातृ स्वास्थ्य और शिशु देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का प्रसार करना था। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इसकी महत्ता को और बढ़ाया।
कार्यशाला का उद्देश्य और महत्व
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना था। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मासिक धर्म से जुड़े कई भ्रम और संकोच मौजूद हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है। इस कार्यशाला के माध्यम से न केवल स्वच्छता बल्कि सुरक्षित मातृत्व और नवजात शिशु देखभाल पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि सही जानकारी और समय पर देखभाल से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना समाज के समग्र विकास के लिए जरूरी है।
विशेषज्ञों द्वारा दी गई महत्वपूर्ण जानकारियां
कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। इनमें मासिक धर्म स्वच्छता, संतुलित पोषण, एनीमिया की रोकथाम, गर्भावस्था के दौरान देखभाल, टीकाकरण और नवजात शिशु की देखभाल शामिल रहे।
प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि सैनिटरी पैड का सही उपयोग और उसका सुरक्षित निस्तारण कैसे किया जाए, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रहें। इसके साथ ही जननी और शिशु स्वास्थ्य से संबंधित पुस्तिकाएं भी वितरित की गईं, ताकि प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों में जानकारी का प्रसार कर सकें।
जनप्रतिनिधियों के संबोधन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी ने महिलाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा को समाज के विकास की आधारशिला बताया।
नमन विक्सल कोनगाड़ी ने कहा: “महिलाओं का स्वास्थ्य और शिक्षा किसी भी समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाते हैं।”
वहीं, विशिष्ट अतिथि नगर परिषद अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा ने महिलाओं को स्वावलंबी और जागरूक बनाने पर जोर दिया।
ओलिवर लकड़ा ने कहा: “महिलाओं को स्वावलंबी और जागरूक बनाना बेहद जरूरी है। संस्था द्वारा किया जा रहा यह प्रयास समाजहित में एक महत्वपूर्ण पहल है।”
प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी
कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों ने न केवल विषयों को ध्यानपूर्वक सुना, बल्कि कई सवाल भी पूछे और अपने अनुभव साझा किए। इससे कार्यक्रम और भी संवादात्मक और प्रभावी बना। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोग
इस अवसर पर संस्था और प्रशासन से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें ओम प्रकाश (नेशनल हेड एवं संस्थापक), एस.एस. चौधरी (एचआर), कुंदन शर्मा (नेशनल हेड), मनोज कुमार पासवान (स्टेट हेड, झारखंड), एनिस केरकेट्टा (डिस्ट्रिक्ट हेड, सिमडेगा) एवं सरोज केरकेट्टा (डिस्ट्रिक्ट हेड, सिमडेगा) सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इन सभी ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
न्यूज़ देखो: जागरूकता से ही सशक्त होगा समाज
यह कार्यशाला इस बात को दर्शाती है कि सही दिशा में किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं का यह सहयोग सराहनीय है, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या ऐसी पहल हर गांव तक पहुंच पाएगी। इस दिशा में निरंतर प्रयास जरूरी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें और बदलाव का हिस्सा बनें
समाज में बदलाव केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि हमारी भागीदारी से आता है। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना हम सभी की जिम्मेदारी है। अपने आसपास के लोगों को सही जानकारी दें और मिथकों को दूर करने में मदद करें।
अगर हम मिलकर प्रयास करें, तो एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
अपने क्षेत्र में ऐसी पहल को बढ़ावा दें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
आपकी एक छोटी कोशिश कई जिंदगियों को बेहतर बना सकती है।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और जागरूकता की इस मुहिम का हिस्सा बनें।






