
#सिमडेगा #पाकरटांड #महिला_अधिवेशन : खंजालोया पल्ली में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं की एकजुटता और सामाजिक नेतृत्व पर जोर।
सिमडेगा जिले के पाकरटांड प्रखंड स्थित खंजालोया पल्ली में बीरू भिखारिएट कैथोलिक महिला संघ का 11वां वार्षिक अधिवेशन उत्साह और एकजुटता के माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विधायक भूषण बाड़ा समेत कई धर्मगुरु और सामाजिक प्रतिनिधि शामिल हुए। वक्ताओं ने महिलाओं की सामाजिक भूमिका, शिक्षा और नेतृत्व को समाज के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
- खंजालोया पल्ली (पाकरटांड) में बीरू भिखारिएट कैथोलिक महिला संघ का 11वां वार्षिक अधिवेशन आयोजित।
- कार्यक्रम में विधायक भूषण बाड़ा और जोसिमा खाखा मुख्य रूप से रहे उपस्थित।
- अधिवेशन में डीन फादर हेरमोन खलखो मुख्य अनुष्ठाता के रूप में शामिल।
- वक्ताओं ने महिलाओं के नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता पर दिया जोर।
- बड़ी संख्या में महिला संघ की माताएं और बहनें कार्यक्रम में हुईं शामिल।
सिमडेगा जिले के पाकरटांड प्रखंड के खंजालोया पल्ली में बीरू भिखारिएट कैथोलिक महिला संघ का 11वां वार्षिक अधिवेशन उत्साह और एकजुटता के माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला संघ की माताएं और बहनें उपस्थित होकर अपने विश्वास, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के संकल्प को मजबूत किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिमडेगा विधायक सह कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूषण बाड़ा तथा बीरू भिखारिएट महिला संघ की सभानेत्री, कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष एवं पाकरटांड जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा मौजूद थीं।
अधिवेशन में मुख्य अनुष्ठाता के रूप में डीन फादर हेरमोन खलखो उपस्थित रहे। उनके साथ पल्ली पुरोहित फादर रंजीत डुंगडुंग, फादर पात्रिक खलखो और फादर पौलुस भी मौजूद थे।
समाज में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण: विधायक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि समाज की मजबूती में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि कैथोलिक महिला संघ केवल एक धार्मिक संगठन नहीं बल्कि समाज को सही दिशा देने वाली शक्ति है।
उन्होंने कहा कि जब महिलाएं संगठित होकर आगे बढ़ती हैं तो परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ी भी मजबूत होती है।
विधायक भूषण बाड़ा ने कहा, “समाज में शांति, भाईचारा और विकास को मजबूत करने के लिए महिलाओं का नेतृत्व बेहद जरूरी है।”
उन्होंने माताओं और बहनों से शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
संगठित महिला शक्ति समाज को बदल सकती है: जोसिमा खाखा
कार्यक्रम में कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष और जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा ने कहा कि महिला संघ की माताएं और बहनें समाज में सेवा, त्याग और समर्पण की मिसाल हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आज वे समाज के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
जोसिमा खाखा ने कहा, “संगठित महिला शक्ति किसी भी समाज को बदलने की ताकत रखती है।”
उन्होंने महिलाओं से शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक नेतृत्व के लिए आगे आने का आह्वान किया।
अधिवेशन में विभिन्न विषयों पर हुए विचार-विमर्श
अधिवेशन के दौरान कई वक्ताओं ने महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। मुख्य वक्ता फादर पात्रिक खलखो ने “मैंने तुमको प्रेम किया” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि ईश्वर का प्रेम मानव जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने कहा कि प्रेम, सेवा और आपसी सहयोग की भावना से ही परिवार और समाज मजबूत बनता है।
वहीं मुख्य वक्ता जोसफा सोरेंग ने “बच्चों की परवरिश में माताओं की चुनौतियाँ” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि आज के समय में माताओं की जिम्मेदारियां पहले से अधिक बढ़ गई हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को सही संस्कार, शिक्षा और अनुशासन देने में माताओं की भूमिका सबसे अहम होती है।
धर्मगुरुओं ने भी दिया संदेश
इस अवसर पर डीन फादर हरमन खलखो ने कहा कि महिला संघ समाज और चर्च को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने महिलाओं से समाज में प्रेम, एकता और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
पल्ली पुरोहित फादर रंजित डुंगडुंग ने कहा कि परिवार की नींव मजबूत बनाने में महिलाओं की अहम भूमिका होती है और विश्वास तथा प्रार्थना के मार्ग पर चलकर ही समाज में शांति और सद्भाव कायम रखा जा सकता है।
वहीं तमड़ा पल्ली पुरोहित फादर पौलुस ने कहा कि महिलाओं की एकता समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उन्होंने माताओं से बच्चों को अच्छे संस्कार देने और समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम की संचालिका सिस्टर सरिता ने कहा कि महिला संघ का उद्देश्य महिलाओं को जागरूक, संगठित और सशक्त बनाना है।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में धर्मप्रांतीय कैथोलिक सभा के अध्यक्ष माइकल खड़िया, उप सभा नेत्री जोसफा सोरेंग, कार्मेला कुल्लू, प्रतिमा कुजूर, उर्मिला केरकेट्टा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
साथ ही खंजालोया पारिस के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
न्यूज़ देखो: महिलाओं की भागीदारी से मजबूत होता है समाज
खंजालोया में आयोजित कैथोलिक महिला संघ का यह अधिवेशन केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण का भी महत्वपूर्ण मंच बना। ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को एकजुट होकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देते हैं।
जब महिलाएं शिक्षा, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ती हैं तो पूरा समाज विकास की दिशा में आगे बढ़ता है।
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जागरूक और संगठित महिला शक्ति ही समाज की असली ताकत
महिलाएं परिवार और समाज की आधारशिला होती हैं। यदि वे शिक्षित, जागरूक और संगठित हों तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
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