सिमडेगा मंडल कारा का औचक निरीक्षण, डालसा सचिव ने भोजन और सुविधाओं पर कड़ी नजर रखी

सिमडेगा मंडल कारा का औचक निरीक्षण, डालसा सचिव ने भोजन और सुविधाओं पर कड़ी नजर रखी

author Birendra Tiwari
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#सिमडेगा #जेल_निरीक्षण : भोजन गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच—बंदियों से सीधे संवाद किया गया।

सिमडेगा मंडल कारा का जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, रसोई व्यवस्था और बंदियों की सुविधाओं का जायजा लिया। बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

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  • मरियम हेमरोम ने मंडल कारा का औचक निरीक्षण किया।
  • रसोईघर में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच
  • बंदियों से भोजन और सुविधाओं पर बातचीत
  • स्वयं भोजन चखकर गुणवत्ता का आकलन किया
  • जेल प्रशासन को मानकों का पालन करने का निर्देश

सिमडेगा मंडल कारा में गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की सचिव मरियम हेमरोम ने औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य बंदियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और जेल की अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेना था।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल परिसर के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और बंदियों की स्थिति को समझने का प्रयास किया।

रसोईघर का गहन निरीक्षण

निरीक्षण के क्रम में सचिव सबसे पहले जेल के रसोईघर पहुंचीं। वहां उन्होंने भोजन बनाने की पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा।

उन्होंने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया।

मरियम हेमरोम ने कहा: “भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।”

स्वयं चखकर किया आकलन

निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता का आकलन किया। उन्होंने व्यवस्था पर संतोष जताते हुए सुधार की आवश्यकता वाले बिंदुओं पर निर्देश दिए।

बंदियों से किया सीधा संवाद

सचिव ने जेल के बैरकों का निरीक्षण करते हुए बंदियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने उनसे भोजन की मात्रा, समय पर उपलब्धता और गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली।

एक बंदी ने बताया: “भोजन समय पर मिलता है, लेकिन सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है।”

स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी ध्यान

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी जायजा लिया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखा जाए।

कानूनी सहायता की जानकारी दी

सचिव ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि जरूरतमंद बंदी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से नि:शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा: “हर बंदी को न्याय पाने का अधिकार है और हम इसके लिए सहायता प्रदान करेंगे।”

प्रशासन को दिए निर्देश

निरीक्षण के अंत में उन्होंने जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि—

  • बंदियों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन मिले
  • समय पर भोजन उपलब्ध कराया जाए
  • स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखा जाए

बेहतर व्यवस्था की पहल

यह निरीक्षण जेल में बंदियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

न्यूज़ देखो: जेल में भी जरूरी है मानवीय दृष्टिकोण

सिमडेगा मंडल कारा का यह निरीक्षण दिखाता है कि बंदियों के साथ भी मानवीय व्यवहार और बेहतर सुविधाएं जरूरी हैं। भोजन और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

हर इंसान के अधिकार समान

बंदी होने का मतलब अधिकार खत्म होना नहीं है।
हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन का अधिकार है।
जरूरी है कि हम मानवता और न्याय दोनों को प्राथमिकता दें।
आइए, हम एक संवेदनशील समाज का निर्माण करें।

अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को शेयर करें और जागरूकता फैलाएं।

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Written by

सिमडेगा

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