आलमगीर आलम की जमानत पर कांग्रेस में खुशी, हृदयानंद मिश्र ने न्यायपालिका की निष्पक्षता को सराहा

#रांची #न्यायिक_निर्णय : पूर्व मंत्री की जमानत पर कांग्रेस नेताओं ने जताया भरोसा। झारखंड की राजनीति में चर्चित पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को न्यायालय से जमानत मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस समन्वय समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता हृदयानंद मिश्र ने […]

पलामू की मिट्टी से उठी “पेड़ चलता है” ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दर्ज कराई सांस्कृतिक पहचान

#पलामू #सिनेमा_संघर्ष : “पेड़ चलता है” ने स्थानीय कलाकारों के सपनों को वैश्विक पहचान दी। पलामू की पहचान लंबे समय तक संघर्ष, पलायन और सामाजिक चुनौतियों से जुड़ी रही है। लेकिन अब इसी मिट्टी से निकली एक फिल्म “पेड़ चलता है” ने अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचकर पूरे क्षेत्र को नई सांस्कृतिक पहचान दी है। यह […]

बिकता आदिवासी बचपन और सत्ता की संवेदनहीनता

#कवर्धा #आदिवासी_बचपन : बैगा समाज के बच्चों की कथित बिक्री से शासन व्यवस्था कठघरे में। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से सामने आई आदिवासी बच्चों की कथित बिक्री की खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बैगा आदिवासी समाज के मासूम बच्चों को कथित रूप से कुछ हजार रुपये में मजदूरी के लिए […]

5 दशक की निष्ठा और समर्पण का मिला सम्मान, हृदयानंद मिश्र समन्वय समिति के सदस्य मनोनीत

#रांची #कांग्रेस_संगठन : वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हृदयानंद मिश्र के मनोनयन पर कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में खुशी की लहर। मेदिनीनगर में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी हृदयानंद मिश्र को समन्वय समिति का सदस्य बनाए जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। पार्टी नेताओं ने इसे संगठन के प्रति […]

सृजन का बहुआयामी चेहरा — सैकत चट्टोपाध्याय: शब्द, मंच, कैमरा और समाज के बीच एक संवेदनशील यात्री

#शिमला #सैकत_चट्टोपाध्याय : रंगमंच और सिनेमा के जरिए समाज की संवेदनाओं को नई अभिव्यक्ति मिल रही। आज के दौर में जब कला का बड़ा हिस्सा बाजारवाद, प्रचार और तात्कालिक लोकप्रियता के दबाव में अपनी मूल संवेदनाओं से दूर होता जा रहा है, ऐसे समय में कुछ कलाकार ऐसे भी हैं जो कला को समाज की […]

पलामू की धरती पर आत्मनिर्भरता का नया अध्याय — दीपिका पांडेय सिंह की विकास दृष्टि

#पलामू #महिला_सशक्तिकरण : स्वयं सहायता समूह से रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिला। पलामू प्रमंडल के चैनपुर और मेदिनीनगर क्षेत्र में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाली पहल सामने आई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अंतःवस्त्र उत्पादन इकाई की शुरुआत ने महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त किया […]

झारखंड कांग्रेस समन्वय समिति में हृदयानंद मिश्र को अहम जिम्मेदारी, समर्थकों में खुशी की लहर

#मेदिनीनगर #कांग्रेस_संगठन : समन्वय समिति में नियुक्ति से संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद। मेदिनीनगर में झारखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य हृदयानंद मिश्र को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी की समन्वय समिति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। […]

पलामू की सांस्कृतिक चेतना के सूत्रधार गुरु पांडेय का जीवन और योगदान सभी के लिए प्रेरणास्रोत: हृदयानंद मिश्रा

#पलामू #जन्मदिन_विशेष : आध्यात्मिक आयोजन से सामाजिक समरसता की मिसाल प्रस्तुत। पलामू प्रमंडल की सांस्कृतिक पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उन व्यक्तित्वों से निर्मित होती है जिन्होंने समाज को जोड़ने का कार्य किया। अर्जुन पांडेय, जिन्हें ‘गुरु पांडेय’ के नाम से जाना जाता है, ऐसे ही व्यक्तित्व हैं जिनका योगदान […]

जनगणना में सरना धर्म कोड की मांग पर सवाल उठाती चुप्पी, आदिवासी पहचान को लेकर बहस तेज

#झारखंड #सरनाधर्मकोड : जनगणना में अलग पहचान की मांग—आदिवासी अस्मिता पर उठते गंभीर सवाल। जनगणना में सरना धर्म कोड को लेकर उठ रही मांग अब एक व्यापक बहस का रूप ले चुकी है। आदिवासी समाज का कहना है कि उनकी धार्मिक पहचान को आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं मिलने के कारण उन्हें अन्य धर्मों की […]

अमेरिका में पलामू की बेटी अदित्री का परचम, प्रतिष्ठित राइज एम्बेसडर कार्यक्रम में चयन

#पलामू #अंतरराष्ट्रीय_उपलब्धि : अदित्री का चयन राइज एम्बेसडर कार्यक्रम में—क्षेत्र में गर्व और उत्साह। पलामू जिले के लिए गर्व का क्षण तब सामने आया जब यहां की बेटी अदित्री ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रतिष्ठित राइज एम्बेसडर कार्यक्रम में स्थान हासिल किया। वर्तमान में अमेरिका के यूटा राज्य के साल्ट […]

