
#चंदवा #टानाभगतमेला : नौ स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में पूजा, झंडोत्तोलन और भव्य मेला आयोजित।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड के निंद्रा गांव में टाना भगत गौरव स्मृति महोत्सव मेला आयोजित किया गया। इस अवसर पर नौ स्वतंत्रता सेनानी टाना भगतों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में पूजा-अर्चना, झंडोत्तोलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित हुईं। मेले में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर उत्सव का आनंद लिया।
- निंद्रा (चंदवा, लातेहार) में टाना भगत स्मृति मेला आयोजित।
- नौ स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि और माल्यार्पण।
- देवशरण भगत ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया।
- कलश यात्रा और पारंपरिक पूजा-अर्चना से कार्यक्रम की शुरुआत।
- पारंपरिक नृत्य और दुकानों से मेले में उमड़ी भीड़।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड के निंद्रा कारी टांड़ गांव में नौ स्वतंत्रता सेनानी टाना भगतों की स्मृति में “टाना भगत गौरव स्मृति महोत्सव मेला” का आयोजन हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ किया गया। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को उत्सव और सांस्कृतिक ऊर्जा से भर दिया।
कलश यात्रा और पूजा-अर्चना से शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने जल भरकर स्मारक स्थल तक पहुंचाया। इसके बाद टाना भगत समुदाय द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
इस दौरान पूरे वातावरण में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।
स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि
मुख्य अतिथि देवशरण भगत एवं अन्य अतिथियों का स्वागत कर उन्हें स्मारक स्थल तक ले जाया गया। वहां उन्होंने झंडोत्तोलन किया और नौ स्वतंत्रता सेनानी टाना भगतों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
वक्ताओं ने कहा: “टाना भगतों का संघर्ष और त्याग आज भी समाज के लिए प्रेरणा है।”
मेले का हुआ उद्घाटन
इसके बाद मुख्य अतिथि देवशरण भगत ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुनीता खलखो (मुखिया, डुमारो पंचायत) ने की, जबकि संचालन मुखदेव गोप ने किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कार्यक्रम में टाना भगतों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से आए खोड़हा टीमों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
इन प्रस्तुतियों ने मेले को और अधिक आकर्षक बना दिया।
परिजनों का हुआ सम्मान
इस अवसर पर नौ स्वतंत्रता सेनानी टाना भगतों के परिजनों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके योगदान को याद करने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने का प्रयास था।
मेले में उमड़ी भीड़
मेले में पारंपरिक मिठाइयों और विभिन्न दुकानों पर ग्रामीणों की भारी भीड़ देखी गई। लोग परिवार के साथ मेले में पहुंचे और उत्सव का आनंद लिया।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति
कार्यक्रम में उमेश सिंह भोगता, प्रदीप भगत, पुतुल देवी, रोहित यादव, रंथू उरांव, कमल मुंडा, रंका टाना भगत, विद्यानंद सिंह खरवार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा भैरो टाना भगत, सोहराई टाना भगत, शिवशंकर टाना भगत, सुरेश टाना भगत, कपिल सिंह खरवार, रामभजन सिंह, सुशील उरांव, शंकर टाना भगत, गोकुल गोप, कार्तिक टाना भगत, एतवा टाना भगत, भोला टाना भगत, रामजीत टाना भगत, बिरसा टाना भगत, कृष्णा टाना भगत, रविता टाना भगत, संगीता टाना भगत, अर्चना टाना भगत, सेवन्ती टाना भगत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
परंपरा और इतिहास का संगम
यह आयोजन न केवल एक मेला था, बल्कि इतिहास, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का जीवंत उदाहरण बना। इसने टाना भगतों के योगदान को याद करने और समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया।

न्यूज़ देखो: इतिहास से जुड़ाव ही असली पहचान
निंद्रा में आयोजित यह मेला दिखाता है कि समाज अपने इतिहास और वीरों को याद रखता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को प्रेरणा देते हैं और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं। अब जरूरत है कि इस परंपरा को आगे भी इसी तरह सहेजा जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपने इतिहास को जानें, आगे बढ़ें
हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान हमें प्रेरणा देता है।
जरूरी है कि हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं।
ऐसे आयोजनों से हमें अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
आइए, हम भी अपनी संस्कृति और इतिहास को सहेजकर आगे बढ़ें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को शेयर करें और इस प्रेरणादायक पहल को आगे बढ़ाएं।






