
#डुमरी #टेलीलॉकैम्प : छात्रों और बीएलई को कानूनी सेवाओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया।
डुमरी महाविद्यालय परिसर में टेली-लॉ सेवा पर आधारित एक दिवसीय जागरूकता कैम्प आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 80 से अधिक छात्र-छात्राओं और बीएलई ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने टेली-लॉ पोर्टल संचालन और कानूनी परामर्श प्रक्रिया की जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक सुलभ कानूनी सहायता पहुंचाना है।
- डुमरी महाविद्यालय में टेली-लॉ जागरूकता कैम्प का आयोजन।
- 80 से अधिक छात्र-छात्राओं और बीएलई की सक्रिय भागीदारी।
- टेली-लॉ पोर्टल, केस मैनेजमेंट और वीडियो परामर्श की जानकारी दी गई।
- विशेषज्ञों ने ग्रामीणों तक कानूनी सहायता पहुंचाने पर जोर दिया।
- बीएलई को सेवा के साथ आय के अवसर की जानकारी दी गई।
- कार्यक्रम में कई अधिकारी और महाविद्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
डुमरी महाविद्यालय परिसर में बुधवार को टेली-लॉ सेवा पर आधारित एक दिवसीय जागरूकता कैम्प का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सीएससी राज्य कार्यालय की ओर से किया गया, जिसमें 80 से अधिक छात्र-छात्राओं, पंचायत स्तर के सीएससी प्रतिनिधियों और बीएलई ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को टेली-लॉ सेवा की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी भूमिका के बारे में जागरूक करना था।
टेली-लॉ पोर्टल संचालन और केस मैनेजमेंट की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को टेली-लॉ पोर्टल के संचालन की विस्तृत जानकारी दी। इसमें पंजीकरण प्रक्रिया, केस मैनेजमेंट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिवक्ताओं से परामर्श प्राप्त करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।
प्रतिभागियों को टेली-लॉ सेवा की वास्तविक कार्यप्रणाली का डेमो भी दिखाया गया, जिससे वे भविष्य में आम लोगों को सही मार्गदर्शन दे सकें।
अधिकारियों ने टेली-लॉ सेवा के महत्व को बताया
कार्यक्रम में शशि शुक्ला (डिप्टी जनरल मैनेजर, CSC-SPV झारखंड), रवि कुमार (टेली-लॉ स्टेट कोऑर्डिनेटर), रंजन नंदा (CSC जिला प्रबंधक), शुभम कुमार केशरी (ब्लॉक परियोजना प्रबंधक, डिजिटल पंचायत प्रोजेक्ट) मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने कहा कि टेली-लॉ सेवा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
उन्होंने बताया:
“टेली-लॉ के माध्यम से नागरिकों को मुफ्त और सुलभ कानूनी सलाह मिल रही है, जिससे न्याय तक पहुंच आसान हुई है।”
बीएलई के लिए आय और सेवा का अवसर
अधिकारियों ने यह भी बताया कि बीएलई इस सेवा से जुड़कर न केवल लोगों की मदद कर सकते हैं, बल्कि उन्हें अतिरिक्त आय अर्जित करने का भी अवसर मिलता है।
उन्होंने सभी VLEs से अपील की कि वे इस सेवा को गांव-गांव तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
छात्रों और प्रतिभागियों ने जताई संतुष्टि
जागरूकता कैम्प में शामिल छात्रों और बीएलई ने इस प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उनके ज्ञान और कौशल को बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं।
प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा जताई, ताकि कानूनी जागरूकता को और अधिक बढ़ाया जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे ये लोग
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या अर्चना टोप्पो, कॉलेज सदस्य सह मुखिया चेतन लाल मिंज, एसआरसी संचालक कुलदीप भगत सहित कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
न्यूज़ देखो: डिजिटल माध्यम से न्याय तक पहुंच का मजबूत प्रयास
डुमरी में आयोजित यह टेली-लॉ जागरूकता कैम्प दर्शाता है कि डिजिटल सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय तक पहुंच को आसान बनाया जा सकता है। यदि बीएलई और छात्र इस पहल को आगे बढ़ाते हैं, तो यह समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है। प्रशासन और सीएससी की यह पहल सराहनीय है, लेकिन इसकी निरंतरता भी उतनी ही जरूरी है। क्या यह सेवा हर गांव तक प्रभावी रूप से पहुंच पाएगी, यह देखना अहम होगा।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, अधिकारों को जानें और दूसरों तक पहुंचाएं
कानूनी जानकारी हर नागरिक का अधिकार है और इसे जानना बेहद जरूरी है।
ऐसे कार्यक्रम हमें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाते हैं।
आप भी अपने क्षेत्र में ऐसी सेवाओं का लाभ लें और दूसरों को भी इसके बारे में बताएं।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और जागरूक समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।