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस: लोकतंत्र की सांस और सत्ता की परीक्षा

#विश्वस्तर #प्रेसस्वतंत्रता : लोकतंत्र की मजबूती में स्वतंत्र पत्रकारिता की भूमिका पर मंथन। हर वर्ष 3 मई को मनाया जाने वाला विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस लोकतंत्र की मूल भावना को समझने और उसकी मजबूती पर विचार करने का अवसर प्रदान करता है। यह दिन केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता की भूमिका और उसके […]

देवर्षि नारद जयंती पर संवाद और सत्य की परंपरा का स्मरण, सत्ता से सवाल की विरासत फिर चर्चा में

#भारत #नारद_जयंती : संवाद, सत्य और निर्भीक प्रश्न की परंपरा का स्मरण। देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर भारतीय सांस्कृतिक और दार्शनिक परंपरा में उनके योगदान को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। आम धारणा में उन्हें अक्सर केवल “कलह का देवता” कहकर सीमित कर दिया जाता है, लेकिन गहराई से देखने पर उनका व्यक्तित्व […]

रमा खलखो के नेतृत्व में पोस्टकार्ड की स्याही में दर्ज होती महिला-प्रतिनिधित्व की पुकार

#रांची #महिला_आरक्षण : ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी से जनचेतना का विस्तार। रांची और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में महिला आरक्षण को लेकर एक अनूठा अभियान शुरू हुआ है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दिया है। “महिला आरक्षण अभी लागू करें” पोस्टकार्ड अभियान के माध्यम से महिलाओं की आवाज को […]

झारखंड में पेसा नियमावली 2025 से सामाजिक न्याय की नई दिशा

#रांची #पेसा_नियमावली : राज्य में ग्राम स्वराज और अधिकार सशक्तिकरण की पहल। रांची में आयोजित राज्य स्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस को लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इस आयोजन में पेसा नियमावली 2025 के माध्यम से अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने पर जोर […]

पश्चिमी सिंहभूम में महिला कांग्रेस की ऐतिहासिक बैठक, रमा खलखो के नेतृत्व में नई राजनीतिक चेतना की शुरुआत

#पश्चिमीसिंहभूम #महिलाराजनीति : हजारों महिलाओं की भागीदारी से नई राजनीतिक ऊर्जा का संचार हुआ। पश्चिमी सिंहभूम में आयोजित महिला कांग्रेस की बैठक ने झारखंड की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी और उनके सशक्तिकरण का स्पष्ट संकेत था। हजारों […]

बुके संस्कृति पर उठे सवाल: क्या प्रशासनिक अधिकारियों का सार्वजनिक स्वागत लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ?

#भारत #लोकतांत्रिक_मर्यादा : अधिकारियों के सार्वजनिक सम्मान पर निष्पक्षता और गरिमा को लेकर बहस तेज। लोकतंत्र में प्रशासनिक संस्थानों की निष्पक्षता और गरिमा सर्वोपरि मानी जाती है। ऐसे में हाल के वर्षों में बढ़ती “बुके संस्कृति”—जहां आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का सार्वजनिक रूप से स्वागत किया जाता है—पर गंभीर बहस छिड़ गई है। यह केवल […]

झारखंड में ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की नई पहल नीति और भागीदारी से बदलती विकास की दिशा

#झारखंड #नारी_सशक्तिकरण : ग्रामीण महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में शामिल कर बदलाव की नई पहल। झारखंड में विकास की नई तस्वीर अब गांवों से उभरती नजर आ रही है, जहां महिलाओं को केंद्र में रखकर योजनाओं को आकार दिया जा रहा है। लंबे समय तक हाशिए पर रही ग्रामीण महिलाएं अब नीति निर्माण और विकास […]

महिला आरक्षण कानून पर उठे सवाल: क्या यह वास्तविक सशक्तिकरण या केवल प्रतीकात्मक राजनीति

#भारत #महिला_आरक्षण : लागू करने में देरी को लेकर सरकार की मंशा पर उठे गंभीर प्रश्न। महिला आरक्षण विधेयक 2023 को भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया। सत्ता पक्ष ने इसे नारी सशक्तिकरण का ऐतिहासिक निर्णय करार दिया, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर उठ रहे सवाल […]

तात्या टोपे के बलिदान दिवस पर देश ने किया स्मरण महान क्रांतिकारी के अद्वितीय संघर्ष को नमन

#भारत #बलिदान_दिवस : तात्या टोपे के साहस और रणनीति से आज भी मिलती प्रेरणा। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अनेक महान योद्धाओं के बलिदान से भरा हुआ है, जिनमें तात्या टोपे का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। 18 अप्रैल को उनके बलिदान दिवस के अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। वे […]

वैशाखी का पर्व केवल फसल उत्सव नहीं बल्कि नई शुरुआत और सांस्कृतिक एकता का संदेश

#भारत #वैशाखी_पर्व : पंजाब सहित देशभर में मनाया जाने वाला पर्व समृद्धि, इतिहास और एकता का प्रतीक है। भारत विविधताओं का देश है, जहाँ प्रत्येक त्योहार अपने भीतर एक विशेष संदेश और परंपरा को समेटे होता है। इन्हीं प्रमुख त्योहारों में वैशाखी का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पर्व हर वर्ष अप्रैल माह में मनाया […]

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