
#खलारी #उग्रवादी_घटना : डकरा साइडिंग कांटा घर के समीप टीएसपीसी द्वारा फायरिंग कर धमकी भरा पर्चा छोड़ा गया।
रांची जिले के खलारी स्थित डकरा साइडिंग कांटा घर के पास शुक्रवार सुबह टीएसपीसी उग्रवादियों ने फायरिंग कर दहशत फैला दी। घटना सुबह करीब नौ बजे हुई, जब कोयला लिफ्टर वाहन वजन के लिए खड़े थे। उग्रवादी पर्चा छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से खोखा बरामद कर जांच और छापेमारी तेज कर दी है।
- शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे डकरा साइडिंग कांटा घर के पास फायरिंग।
- तीन से चार नकाबपोश उग्रवादी बाइक से पहुंचे और अंधाधुंध गोलियां चलाईं।
- मौके से खाली खोखा बरामद, पुलिस ने शुरू की जांच।
- पर्चे में टीएसपीसी उतरी दक्षिणी छोटानागपुर सीमांत सब-जोनल कमेटी के नाम से जिम्मेदारी।
- एनके पिपरवार क्षेत्र के लिफ्टर, ठेकेदार, डंप कमेटी और ईंट-भट्ठा मालिकों को दी गई धमकी।
रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत डकरा साइडिंग स्थित कांटा घर के समीप शुक्रवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब बाइक सवार उग्रवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। घटना सुबह लगभग नौ बजे की बताई जा रही है। उस समय कोयला लिफ्टर वाहनों का वजन कराने के लिए कांटा घर के पास चालक और अन्य कर्मी मौजूद थे। अचानक हुई गोलीबारी से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
कैसे हुई घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाइक पर सवार तीन से चार नकाबपोश उग्रवादी मौके पर पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। फायरिंग के बाद वे मौके पर टीएसपीसी के नाम से पर्चा छोड़कर फरार हो गए। घटना के बाद कुछ समय के लिए कांटा घर का कामकाज ठप हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोली चलने की आवाज सुनते ही लोग इधर-उधर भागने लगे। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी और खलारी थाना प्रभारी जयदीप टोप्पो दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की और मौके से खाली खोखा बरामद किया।
पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच शुरू कर दी है। साथ ही उग्रवादियों की धरपकड़ के लिए आसपास के इलाकों में छापेमारी अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस की मौजूदगी में कुछ देर बाद कांटा घर का कार्य पुनः प्रारंभ कराया गया।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
गौरतलब है कि सीसीएल एनके एरिया क्षेत्र के डकरा कांटा घर पर यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व चूरी डीएच कांटा, रोहिणी तथा पूर्णाडीह कांटा घर के समीप भी उग्रवादियों द्वारा फायरिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बार-बार हो रही घटनाओं के बावजूद कांटा घरों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है।
विशेष उल्लेखनीय है कि सीसीएल एनके एरिया में सीआईएसएफ और एसआईएसएफ के जवानों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। इसके बावजूद उग्रवादी गतिविधियों का दोहराव सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
पर्चे में क्या लिखा है
मौके पर छोड़े गए पर्चे में “टीएसपीसी उतरी दक्षिणी छोटानागपुर सीमांत सब-जोनल कमेटी” के नाम से फायरिंग की जिम्मेदारी ‘सुदर्शन जी’ द्वारा लेने की बात कही गई है। पर्चे में एनके पिपरवार क्षेत्र में कार्यरत लिफ्टर, डीओ होल्डर, डंप कमेटी, ठेकेदार और ईंट-भट्ठा मालिकों को चेतावनी दी गई है कि संगठन से बातचीत किए बिना काम न करें, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
यह धमकी क्षेत्र में रंगदारी और दबाव की आशंका को भी जन्म देती है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से इस संबंध में विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है।

न्यूज़ देखो: सुरक्षा तंत्र पर फिर खड़े हुए सवाल
डकरा साइडिंग में दिनदहाड़े हुई फायरिंग यह दर्शाती है कि उग्रवादी संगठन अब भी सक्रिय हैं और कोयला क्षेत्र को निशाना बना रहे हैं। बार-बार की घटनाओं के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार न होना चिंता का विषय है। सवाल यह है कि जब केंद्रीय बलों की तैनाती है, तो ऐसे हमले कैसे हो रहे हैं? अब देखना होगा कि प्रशासन स्थायी समाधान की दिशा में क्या ठोस कदम उठाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षा और शांति के लिए सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी
ऐसी घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न हैं। स्थानीय समुदाय, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय ही स्थायी समाधान का रास्ता है।
आइए सजग रहें, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें और क्षेत्र में शांति बनाए रखने में सहयोग करें। अपनी राय कमेंट में साझा करें और इस खबर को आगे बढ़ाएं ताकि जागरूकता फैले।






