
#कोलेबिरा #शैक्षणिक_गोष्ठी : कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में अभिभावक सहभागिता और छात्रा सम्मान का आयोजन हुआ।
कोलेबिरा प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में झारखंड सरकार के निर्देशानुसार विशेष शिक्षक–अभिभावक गोष्ठी सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्डन पूनम साहू ने की, जिसमें प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। छात्राओं की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन और सर्वांगीण विकास पर चर्चा हुई। मेधावी और नियमित उपस्थिति वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया।
- कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, कोलेबिरा में विशेष पीटीएम सह सम्मान समारोह।
- प्रखंड प्रमुख दुतामी हेमरोम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित।
- बीडीओ वीरेंद्र किंडो सहित कई विभागीय अधिकारी शामिल।
- बीआरसी बीपीएम नीलिमा कुजूर ने उद्देश्य और महत्व स्पष्ट किया।
- रेल प्रोजेक्ट परीक्षा में सफल छात्राओं को प्रमाण-पत्र।
- शत-प्रतिशत उपस्थिति वाली छात्राओं का सम्मान।
कोलेबिरा प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में आयोजित शिक्षक–अभिभावक संगोष्ठी सह सम्मान समारोह ने शिक्षा में साझेदारी की मजबूत मिसाल पेश की। झारखंड सरकार के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय, अभिभावक और प्रशासन के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना रहा। छात्राओं की उपलब्धियों को सम्मानित कर उन्हें आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, आत्मनिर्भरता और निरंतर उपस्थिति जैसे विषय केंद्र में रहे।
दीप प्रज्वलन और स्वागत गान से शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इससे पूर्व छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। सांस्कृतिक प्रस्तुति ने कार्यक्रम को गरिमामय वातावरण प्रदान किया और छात्राओं के आत्मविश्वास को भी उजागर किया।
गरिमामयी उपस्थिति से बढ़ा कार्यक्रम का महत्व
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रखंड प्रमुख दुतामी हेमरोम उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में उप प्रमुख सुनिता देवी, प्रखंड विकास पदाधिकारी वीरेंद्र किंडो, रैसियां पंचायत समिति सदस्य उषा नाग, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तथा बीआरसी बीपीएम नीलिमा कुजूर शामिल थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की वार्डन पूनम साहू ने की।
कार्यक्रम के उद्देश्य पर बीआरसी बीपीएम का वक्तव्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीआरसी बीपीएम नीलिमा कुजूर ने कहा:
“इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, खेलकूद और सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना है, साथ ही अभिभावकों को बुनियादी साक्षरता और ज्ञान के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है।”
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे विद्यालय के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें, ताकि छात्राओं की प्रगति की नियमित समीक्षा हो सके।
वार्डन पूनम साहू ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट
स्वागत भाषण के साथ बैठक को संबोधित करते हुए वार्डन पूनम साहू ने विद्यालय में किए गए कार्यों, शैक्षणिक गतिविधियों और विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों से अवगत कराया और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा:
“विद्यालय को बेहतर ऊंचाइयों तक ले जाने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी उद्देश्य से शिक्षक–अभिभावक बैठक आयोजित की गई है, ताकि समाज के साथ सामंजस्य बनाकर छात्राओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।”
प्रखंड प्रमुख ने अभिभावक सहभागिता पर दिया जोर
मुख्य अतिथि प्रखंड प्रमुख दुतामी हेमरोम ने अपने संबोधन में कहा:
“सरकार द्वारा निर्धारित अभिभावक गोष्ठी का उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक करना है, ताकि विद्यालय अवधि के बाद भी वे बच्चों पर नियमित ध्यान दें।”
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अनुशासन और अध्ययन दोनों पर समान रूप से ध्यान दें।
अनुशासन और उपस्थिति पर उप प्रमुख का संदेश
उप प्रमुख सुनिता देवी ने कहा:
“अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है। विद्यालय में नियमित उपस्थिति बनाए रखने में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।”
उनके वक्तव्य ने छात्राओं की दिनचर्या और जिम्मेदारियों को रेखांकित किया।
आत्मनिर्भरता पर बीडीओ का प्रेरक संबोधन
प्रखंड विकास पदाधिकारी वीरेंद्र किंडो ने कहा:
“वर्तमान जीवनशैली में छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। अभिभावकों की सकारात्मक पहल से छात्राओं की उपस्थिति बनाए रखने में सहयोग मिलता है।”
उन्होंने छात्राओं को अनुशासित रहते हुए लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और सीमित संसाधनों के बावजूद तपस्वी विद्यार्थी जीवन जीने का संदेश दिया।
पंचायत समिति सदस्य का प्रेरणादायक संदेश
रैसियां पंचायत समिति सदस्य उषा नाग ने छात्राओं से कहा:
“सभी छात्राएं मन लगाकर पढ़ाई करें, आगे बढ़ें और अपने माता-पिता, गांव और समाज का नाम रोशन करें।”
मेधावी और नियमित छात्राओं का सम्मान
इस अवसर पर रेल प्रोजेक्ट परीक्षा में उत्तीर्ण छात्राओं तथा शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाली छात्राओं के बीच प्रमाण-पत्र का वितरण किया गया। सम्मान पाकर छात्राओं में उत्साह और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
आयोजन में शिक्षकों की अहम भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में वार्डन पूनम साहू, शिक्षिका डेजी तिर्की, मंगलेश्वरी गुप्ता, सुषमा कुमारी, निभा कुमारी, कुमारी प्रियंका, मुस्कान कुमारी सहित सभी शिक्षक–शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
न्यूज़ देखो: शिक्षा में साझेदारी से बनेगा मजबूत भविष्य
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का यह आयोजन दिखाता है कि शिक्षा में अभिभावक, शिक्षक और प्रशासन की साझेदारी कितनी आवश्यक है। सम्मान और संवाद से छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और अनुशासन मजबूत होता है। ऐसे कार्यक्रम नियमित हों तो शैक्षणिक गुणवत्ता और उपस्थिति दोनों में सुधार संभव है। अब जरूरी है कि इस सहभागिता को निरंतर बनाए रखा जाए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सहभागिता, अनुशासन और सम्मान से संवरेगा कल
जब विद्यालय और अभिभावक एक साथ चलते हैं, तभी शिक्षा का सही उद्देश्य पूरा होता है।
छात्राओं को सम्मान और मार्गदर्शन मिलना उनके सपनों को पंख देता है।
आत्मनिर्भरता और अनुशासन से ही उज्ज्वल भविष्य का निर्माण होता है





