#चंदवा #स्वास्थ्य_अभियान : निक्षय वाहन के जरिए जांच—टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली गति।
लातेहार के चंदवा में अंबेडकर जयंती पर टीबी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किया गया। निक्षय वाहन से 101 लोगों की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को तेज करने का लक्ष्य रखा है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया।
- चंदवा में टीबी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित।
- निक्षय वाहन से 101 लोगों की जांच।
- मदन लाल गुप्ता ने अभियान की जानकारी दी।
- मुखिया रंजीता एक्का ने खुद कराई जांच।
- टीबी मुक्त भारत के लिए जागरूकता अभियान।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में अंबेडकर जयंती के अवसर पर जिला यक्ष्मा नियंत्रण केंद्र द्वारा विशेष टीबी स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य टीबी उन्मूलन अभियान को गति देना और संभावित मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ना है।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
निक्षय वाहन से हुई जांच
इस शिविर में आधुनिक तकनीक से लैस “निक्षय वाहन” का उपयोग किया गया, जिससे मौके पर ही लोगों की जांच संभव हो सकी।
जिला कार्यक्रम समन्वयक मदन लाल गुप्ता ने कहा: “निक्षय वाहन के माध्यम से टीबी जांच को आसान और सुलभ बनाया गया है।”
101 लोगों का किया गया एक्स-रे
शिविर के दौरान पंकज कुमार पांडेय और प्रमोद उरांव द्वारा कुल 101 लोगों का चेस्ट एक्स-रे किया गया।
एक स्वास्थ्यकर्मी ने कहा: “हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन से तत्काल जांच संभव हुई।”
त्रिस्तरीय मॉनिटरिंग
टीबी अभियान की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।
मदन लाल गुप्ता ने बताया: “जिला, टीबी यूनिट, एसएसटी, एएएम और सीएचओ स्तर से लगातार निगरानी की जा रही है।”
मुखिया ने खुद कराई जांच
चकला पंचायत की मुखिया रंजीता एक्का ने स्वयं एक्स-रे कराकर लोगों को जागरूक किया।
रंजीता एक्का ने कहा: “हर व्यक्ति को टीबी जांच करानी चाहिए, ताकि समय रहते इलाज संभव हो सके।”
जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी गई।
एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा: “जागरूकता ही टीबी उन्मूलन का सबसे बड़ा हथियार है।”
स्वास्थ्यकर्मियों का योगदान
इस अभियान को सफल बनाने में राजा महतो (एसटीएलएस), ज्योति खलखो (एएनएम), रवि लक्ष्मी कुमारी, सीताराम कुमार (एमपीडब्ल्यू), पुरुषोत्तम (बीटीटी) सहित कई स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
टीबी मुक्त भारत की दिशा में कदम
यह पहल “टीबी मुक्त भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ग्रामीणों में उत्साह
शिविर में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे अभियान को मजबूती मिली।
न्यूज़ देखो: स्वास्थ्य जागरूकता ही समाधान
चंदवा का यह शिविर दिखाता है कि सही समय पर जांच और जागरूकता से गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है। अब देखना होगा कि यह अभियान कितनी दूर तक असर डालता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ रहें, जागरूक बनें
समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं।
बीमारियों को छिपाएं नहीं, इलाज कराएं।
जागरूकता ही बचाव है।
आइए, हम स्वस्थ समाज की दिशा में कदम बढ़ाएं।
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