
#सेमरा #पलामू #तरावीहमुकम्मल : 27वीं रात कुरान के 30 पारे पूरे, अंजुमन कमेटी ने किया सम्मानित।
पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के सेमरा गांव स्थित मस्जिद सिदरा में रमजान की 27वीं रात तरावीह मुकम्मल हुई। हाफिज कारी मोहम्मद रहमत अली वारसी ने कुरान के 30 पारे पूरे किए। इस अवसर पर अंजुमन कमेटी ने उन्हें सम्मानित किया और मिलाद शरीफ का आयोजन हुआ।
- मस्जिद सिदरा, सेमरा में तरावीह की नमाज हुई मुकम्मल।
- हाफिज कारी रहमत अली वारसी ने पूरे किए कुरान के 30 पारे।
- अंजुमन कमेटी द्वारा 51,786 रुपये का नजराना देकर सम्मानित।
- कार्यक्रम में मिलाद शरीफ का भी आयोजन।
- बड़ी संख्या में नमाजी और स्थानीय लोग हुए शामिल।
पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोस्ट सेमरा स्थित मस्जिद सिदरा में पवित्र रमजानुल मुबारक के दौरान 27वीं रात एक खास धार्मिक माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर तरावीह की नमाज मुकम्मल की गई, जिसमें बड़ी संख्या में नमाजियों ने शिरकत की।
इस मौके पर हाफिज कारी मोहम्मद रहमत अली वारसी ने कुरान पाक के 30 पारे पूरे करते हुए तरावीह की नमाज का समापन कराया। उनकी शानदार क़िराअत और मधुर तिलावत ने पूरे रमजान माह में नमाजियों को खास रूहानी सुकून प्रदान किया।
अंजुमन कमेटी ने किया सम्मान
तरावीह की नमाज मुकम्मल होने के बाद मस्जिद परिसर में अंजुमन कमेटी की ओर से एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान हाफिज कारी रहमत अली वारसी को 51,786 रुपये का नजराना देकर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उनके द्वारा पूरे रमजान माह में की गई सेवा और कुरान की खूबसूरत तिलावत के प्रति आभार स्वरूप दिया गया।
मिलाद शरीफ में उमड़ी भीड़
कार्यक्रम के दौरान मिलाद शरीफ का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस दौरान दीन-ए-इस्लाम की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला गया और लोगों ने अमन-चैन व भाईचारे के लिए दुआ मांगी।
पूरा माहौल इबादत, अकीदत और भाईचारे से सराबोर नजर आया।
लातेहार के रहने वाले हैं हाफिज साहब
हाफिज कारी मोहम्मद रहमत अली वारसी झारखंड के लातेहार जिले के बरवाडीह थाना क्षेत्र स्थित बेतला नेशनल पार्क के निवासी हैं। उनकी क़िराअत की शैली ने नमाजियों के दिलों में विशेष स्थान बना लिया है।
गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर अंजुमन सदर मनान साहब, सेक्रेटरी अलाउद्दीन साहब, नायब सदर क्यामुद्दीन साहब, नायब सेक्रेटरी मोहम्मद इदरीश, खजांची मोहम्मद नेजाम, नायब खजांची मोहम्मद फखरुद्दीन और मोहम्मद शमीम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा उप मुखिया पति महताब साहब, पूर्व सदर कलाम साहब, डॉ. अख्तर, रहबर साहब, मैनुल साहब, सराजुल अंसारी, समुदीन साहब, असगर साहब, समाजसेवी लाडले हसन, तौफीक अंसारी, असलम अंसारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्यक्रम में शामिल हुए।

न्यूज़ देखो: इबादत और भाईचारे का संदेश
सेमरा की मस्जिद सिदरा में तरावीह मुकम्मल होने का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का भी संदेश देता है। ऐसे कार्यक्रम समाज को जोड़ने और सकारात्मक माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
इबादत के साथ बढ़े इंसानियत का रिश्ता
रमजान का महीना केवल इबादत ही नहीं, बल्कि इंसानियत, सेवा और भाईचारे का संदेश भी देता है। ऐसे आयोजनों से समाज में प्रेम और सौहार्द मजबूत होता है।
आइए, इस भावना को आगे बढ़ाएं और एक बेहतर समाज के निर्माण में योगदान दें।
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